COVID, आपकी त्वचा और बालों को ध्यान में रखते हुए होली के लिए हर्बल रंग क्यों हैं जरूरी?


होली रंगों का त्योहार है. खुशी में सराबोर होने का त्योहार है. ये त्योहार है आपसी भाइचारे का. इस दिन लोग रंग और गुलाल की होली खेलते हैं. ये भारतीयों के दिलों में बहुत महत्व और एक विशेष स्थान रखता है


Holi 2021: COVID, आपकी त्वचा और बालों को ध्यान में रखते हुए होली के लिए हर्बल रंग क्यों हैं जरूरी?
होली

होली रंगों का त्योहार है. खुशी में सराबोर होने का त्योहार है. ये त्योहार है आपसी भाइचारे का. इस दिन लोग रंग और गुलाल की होली खेलते हैं. ये भारतीयों के दिलों में बहुत महत्व और एक विशेष स्थान रखता है क्योंकि ये वसंत ऋतु का स्वागत करने का सबसे सुंदर तरीका भी है. कोरोनावायरस का प्रकोप भारतीयों के दिलों में थोड़ी निराशा लेकर जरूर आया है लेकिन होली के दौरान हमेशा अपने बालों, त्वचा और स्वास्थ्य की रक्षा करने का एक सुरक्षित तरीका भी लोग अपना रहे हैं.

केमिकल्स के साथ रंगों का इस्तेमाल त्वचा और बालों को प्रतिकूल रूप से नुकसान पहुंचा सकता है. अगर आप लापरवाह तरीके से होली मनाना चाहते हैं, तो हर्बल रंगों को चुनें. आज हम इस होली के लिए COVID, आपके बालों और त्वचा को ध्यान में रखते हुए हर्बल या ऑर्गेनिक रंगों के साथ होली क्यों खेलना चाहिए? इसके बारे में कुछ चीजें बता रहे हैं, जो आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होंगी.

हर्बल रंग आपकी त्वचा और बालों को प्रभावित नहीं करते हैं

होली पर एक-दूसरे को रंग लगाना हमें बहुत ज्यादा खुशी देता है. हम अपने दोस्तों और परिवारों के साथ इस त्योहार को मनाते हैं. ये निश्चित रूप से इस त्योहार का एक मजेदार हिस्सा है लेकिन केमिकल रूप से निर्मित रंगों का उपयोग करने से त्वचा, बालों और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. इसलिए इस दौरान हर्बल रंगों का प्रयोग करना सबसे अच्छा विकल्प है. ये रंग 100 प्रतिशत प्राकृतिक हैं और त्वचा, बालों के साथ-साथ पर्यावरण को भी सुरक्षित रखते हैं. हर्बल रंगों को आसानी से धोया भी जा सकता है.

Herbal Colors

Herbal Colors

हर्बल रंग उपयोग करने के लिए 100 प्रतिशत सुरक्षित हैं

महामारी जैसी गंभीर स्थिति में, अपने दोस्तों, परिवार और खुद की सुरक्षा भी सुनिश्चित करना जरूरी है. हर्बल रंग या जैविक रंग 100 प्रतिशत सुरक्षित होते हैं और आपको जलन या एलर्जी से दूर रख सकते हैं जो कुछ केमिकल्स की वजह बनते हैं. प्राकृतिक रंग तांबा, सल्फेट, सीसा, ऑक्साइड और पारा से मुक्त हैं जो सिंथेटिक रंगों के प्रमुख कंपोनेंट हैं.

इन्हें आसानी से धोया जा सकता है

हर्बल रंगों से बालों से संबंधित कोई समस्या नहीं होती है, जैसे कि सूखापन या बालों का झड़ना, कंपन और डिसकलरेशन को कम करना. रंग कपड़ों पर से आसानी से चले भी जाते हैं और आसानी से आप अपनी त्वचा और बालों को बिना किसी नुकसान के धो सकते हैं. इसलिए बेहतर है कि आप इन हर्बल रंगों का ही इस्तेमाल होली पर करें.

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