-->
हाउस लोन लेने वालों के लिए जरूरी खबर, loan ट्रांसफर कराया तो देना पड़ सकता है भारी जुर्माना

हाउस लोन लेने वालों के लिए जरूरी खबर, loan ट्रांसफर कराया तो देना पड़ सकता है भारी जुर्माना


हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को बहुत मेहनत करनी होती है, इस पर समय और संसाधन का खर्च होता है. पैसे का खर्च अलग से है. इसमें कई कस्टमर ऐसे हैं जो 6 माह से 1 साल के अंदर बैंकों में अपना लोन ट्रांसफर करा लेते हैं क्योंकि बैंकों का लोन सस्ता हो गया है

हाउस लोन लेने वालों के लिए जरूरी खबर, loan ट्रांसफर कराया तो देना पड़ सकता है भारी जुर्माना
3 साल से पहले होम लोन ट्रांसफर कराने पर देना पड़ सकता है जुर्माना (सांकेतिक तस्वीर)

जिन लोगों ने हाउस लोन लिया है, उनके लिए ये जरूरी खबर है. देश के लगभग सभी बैंक रिकॉर्ड स्तर पर सबसे कम ब्याज के साथ होम लोन दे रहे हैं. इससे हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFC) को बहुत घाटा हो रहा है. जाहिर सी बात है कि जब बेहद कम ब्याज पर बैंक होम लोन देंगे तो हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों का क्या काम रह जाएगा. बैंकों में मिलने वाली इस सुविधा को देखते हुए ग्राहक अपना होम लोन फाइनेंस कंपनियों से बैंकों में ट्रांसफर करा रहे हैं.

HFC से होम लोन ट्रांसफर कराने वाले लोगों की दर 7-10 परसेंट पर पहुंच गया है. इस वजह से फाइनेंस कंपनियों की चिंता बढ़ गई है. इस मामले को सुलझाने के लिए फाइनेंस कंपनियां रिजर्व बैंक और नेशनल हाउसिंग बैंक से लगातार बातचीत कर रही हैं. फाइनेंस कंपनियां रिजर्व बैंक से इस बात की अनुमति चाहती हैं कि अगर कोई कस्टमर उनके होम लोन के अमाउंट का ट्रांसफर कराते हैं, तो उन पर प्रीपेमेंट पेनाल्टी लगाई जा सके. अगर हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को ये इजाजत मिल जाती है तो लोन ट्रांसफर करने पर जुर्माना देने की नौबत आ जाएगी.

फाइनेंस कंपनियों का तर्क

हाउसिंग कंपनी के एक प्रमुख ने ‘बिजनेस लाइन’ से कहा, कस्टमर लेने के लिए हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को बहुत मेहनत करनी होती है, इस पर समय और संसाधन का खर्च होता है. पैसे का खर्च अलग से है. इसमें कई कस्टमर ऐसे हैं जो 6 माह से 1 साल के अंदर बैंकों में अपना लोन ट्रांसफर करा लेते हैं क्योंकि बैंकों का लोन सस्ता हो गया है. बैंकों की ओर से इसके लिए प्रलोभन भी दिया जाता है. कोटक महिंद्रा और स्टेट बैंक ग्राहकों को 6.65 परसेंट और 6.75 परसेंट पर लोन दे रहे हैं. दूसरी ओर हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों का लोन 7.45 पररेंस के आसपास है. इन कंपनियों के लिए ब्याज दरों में अभी बदलाव करना मुश्किल होगा क्योंकि पहले जो लोन दे दिए गए हैं, उसके लिए पूरा अकाउंट री-स्ट्रक्चर करना होगा.

फाइनेंस कंपनियों को घाटा

इस स्थिति को देखते हुए हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के सामने बड़ी चुनौती है. खासकर छोटी फाइनेंस कंपनियों के लिए. बड़ी फाइनेंस कंपनियां और बड़े बैंक तो सस्ती दर पर होम लोन दे सकते हैं और उसका खर्च वहन कर सकते हैं, लेकिन छोटी कंपनियों के लिए यह बेहद चुनौती भरा काम है. छोटी कंपनियों का कहना है कि वे वित्तीय रूप से कमजोर या मध्यमवर्गीय ग्राहकों को कम रेट पर लोन देती हैं. इसमें वैसे ग्राहक भी होते हैं जो पहली बार होम लोन लेते हैं. लोअर इनकम ग्रुप और समाज के कमजोर वर्ग को सस्ते मकान देने के लिए हाउसिंग लोन दिए जाते हैं. लेकिन इन लोगों में होम लोन ट्रांसफर का चलन देखा जा रहा है.

लोन ट्रांसफर पर जुर्माना

इससे बचने के लिए कंपनियों की मांग है कि उन्हें होम लोन ट्रांसफर पर जुर्माना लगाने की अनुमति मिले. अगर कोई ग्राहक 1-डेढ़ या तीन साल के अंदर होम लोन ट्रांसफर कराता है, तो उस पर जुर्माना लगाने का प्रावधान हो. हाउसिंग कंपनियों के मुताबिक, बैंकों का ब्याज कम होना चिंता की बात नहीं है, लेकिन लोन ट्रांसफर होने से इन कंपनियों के काम पर असर पड़ेगा. हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की चिंता इस बात को लेकर है कि बैंकों की नीतियों के चलते उनके ग्राहक दिनोंदिन घट रहे हैं और उनका कस्टमर बेस सिकुड़ता जा रहा है. हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां अपने पुराने ग्राहकों को भी धीरे-धीरे खोती जा रही हैं.

0 Response to "हाउस लोन लेने वालों के लिए जरूरी खबर, loan ट्रांसफर कराया तो देना पड़ सकता है भारी जुर्माना"

Post a Comment

Slider Post