ट्रेन में भी प्लेन जैसा सफर! अब सिर्फ राजधानी नहीं, साधारण AC डिब्बे में भी मिलेंगी ये सुविधाएं


कोच में पीआईएस और जीपीएस सिस्टम भी लगाए गए हैं. सबसे खास बात यह है कि ये यात्री डिब्बा 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने के लिए अनुकूल है. इस स्पीड पर चलने में भी आपको जरा भी पता नहीं चलेगा.

ट्रेन में भी प्लेन जैसा सफर! अब सिर्फ राजधानी नहीं, साधारण AC डिब्बे में भी मिलेंगी ये सुविधाएं
भारतीय रेलवे की आधुनिक एसी कोच

भारतीय रेल द्वारा Economy Class के लिए नए AC 3-Tier कोच का निर्माण किया गया है. ये कोच 160 किमी/घंटे की गति से चलने के लिए इनोवेटिव तरीके से डिजाइन किए गए हैं, इनमें आधुनिक सुविधाओं के साथ ही सीट क्षमता भी बढ़ाई गई है.

इस कोच के जरिये विश्व में सबसे सस्ती एसी कोच का सफर कराया जाएगा. रेल मंत्रालय ने यह दावा किया है. सरकार की कोशिश है कि आने वाले समय में कम कीमत पर लोगों को आरामदायक सफर का आनंद दिया जा सके. इसी कोशिश के तहत नए एसी कोच बनाए जा रहे हैं जो सफर में आराम के साथ रेलवे का खर्च भी घटाएंगे. इस कोच का निर्माण अक्टूबर 2020 में आरसीएस, कपूरथला में शुरू किया गया.


इस आधुनिक नए रेल डिब्बे में यात्रियों की सुविधा का पूरा खयाल रखा गया है. डिब्बे की डिजाइन इस तरह से की गई कि लोगों का मन खुश हो जाए. साथ ही पहले के डिब्बों की तुलना में अंदर जगह भी बढ़ गई है और यात्रियों के लिए कुछ सुविधाएं भी बढ़ा दी गई हैं. कोच का निर्माण इस तरह से किया गया है कि पहले यात्रियों के लिए जो 72 सीटें/बर्थ होती थीं, वह अब बढ़कर 83 हो गई हैं. डिब्बे के डिजाइन में अनेकों इनोवेशन किए गए हैं. जैसे हाई वोल्टेज इलेक्ट्रिक स्वीच गियर्स को कोच के नीचे शिफ्ट किया गया है.

अब 72 नहीं, 83 लोग बैठ सकेंगे

स्वीच गियर्स डिब्बे के नीचे शिफ्ट होने से कोच में सीटों की संख्या बढ़ गई है. अब डिब्बे में 72 नहीं बल्कि 83 लोग सफर कर सकेंगे. कोच में पहले भारी बर्थ लगाए जाते थे जिसमें बड़ा बदलाव करते हुए कम वजनी मॉड्यूलर बर्थ लगाए गए हैं. इससे बर्थ का स्वरूप पूरी तरह से बदल गया है. सबसे बड़ी बात यह है कि हर वर्थ के लिए अलग-अलग एसी वेंट दिए गए हैं. इन वेंट के जरिये आपकी सीट पर एसी की हवा आएगी. पहले यह व्यवस्था नहीं थी और पूरे कोच के लिए एसी का एक ही सिस्टम था.

कोच में अब साइड बर्थ के लिए भी स्नैक टेबल (जिस पर रखकर खाना खाते हैं) की सुविधा है. हर बर्थ पर यूएसबी चार्जर पॉइंट, बोटल होल्डर और रीडिंग लाइट लगाई गई है. मीडिल और अपर बर्थ पर चढ़ने के लिए एडवांस डिजाइन सीढ़ियां लगाई गई हैं. हर डिब्बे में दिव्यांगजनों के प्रवेश के अनुकूल दरवाजों और शौचालयों का प्रावधान किया गया है जो अपने आप में एक नई पहल है.

चमकदार और सुविधासंपन्न कोच

कोच के अंदर घुसते ही आपको एक नई चमक दिखेगी क्योंकि पूरे डिब्बे में चमकते मेटल का इस्तेमाल किया गया है. हर बर्थ के लिए अलग से दिख जाने वाले सीट नंबर को भी डिस्प्ले किया गया है. कोच में पीआईएस और जीपीएस सिस्टम भी लगाए गए हैं. सबसे खास बात यह है कि ये यात्री डिब्बा 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने के लिए अनुकूल है. इस स्पीड पर चलने में भी आपको जरा भी पता नहीं चलेगा और सफर आरामदायक होगा. डिब्बे के अंदर बेहतर फायर सेफ्टी के लिए दुनिया के उच्चतम मानकों वाली तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. इस नए कोच के आने से लोगों के एसी में सफर का सपना साकार तो होगा ही, इससे स्पेशल ट्रेनों की क्षमता भी बढ़ेगी.

इस ट्रेन में तेजस जैसी सुविधा

एक अन्य बड़े फैसले में रेल मंत्रालय ने फैसला किया है कि अगरतला-आनंद विहार टर्मिनल स्पेशन राजधानी एक्सप्रेस के रेक को तेजस स्लीपर कोच में बदला जाएगा. ये कोच कई उन्नत सुविधाओं से लैस होंगे. अगरतला से दिल्ली आने वाले लोगों को कोच में एक साथ कई सुविधाओं का लाभ होगा. इन कोच में कई स्मार्ट फीचर्स लगे हैं जिससे यात्रियों का सफर काफी आरामदेह होगा. इस तेजस सर्विस को 15 फरवरी से शुरू किया जा रहा है. इसके अलावा, भारतीय रेल द्वारा यात्रियों को नई तकनीक से आधुनिक सुविधाएं देने की दिशा में एक और शुरुआत करते हुए हावड़ा – नई दिल्ली राजधानी में Smart Window System लगाया गया है. इसके द्वारा यात्री सिर्फ एक स्विच की मदद से विंडो के शीशों को अपनी सुविधानुसार पारदर्शी या अपारदर्शी बना सकते हैं.

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