शिवराज कैबिनेट में कई अहम फैसले, एमपी का बजट भी होगा ऑनलाइन और पेपरलेस

शिवराज कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय बजट का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने पर चर्चा, विभागों को दिए गए निर्देश...।

भोपाल। केंद्रीय बजट के दूसरे दिन मंगलवार को शिवराज कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। इस बैठक में केंद्रीय बजट का ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने पर सभी विभागों को निर्देशित किया गया। कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र ने मीडिया को दी। इस बैठक में खास बात यह रही कि मध्यप्रदेश के बजट को भी ऑनलाइन और पेपरलेन प्रस्तुत करने का फैसला लिया गया।

 

कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ केंद्रीय बजट पर भी चर्चा की। केंद्रीय बजट में किस विभाग को क्या मिला है और इस पर क्या लाभ होगा। इस पर भी बात की। इसके अलावा आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश पर भी चर्चा की। इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बजट पर कहा था कि यह सभी वर्गों को राहत देने वाला बजट है। राज्यों को 4 फीसदी पैसा लेने के प्रावधान करने से भी प्रदेश की विकास दर बढ़ेगी।

 

केंद्रीय बजट का उठाया जाएगा फायदा

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि आज की चर्चा काफी सारगर्भित रही। केंद्र सरकार के बजट का ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने के लिए मुख्यमंत्री की ओर से सभी विभागों को अध्ययन करने के लिए निर्देशित भी किया है। स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभागों के लिए जो बजट में प्रावधान किए गए हैं, उनपर फोकस करने को कहा गया है। मिश्र ने कहा कि इस ऐतिहासिक बजट का हमें ज्यादा से ज्यादा लाभ लेना है। आत्मनिर्भर भारत के लिए आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश जैसा बजट दिखना चाहिए। मिश्र ने कहा कि इसी माह मध्यप्रदेश के बजट को भी टेबलेट के जरिए ऑनलाइन प्रस्तुत किया जाएगा। इस बार का बजट पेपरलेन होगा।

 

 

और क्या हुआ बैठक में

  • प्रदेश में सभी सहकारी दुग्ध संघों से जुड़े दुग्ध उत्पादक किसानों को लॉकडाउन अवधि का बकाया 14 करोड़ 80 लाख रुपए का भुगतान करने का भी निर्णय लिया है।
  • प्रदेश में सड़कों का निर्माण करने वाले ठेकेदारों की परफॉर्मेंस गारंटी 5 फ़ीसदी से घटाकर 3 फ़ीसदी करने का फैसला लिया है।
  • प्रदेश में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी विभाग की दो संस्थाओं इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम और एमपीआईटी का विलय कर एक संस्था एमपीसीडीसी का गठन करने का निर्णय लिया है।
  • -बैठक में एमपीसीडीसी में दो विभागों को मर्ज करने का फैसला लिया गया।
  • स्कूल शिक्षा विभाग का प्रेजेंटेशन भी हुआ। पुरानी शाला बंद नहीं होगी।
  • मध्यप्रदेश का बजट भी टेबलेट के जरिए प्रस्तुत होगा।
  • नए स्कूल खोले जाएंगे, पुराने स्कूल बंद नहीं होंगे।

मध्यप्रदेश का बजट-सत्र 22 से

मध्यप्रदेश सरकार भी 22 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र के लिए तैयारी में जुटी हुई है।

 

इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई।

 

इन प्रस्तावों पर भी चर्चा

कैबिनेट बैठक में आरक्षक पदोन्नति समेत 10 अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई। सहकारिता संशोधन नियम, पंचायत, शिक्षा विभाग समेतसमर्थन मूल्यों पर खरीदी की कार्ययोजना शामिल हैं।

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