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गूगल पे के जरिए लेन-देन करते वक्त पैसे कट गए…लेकिन ट्रांसफर नहीं हुए…जानिए RBI के नियम, बैंक देगा जुर्माना


डिजिटल ट्रांजैक्शन फेल होने के बाद अगर अकाउंट से पैसे कट जाते हैं और पेमेंट नहीं होता तो बैंकों को यह पैसा एक तय समय में ग्राहक के अकाउंट में रिवर्स करना होता है. ऐसा नहीं करने पर बैंक को पेनाल्टी देनी पड़ती है

गूगल पे के जरिए लेन-देन करते वक्त पैसे कट गए...लेकिन ट्रांसफर नहीं हुए...जानिए  RBI के नियम, बैंक देगा जुर्माना
(सांकेतिक तस्वीर)

कई बार ऐसा होता कि है जब आपको बहुत जरूरी काम हो और ऐसे समय में NEFT, IMPS या UPI के जरिए पेमेंट फेल हो जाता है. कुछ मामलों में तो अकाउंट से पैसे भी कट जाते हैं और पेमेंट पूरा नहीं होता. इस स्थिति में लोगों को परेशान होना पड़ता है. 01 अप्रैल को ही नये वित्तीय वर्ष के शुरू होने की वजह से बैंकों में कामकाज बंद था. इस वजह से कई बैंकों के NEFT, IMPS और UPI पेमेंट को लेकर समस्या आ रही थी.

नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने एक ट्वीट में कहा कि फाइनेंशियल ईयर खत्म होने की वजह से कुछ बैंकों के UPI और IMPS से जुड़े ट्रांजैक्शन फेल होने के मामले आए हैं. हमने पाया कि इनमें से अधिकतर बैंकों की स्थिति सामान्य हो चुकी है. ग्राहक अब अबाध्य रूप से आईएमपीएस और यूपीआई सर्विसेज का लाभ ले सकते हैं.

हालांकि, NPCI की इस ट्वीट के रिप्लाई में कई ग्राहकों का कहना है कि उन्हें अभी भी ट्रांजैक्शन करने में समस्या आ रही है. उनके ट्रांजैक्शन बार-बार फेल हो रहे हैं. कुछ ग्राहकों ने रिप्लाई में कहा कि अभी तक पेमेंट फेल होने के बाद उनके अकाउंट से कटे पैसे अभी तक वापस नहीं आए हैं. ऐसे में एक ग्राहक के तौर पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि NEFT, IMPS या UPI ट्रांजैक्शन फेल होने के बाद बैंक अकाउंट में आखिर कब तक ये पैसे वापस आते हैं?

क्या कहना है आरबीआई का नियम

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 19 सितंबर 2019 को फेल हो चुके ट्रांजैक्शन के संबंध में एक सर्कुलर जारी किया था. इस सर्कुलर के अनुसार, अगर ट्रांजैक्शन फेल होने के बाद तय समय पर ग्राहक के अकाउंट में पैसे वापस नहीं आते हैं तो बैंक की ओर से ग्राहकों को प्रतिदिन 100 रुपये की पेनाल्टी देनी होगी.

सर्कुलर के अनुसार, अगर IMPS ट्रांजैक्शन फेल होने के समय ग्राहक के बैंक अकाउंट से पैसे कट जाते हैं और लाभार्थी के खाते में नहीं पहुंचते हैं तो ट्रांजैक्शन या उसके अगले दिन तक वापस आ जाना चाहिए. इसका मतलब है​ ​कि अगर आज कोई ट्रांजैक्शन फेल होता है तो अगले दिन तक पैसे ट्रांसफर करने वाले व्यक्ति के अकाउंट में पैसे रिवर्स हो जाने चाहिए. अगर बैंक इतने समय में पैसे ग्राहक के अकाउंट में नहीं भेजता है कि तो उन हर दिन के हिसाब से 100 रुपये की पेनाल्टी देनी होगी. यूपीआई ट्रांजैक्शन फेल होने की स्थिति में भी यही नियम लागू होता है.

कैसे और कहां करें शिकायत?

अगर आपका भी कोई ट्रांजैक्शन फेल हुआ है और तो आपको यह चेक करना चाहिए कि ट्रांजैक्शन के फेल होने के कितने दिन बाद यह पैसे अकाउंट में वापस आया है. अगर बैंक तय अवधि से ज्यादा समय लेता है तो आप सर्विस प्रोवाइडर के खिलाफ​ शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

अगर उनकी तरफ से इसे एक महीने के अंदर नहीं रिस्पॉन्स मिलता है तो आप आरबीआई के डिजिटल ट्रांजैक्शन, 2019 के ओम्बड्समैन स्कीम के तहत शिकायत कर सकते हैं. इस बारे में जानने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.

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