पीएचडी इन AI:IIT दिल्ली ने शुरू किया देश का पहला आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस स्कूल, अगले साल जनवरी से शुरू होंगे पीएचडी और मास्टर प्रोग्राम के लिए एडमिशन


  • भारत में IIT दिल्ली के नेतृत्व की स्थिति और वैश्विक स्थिति में सुधार लाना है स्कूल का मकसद
  • अगले दस साल में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जुड़े दस कोर फैकल्टी मैंबर को किया जाएगा नियुक्त

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT), दिल्ली ने अपने कैंपस में एक इंडिपेंडेंट स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ScAI) की स्थापना की है। यह देश का पहला एआई और IIT दिल्ली के कैंपस में 6वां स्कूल होगा। इंस्टीट्यूट अगले एकेडमिक ईयर 2021 से इसमें पीएचडी प्रोग्राम के लिए एडमिशन शुरू करेगा। इसके अलावा संस्थान बाद के एआई एमटेक प्रोग्राम भी शुरू करने की योजना बना रहा है। संस्थान के मुताबिक कोर एआई शोधकर्ताओं के संस्थान से जुड़ने के बाद स्टूडेंट्स को प्रोफेशनल लेवल एजुकेशनल प्रोग्राम भी शुरू किए जाएंगे।

एआई तकनीक से देश के विकास में होगा मददगार

आईआईटी दिल्ली के निदेशक वी रामगोपाल राव ने कहा, "एआई में एक कार्यक्रम की आवश्यकता है क्योंकि वर्तमान डिग्री व्यापक-आधारित हैं, जो छात्रों को एआई के अलग-अलग कॉन्सेप्ट्स को गहराई से सीखना में मददगार साबित नहीं होती।" संस्थान ने बुधवार को एक बयान में कहा कि, "स्कूल का उद्देश्य भारत में IIT दिल्ली के नेतृत्व की स्थिति को और अपनी वैश्विक स्थिति में सुधार लाना है"।

उन्होंने यह भी कहा कि, "किसी भी राष्ट्र की भविष्य की प्रगति उसकी एआई क्षमता पर निर्भर करती है।" भारत एआई कंपनियों और नौकरियों में दुनिया में पांचवें स्थान पर है, लेकिन यह "कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण पहलुओं, विशेष रूप से एआई शोधकर्ताओं की संख्या में" पिछड़ा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि यह स्कूल इस अंतर को भरने में मददगार साबित होगा।

अगले दस साल में नियुक्त होंगे दस कोर फैकल्टी मैंबर

आईआईटी का लक्ष्य 50 से अधिक आईआईटी-दिल्ली फैकल्टी मैंबर को व्यक्तिगत रूप से इस क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं में निवेश करने का लक्ष्य देना है। संस्थान के मुताबिक, "यह उद्योग या सरकार के लिए एआई नवाचारों के सहयोग या वित्त पोषण में रुचि रखने वाला केंद्र बन जाएगा।" इस स्कूल का मकसद उद्योग, सरकार और नागरिक समाज संस्थाओं को अपनी डोमेन समस्याओं को साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करना है। अगले दस साल में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जुड़े दस कोर फैकल्टी मैंबर को भी नियुक्त किया जाएगा। यह शोधकार्यों पर विशेष रूप से योगदान देंगे।

Comments

Popular posts from this blog

India-China Face Off: भारत-चीन के बीच हुआ युद्ध, तो जानें किसकी मिसाइल है ज्यादा कारगर?

मकर संक्रांति 2021 तिथि, शुभ मुहूर्त | मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है?

बड़ी ख़बर। महाराजपुरा पुलिस को मिली बड़ी सफलता