Skip to main content

सावधान! स्मार्टफोन में हैं ऐसे ऐप्स तो लग सकता है फटका, फर्जी ट्रायल के नाम पर वसूल रहे मोटी रकम


स्मार्टफोन के इस दौर में कई ऐप्स ट्रायल के नाम पर डाउनलोड करने को कहते हैं. इसके बाद यूजर्स से खूब पैसा कमाते हैं. चौकाने वाली बात तो यह है कि इन ऐप्स को डिलीट करने के बाद भी यूजर्स को पैसे वसूले जाते हैं

सावधान! स्मार्टफोन में हैं ऐसे ऐप्स तो लग सकता है फटका, फर्जी ट्रायल के नाम पर वसूल रहे मोटी रकम
ये ऐप्स यूजर्स से 2.48 लाख सालाना तक चार्ज करते हैं.

जिन मोबाइल ऐप में कम समय के ​लिए फ्री ट्रायल होता है, उन्हें फ्लिकवेयर कहते हैं. बीते कुछ समय में इन ऐप्स ने डाउनलोडर्स से खूब पैसा कमाया है. ये ऐप्स यूजर्स से बड़े सब्सक्रिप्शन फीस चार्ज करते हैं और यूजर्स को कई बार तो इसके बारे में पता भी नहीं होता है. ये ऐप्स उन यूजर्स को टार्गेट करते हैं, जिन्हें सब्सक्रिप्शन मॉडल के बारे में खास जानकारी नहीं है. सब्सक्रिप्शन के लिए तब भी चार्ज वसूला जाता है, जब यूजर्स ने ऐप तक डिलीट कर दिया है.

दरअसल अगर कोई यूजर ऐप डिलीट करते समय सब्सक्रिप्शन कैंसिल नहीं करते हैं तब तक उनसे चार्ज वसूला जाता है.

अवास्ट ने रिपोर्ट में किया खुलासा

इस एक ट्रिक से सैकाड़ों ऐप्स करीब 400 मिलियन डॉलर रेवेन्यू के तौर पर जेनरेट करते हैं. भारतीय रुपये में यह रकम करीब 2897 करोड़ रुपये होती है. ये ऐप्स आपको ऐप्पल और गूगल के प्ले स्टोर पर मिल जाएंगे. सिक्योरिटी सॉलुशन कंपनी अवास्ट ने अपनी एक रिपोर्ट में इस बारे में जानकारी दी है.

अवास्ट की टीम ने ऐसे 204 मोबाइल ऐप्स का पता लगाया है. इनमें से 134 ऐप्स ऐप्पल के ऐप स्टोर पर हैं, जबकि 70 ऐप्स गूगल प्ले स्टोर पर हैं. इन्हें 500 मिलियन बार इंस्टॉल किया जा चुका है. ये ऐप्स शुरू में ट्रायल के तौर पर काम करते हैं. बाद में सब्सक्रिप्शन चार्ज करते हैं. कुछ ऐप्स तो यूजर्स से 3,432 डॉलर सालाना यानी 2.48 लाख रुपये तक चार्ज करते हैं.

इस साइबरसिक्योरिटी फर्म ने बताया कि ऐसा बहुत कम होता है, जब कोई यूजर ऐप्स के लिए इतनी बड़ी रकम चुकाए. खासतौर पर तब, जब उनके पास बेहद सस्ते में इन ऐप्स का विकल्प मौजूद हो. ये ऐप्स पाम री​डींग, कैमरा फिल्टर्स, इमेज रीडींग और म्युजिकल इंस्ट्रूमेंट्स जैसे ऐप्स होते हैं.

यूजर्स को झांसे में फंसाने के लिए क्या तरीका इस्तेमाल करते हैं ये ऐप्स?

इन ऐप्स को अरबों बार डाउनलोड किया जा चुका है और ज्यादातर डेवलपर्स के लिए बेहद आकर्षक माने जाते हैं. दरअसल, जो लोग इन ऐप्स को इंस्टॉल करते हैं उनके एक छोटे से हिस्से से भी इन ऐप्स जमकर कमाई होती है.

ये ऐप्स रोचक थीम्स और लुभावने विज्ञापन से लोगों को डाउनलोड करने पर मजबूर करते हैं. जब तक यूजर को पता चलता है, तब तक इन ऐप्स के जरिए अच्छा खासा पैसा वसूल जा चुका होता है.

पॉपुलर सोशल नेटवर्क पर प्रोमोट होते हैं ये ऐप्स

फ्लिकवेयर ऐप्स विज्ञापन करने और ऐप्स को प्रोमोट करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाते हैं. इन ऐप्स का विज्ञापन आपको आसानी से फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म पर मिल जाएगा. जब एक बार कोई यूजर इन ऐप्स के विज्ञापन पर टैप करता है, तब उन्हें ऐप स्टोर या प्ले स्टोर के मार्केटप्लेस पर रिडायरेक्ट कर दिया जाता है.

