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मोदी की दुकान’ खोलकर आप भी हर दिन कमा सकते हैं हजारों रुपये! जानिए स्कीम से जुड़ी सभी बातें

मोदी की दुकान’ खोलकर आप भी हर दिन कमा सकते हैं हजारों रुपये! जानिए स्कीम से जुड़ी सभी बातें


जन औषधि केंद्र से कमाई की बात करें तो यहां दवाओं की बिक्री पर आपको 20 फीसदी तक कमीशन मिलता है. इसके अलावा हर महीने होने वाली बिक्री पर अलग से 15 फीसदी तक का इंसेंटिव भी मिलता है

'मोदी की दुकान' खोलकर आप भी हर दिन कमा सकते हैं हजारों रुपये! जानिए स्कीम से जुड़ी सभी बातें
जन औषधि केंद्र से होगी अच्‍छी कमाई!

देश-दुनिया में बेरोजगारी (Unemployement) हमेशा से एक बड़ा मुद्दा रहा है. कोई अगर रोजगार (Business Opportunity) के बारे में सोचता है, अपना कोई काम शुरू करना चाहता है, तो उसके सामने 2 समस्या आती है. पहली ये कि कौन-सा काम करें और दूसरी सबसे अहम समस्या पूंजी की. इन दोनों समस्या का एक कॉमन समाधान आपको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू की गई जन औषधि केंद्र योजना (Pradhan Mantri Jan Aushadhi Kendra) में दिख सकता है.

बिहार के भागलपुर में जन औषधि केंद्र का संचालन करने वाले अभि​जीत बताते हैं कि इस योजना के जरिये आप दवाओं की बिक्री के अनुपात में हर दिन हजारों रुपये कमा सकते हैं. रही बात पूंजी की, तो कंद्र सरकार इसमें 7 लाख रुपये तक की मदद करती है. अभी पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को 7500वां जन औषधि केंद्र देश को समर्पित किया. जन औषधि दिवस के मौके पर 7 मार्च को उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य साल भर के अंदर जन औषधि केंद्रों की संख्या 10 हजार तक पहुंचाने का है.

जाहिर है कि बचे करीब साढ़े आठ महीने में 2500 जन औषधि केंद्र और खोले जाने हैं. इन 2500 जन औषधि केंद्र में से एक आपका भी तो हो सकता है. आपको बस कोशिश करनी है. जन औषधि केंद्र कैसे खोला जाए, आवेदन कैसे किया जाए, क्या प्रोसेस है… ये सब हम आपको बता दे रहे हैं.

कम पैसे में दवाएं उपलब्ध कराता है जन औषधि केंद्र?

जन औषधि केंद्र आम लोगों को कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई योजना है. केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना की शुरुआत की थी. इस स्कीम के जरिए देश के कई हिस्सों में केंद्र सरकार ‘प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र’ खोलने के लिए आम लोगों को प्रेरित कर रही है. सरकार की ओर से इसके लिए 5 लाख से 7 लाख रुपये तक की मदद की जाती है. जन औषधि केंद्र खोलने के लिए पहले की तुलना में नियमों में थोड़ा बदलाव हुआ है.  चूंकि पीएम मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना के जरिये खुले केंद्रों पर लोगों को सस्‍ती दवाएं मिल जाती हैं, इसलिए कई गांवों में इसे आम भाषा में ‘मोदी की दुकान’ भी कहा जाता है.

कोरोना काल में बढ़ गया है महत्व

देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच जन औषधि केंद्र का महत्व बढ़ गया है. कोरोना के लक्षण सामान्य सर्दी, खांसी, बुखार और फ्लू से काफी मिलते-जुलते हैं. जरूरी नहीं कि लोगों को कोरोना ही हो, बदलते मौसम में सीजनल फ्लू भी हो सकता है. कोविड की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाती है. बहरहाल इन बीमारियों के इलाज के लिए बहुत सी जेनरिक दवाएं भी आती हैं, जो जन औषधि केंद्र पर उपलब्ध होती है.

केंद्र सरकार करेगी 7 लाख रुपये तक की मदद

अगर किसी शहर में आप कोई नया जन औषधि केंद्र खोलते हैं, तो केंद्र सरकार आपको 5 लाख रुपये तक प्रोत्साहन राशि देगी. हालांकि अगर आपने केंद्र सरकार के किसी आकांक्षी जिले में खोला, तो आपको 2 लाख रुपये अतिरिक्त मिलेंगे. यानी आपको कुल 7 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि सरकार की ओर से मिलेगी. आकांक्षी जिला यानी जिस जिले में केंद्र खोलने का लक्ष्य केंद्र सरकार ने तय कर रखा हो.

अगर आप महिला हैं, नि:शक्त हैं या फिर अनुसूचित जाति या जनजाति कैटगरी से आते हैं तो भी केंद्र सरकार की ओर से आपको 7 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. जानकारी के लिए बता दें कि पहले प्रोत्साहन राशि सिर्फ 2.5 लाख रुपये थी.

20 फीसदी तक मिलता है कमीशन ?

जन औषधि केंद्र से कमाई की बात करें तो यहां दवाओं की बिक्री पर आपको 20 फीसदी तक कमीशन मिलता है. यही नहीं, इसके अलावा हर महीने होने वाली बिक्री पर अलग से 15 फीसदी तक का इंसेंटिव भी मिलता है. दोनों मिलाकर जो रकम आपको बचेगी, वह आपकी कमाई होगी. इस योजना के तहत आपको दुकान खोलने के लिए फर्नीचर वगैरह के लिए सरकार की ओर से 1.5 लाख रुपये तक की मदद की जाएगी. वहीं बिलिंग के लिए कंप्यूटर और प्रिंटर जरूरी होता है, इसलिए इसके लिए भी सरकार 50 हजार रुपये तक की मदद करेगी.

कौन कर सकते हैं आवेदन और कैसे करना होगा?

केंद्र सरकार ने जन औषधि केंद्र खोलने के लिए तीन तरह की कैटेगरी बनाई है. पहली कैटेगरी में कोई भी व्यक्ति, बेरोजगार फार्मासिस्ट, कोई डॉक्टर या पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर आते हैं. दूसरी कैटगरी में किसी ट्रस्ट, एनजीओ, प्राइवेट अस्पताल, स्वयं सहायता समूह आदि के जरिये केंद्र खोला जा सकता है. वहीं, तीसरी कैटेगरी में राज्य सरकारों की तरफ से नॉमिनेट की गई एजेंसियां आती हैं.

जन औषधि केंद्र के नाम से आपको रिटेल ड्रग सेल्स का लाइसेंस लेना होगा. आधिकारिक वेबसाइट http://janaushadhi.gov.in/online_registration.aspx पर जा कर आप आवेदन फार्म डाउनलोड कर सकते हैं. पहले आवेदन के लिए फीस नहीं लगती थी, लेकिन अब आवेदन शुल्क के तौर पर आपको 5000 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा. आवेदन स्वीकृ​त होने के बाद आप जन औषधि केंद्र खोल सकते हैं और अच्छी कमाई कर सकते हैं.

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