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अवैध कॉलोनाइजर के खिलाफ बड़ा अभियान, 50 करोड़ की जमीन मुक्त

- 50 करोड़ की जमीन पर विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों का ढांचा नष्ट
- मुरैना, अंबाह और जौरा में प्रशासन ने की कार्रवाई
- नगरीय निकायों के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई

मुरैना. नगर निगम ने प्रशासन के सहयोग से शुक्रवार को नगरीय सीमा में विकसित हो रही है कॉलोनियों के खिलाफ अभियान शुरू किया। प्रशासन ने लालौर, हिंगौनाकलां और अतरसूमा मौजे में करीब 90 बीघा भूमि पर विकसित हो रही कॉलोनियों का ढांचा नष्ट कराया। कलेक्टर बी कार्तिकेयन और एसपी सुनील कुमार पांडेय के साथ नगर निगम आयुक्त अमरसत्य गुप्ता व एसडीएम आरएस बाकना इस दौरान मौके पर मौजूद रहे। कॉलोनी बना रहे लोगों में कोई भी विरोध करने नहीं आया।

आयुक्त अमरसत्य गुप्ता ने बताया कि जो कॉलोनियां नष्ट की गई हैं, उनकी कोई अनुमति नहीं थी। टैक्स भी जमा नहीं कराया गया था। खनिज अधिकारी एसके निर्मल, तहसीलदार, सिटी कोतवाली पुलिस स्टाफ ,राजस्व अधिकारी भी कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे। नगर निगम की सीमा के लालौर मौजे में 2 कॉलोनियों को राजस्व अधिकारियों ने देखा। यहां अवैध रूप से गिट्टी, मुरम रेत डला था। सीमेंट की सडक़ें बनाई जा रही थीं।

ग्राम अतरसुमा में भी दो और हिगोना कलां मे इस प्रकार की एक कॉलोनी विकसित जा रही थी। सभी के ढांच नष्ट कराने के साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि वास्तव में इन कॉलोनियों का निर्माण कौन कर रहा था। हिंगौना कलां में तो अधिकारियों ने विनीत सिकरवार और राहुल कंषाना के नाम सामने आने की बात कही है, हालांकि दस्तावेज जांचे जा रहे हैं। जब अधिकारियों ने मौके पर चल रहे निर्माण कार्य, अधोसंरचना विकास की जानकारी ली तो पाया कि डायवर्सन कराए बिना ही कॉलोनियां बनाई जा रही हैं। इसलिए हिटैची लगाकर ढांचा नष्ट किया गया।


गल्ला मंडी के पीछे बन रही थी कॉलोनी

अंबाह में गल्ला मंडी के पीछे स्थित कॉलोनी पर अनुभाग अधिकारी राजीव समाधिया के नेतृत्व में तहसीलदार राजकुमार नागोरिया एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी रामनिवास शर्मा के साथ राजस्व अमले ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर अवैध कॉलोनियों का ढांचा खत्म किया। भूमि सर्वे क्रमांक 1982 रकबा 0.387 खसरा नंबर 1983 रकबा 0.366 एवं खसरा नंबर 1973 रकबा 0.254 हेक्टेयर में तीन कॉलोनियां बन रही थीं। कॉलोनी बनाने वालों को तीन दिन पहले ही नोटिस जारी किए थे। समय सीमा में किसी ने जवाब नहीं दिया, न ही कोई दस्तावेज प्रस्तुत किए। इस पर प्रशासन कॉलोनियों का ढांचा नष्ट कराया। मौके पर बनी हुई सडक़ों को उखाड़ दिया। साथ ही मौके और जगह का सीमांकन किया।


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शमशान की भूमि पर किया था कब्जा
जौरा के बिलगांव में शमशान की शासकीय भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को तोड़ा गया। अनुविभागीय अधिकारी नीरज शर्मा के निर्देशन में प्रभारी तहसीलदार कल्पना शर्मा, प्रभारी थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह कुशवाह, आर आई राकेश कुलश्रेष्ठ, हल्का पटवारी मनोज पाराशर, पुलिस बल, राजस्व विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। मुक्तिधाम के लिए आरक्षित शमशान की शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 1628 रकबा लगभग 5 आरे पर गांव के निवासी चक्रपान शर्मा पुत्र राजाराम शर्मा द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर बाउंड्री वाल का निर्माण करने की शिकायत ग्राम पंचायत ने कलेक्टर से की थी। शिकायत सही पाए जाने पर कार्रवाई की गई। प्रभारी तहसीलदार कल्पना शर्मा ने बताया कि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई उक्त शासकीय शमशान की भूमि की कीमत लगभग 15 लाख रुपए है।

जारी रहेगी कार्रवाई
कलेकटर बी कार्तिकेयन ने कहा है कि माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। अवैध कॉलोनी और सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों पर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

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