इन ऐप्स की प्रोफाइल की रेटिंग आमतौर पर 4 या 5 स्टार होती है. अधिकतर रेटिंग्स फर्जी होते हैं. बड़ी संख्या में किए गए फर्जी रिव्यू की वजह से जो सही रिव्यू होते हैं, उनपर खास ध्यान नहीं जाता है. इससे यूजर कन्फ्यूज होते हैं और इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि वे ऐप को डाउनलोड करें.

Comments

Popular posts from this blog

मकर संक्रांति 2021 तिथि, शुभ मुहूर्त | मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है?

मकर संक्रांति मकर संक्रांति  का भारतीय धार्मिक परम्परा में विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन सूर्य धनु राशि को छोड़ कर मकर राशि में प्रवेश कर उत्तरायण में आता है। शास्त्रों के अनुसार यह सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है और इसीलिए इस दिन जप, तप, दान, स्नान का विशेष महत्व है।  मकर संक्रांति  परंपरागत रूप से 14 जनवरी या 15 जनवरी को मनाई जाती आ रही है।  मकर संक्रांति  में ‘मकर’ शब्द मकर राशि को इंगित करता है जबकि ‘संक्रांति’ का अर्थ संक्रमण अर्थात प्रवेश करना है।  मकर संक्रांति  के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। एक राशि को छोड़कर दूसरे में प्रवेश करने की इस विस्थापन क्रिया को संक्रांति कहते हैं। शास्त्रों के नियम के अनुसार रात में संक्रांति होने पर अगले दिन भी संक्रांति मनाई जाती है। मकर संक्रांति  के दिन सूर्य दक्षिणायन से अपनी दिशा बदलकर उत्तरायण हो जाता है अर्थात सूर्य उत्तर दिशा की ओर बढ़ने लगता है, जिससे दिन की लंबाई बढ़नी और रात की लंबाई छोटी होनी शुरू हो जाती है। भारत में इस दिन से बसंत ऋतु की शुरुआत मानी जाती है। अत:  मकर संक्रांति  को उत्तरायण के नाम से भी जाना जाता है। तम

रफत वारसी भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष बनाये गए

मध्य प्रदेश भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे की जवाबदारी प्रदेश के  युवा व वरिष्ठ नेता श्री रफत वारसी के हाथों में  मध्य प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णु दत्त शर्मा ने मध्य प्रदेश के भाजपा संगठन का विस्तार किया है जिसमें मोर्चे के नए प्रदेश अध्यक्षों की भी नियुक्ति की गई है जिसमें मध्य प्रदेश के वरिष्ठ व युवा नेता श्री रफत वारसी को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की जवाबदारी सौंपी गई है श्री रफत वारसी मध्यप्रदेश में एक उभरते हुए अल्पसंख्यक चेहरे है और भाजपा आलाकमान ने नए चेहरे के रूप में श्री वारसी साहब को यह नई जवाबदारी सौंपी है जिससे मध्य प्रदेश में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा और मजबूत होने की संभावना बढ़ गई है वर्तमान में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा में नई और युवा पीढ़ी के लोग अधिकतर काम कर रहे हैं और वारसी साहब के प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से इसमें और अधिक वृद्धि होगी क्योंकि नए प्रदेश अध्यक्ष श्री वारसी साहब मध्यप्रदेश में अल्पसंख्यक समाज में अपनी गहरी पैठ रखते हैं उनके प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा बेहतर

शहीद हसमत वारसी जी के सुपुत्र रफत वारसी को मिला प्रदेश में महत्वपूर्ण पद

    शहीद हसमत वारसी जी  के सुपुत्र रफत वारसी को मिला प्रदेश में महत्वपूर्ण  पद          वी डी शर्मा जी ने गले लगा कर दी बधाई      मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी से आशीर्वाद लेते हुए       वी डी  शर्मा जी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  ने दिया आशीर्वाद          अपनी माँ परवीन वारसी जी से दुआयें  लेते हुए रफत वारसी ने किया पदभार ग्रहण 17 जनवरी 2021 को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष रफत वारसी ने किया पदभार ग्रहण रफत वारसी ने कहा मुस्लिम समाज में कई तरह के भ्रम हैँ जिन्हे दूर करने के लिए एक दल के साथ पुरे प्रदेश का भ्रमण करेंगे ! साथ ही उन्होंने पदभार ग्रहण में आये हुए  सभी  साथियों का तहे दिल से शुक्रिया  अदा किआ 

SHOP WITH US Apparel & Accessories