कहां और कितना खर्च कर रहा है आपका बच्चा, मोबाइल से ऐसे रख पाएंगे नजर


जूनियो ऐप के जरिये माता-पिता अपने बच्चों को इन एप डेली टास्क देकर उन्हें सुविधाओं के साथ जोड़ सकते हैं. यह ऐप एटीएम के लिए निकासी सीमा निर्धारित करने जैसी सुविधाएं भी देता है

कहां और कितना खर्च कर रहा है आपका बच्चा, मोबाइल से ऐसे रख पाएंगे नजर
जूनियो ऐप (Junio App)

आप नौकरीपेशा हों या फिर अपना कोई रोजगार करते हों, बचत और निवेश करने की सलाह सभी को दी जाती है. घर का बजट न बिगड़े और भविष्य में आने वाली बड़ी जरूरतों पर भी कोई दिक्कत न हो, इसके लिए आ​र्थिक प्रबंधन जरूरी होता है. एक्सपर्ट बताते हैं कि फाइनेंशियल एजुकेशन और प्लानिंग घर के बच्चों को किशोरावस्था से ही सिखानी चाहिए.

स्कूल-कोचिंग आने-जाने के लिए, कुछ खाने-वाने के लिए, स्कूली जरूरतों की खरीदारी के लिए या फिर अन्य जरूरी कामों के लिए बच्चों को पॉकेट मनी (Pocket Money) दी जाती है. लेकिन अभिभावकों की बड़ी चिंता ये होती है, इस पॉकेट मनी को बच्चे कहीं गलत चीजों में खर्च तो नही कर रहे.

मां-बाप या गार्जियन्स को इस बात को लेकर हमेशा टेंशन होती है. वे जान नहीं पाते कि पॉकेट मनी को बच्चे कहां खर्च कर रहे हैं! लेकिन अब घबराने की बात नहीं है. पेटीएम के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी अधिकारी शंकर नाथ और अंकित गेरा के स्टार्टअप ने इस टेंशन को दूर करने के लिए एक ऐप लॉन्च किया गया है. इससे गार्जियन यह पता लगा सकेंगे कि बच्चे कहां खर्च कर रहे हैं. साथ ही यह ऐप बच्चों को बचत का पाठ (Lesson of Saving) भी पढ़ाएगा.

क्या है जूनियो ऐप, क्या फायदे होंगे?

डिजिटल पॉकेट मनी ऐप (Digital Pocket Money App) जूनियो बच्चों पर केंद्रित है. शंकर नाथ और अंकित गेरा ने सितंबर में अपना स्टार्टअप शुरू किया था. दिल्ली के इस स्टार्टअप ने पिछले ही महीने अपने एंजेल राउंड में 10 करोड़ रुपये जुटा लिए और अब ऐप लॉन्च कर दिया है. इस ऐप को बनाने का उद्देश्य बच्चों को अपने माता-पिता की मदद से खुद की पॉकेट मनी और बचत सिखाना और प्रबंधन सिखाना है. दावा है कि इसके जरिए बच्चे कम उम्र में ही वित्तीय ज्ञान और अनुशासन प्राप्त करेंगे.

खर्च का रिकॉर्ड रहेगा

इस ऐप के जरिए तत्काल पॉकेट मनी ट्रांसफर तो होगा ही, यह ऐप माता-पिता को बच्चों द्वारा किए गए खर्च का रिकॉर्ड रखने की भी सुविधा देता है. जूनियो ऐप के जरिये माता-पिता अपने बच्चों को इन एप डेली टास्क देकर उन्हें सुविधाओं के साथ जोड़ सकते हैं. यह ऐप एटीएम के लिए निकासी सीमा निर्धारित करने जैसी सुविधाएं भी देता है. साथ ही गार्जियन को ऐप का उपयोग करके किसी भी समय कार्ड रद्द करने की सुविधा देता है.

डिजिटल भुगतान की लोकप्रियता

जूनियो के सह-संस्थापक अंकित गेरा के मुताबिक, बच्चों पर केंद्रित पेमेंट प्लेटफार्म भारत में एक नई अवधारणा है. जैसे-जैसे हम कैशलेस इकोनॉमी की ओर बढ़ रहे हैं, डिजिटल भुगतान की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है. आने वाले वर्षों में यह और ज्यादा बढ़ेगी. इसी दिशा में बच्चों पर केंद्रित डिजिटल पॉकेट मनी ऐप लॉन्च किया गया है. उन्होंने कहा कि जूनियो के लॉन्च के साथ, हम आर्थिक रूप से स्मार्ट और सशक्त युवा पीढ़ी बनाने की कल्पना करते हैं.

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