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MP: दमोह में ब्लैक फंगस के चार मामले सामने आए, जान बचाने के लिए दो लोगों की आंखें निकाली गई

MP: दमोह में ब्लैक फंगस के चार मामले सामने आए, जान बचाने के लिए दो लोगों की आंखें निकाली गई


दमोह की CMO डॉ संगीता त्रिवेदी ने कहा, ‘ब्लैक फंगस’ रोकने के लिए एम्फोटिसिरिन बी 50 एमजी इंजेक्शन की जरूरत होती है, लेकिन यह इंजेक्शन फिलहाल दमोह में उपलब्ध नहीं है

MP: दमोह में ब्लैक फंगस के चार मामले सामने आए, जान बचाने के लिए दो लोगों की आंखें निकाली गई
म्यूकोरमाइकोसिस.

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के दमोह जिले में कोविड-19 (Covid-19) से मुक्त हुए चार व्यक्तियों में म्यूकरमाइकोसिस (Mucormycosis) या ब्लैक फंगस का संक्रमण पाया गया है. इनमें से जान बचाने के लिए दो मरीजों की आंख निकालनी पड़ी. कोविड-19 (Covid-19) से ठीक हुए व्यक्तियों में म्यूकरमाइकोसिस संक्रमण के मामले आ रहे हैं, जिसे ‘ब्लैक फंगस’ के नाम से जाना जाता है. हालांकि, ये बहुत ही कम लोगों में आ रहे हैं. यह एक गंभीर लेकिन दुर्लभ फंगस संक्रमण है.

दमोह जिला चिकित्सालय में पदस्थ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ राकेश राय ने बताया, ‘‘दमोह जिले में अभी तक ऐसे चार मरीज सामने आए हैं, जो ‘ब्लैक फंगस’ संक्रमण का शिकार हुए हैं.’’ उन्होंने बताया कि इन मरीजों को नागपुर, जबलपुर ,भोपाल और इंदौर भेजा गया है.

ब्लैक फंगस का इंजेक्शन जिले में नहीं

वहीं, इस संबंध में दमोह जिले की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संगीता त्रिवेदी ने कहा कि ‘ब्लैक फंगस’ रोकने के लिए एम्फोटिसिरिन बी 50 एमजी इंजेक्शन की जरूरत होती है, लेकिन यह इंजेक्शन फिलहाल दमोह में उपलब्ध नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मरीजों को इलाज के लिए जिले से बाहर भेजा गया है.’’

क्या हैं म्यूकरमाइकोसिस के लक्षण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार साइनस की परेशानी, नाक का बंद हो जाना, दांतों का अचानक टूटना, आधा चेहरा सुन्न पड़ जाना, नाक से काले रंग का पानी निकलना या खून बहना, आंखों में सूजन, धुंधलापन, सीने में दर्द उठना, सांस लेने में समस्या होना एवं बुखार होना म्यूकरमाइकोसिस के लक्षण हैं. महाराष्ट्र एवं गुजरात में कोविड-19 से ठीक हुए व्यक्तियों में म्यूकरमाइकोसिस के अब तक कई मामले सामने आये हैं, जिसके चलते कई रोगी दृष्टिहीन हो गए हैं या उन्हें अन्य गंभीर दिक्कतें आ रही हैं.

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