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RBI ने बैंकों के लिए नए नियम जारी किए…इससे बैंकों में क्या बदलेगा… अब क्या होगा करोड़ों ग्राहकों पर असर

RBI ने बैंकों के लिए नए नियम जारी किए…इससे बैंकों में क्या बदलेगा… अब क्या होगा करोड़ों ग्राहकों पर असर


RBI New Rules: आरबीआई समय-समय पर बैकों के बेहतर कामकाज को लेकर नए नियम जारी करता रहता है. अब RBI ने बैंकों के एमडी और सीईओ से जुड़े नए नियम जारी किए है. आइए जानें इसके बारे में...

RBI ने बैंकों के लिए नए नियम जारी किए...इससे बैंकों में क्या बदलेगा... अब क्या होगा करोड़ों ग्राहकों पर असर
आरबीआई के नए नियम

आरबीआई यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI-Reserve Bank of India) के नए सर्कुलर में कहा गया है कि अगर बैंक में कोई बड़ा शेयरहोल्डर या प्रमोटर्स है. तो वो एमडी-सीईओ के पद पर 12 साल से ज्यादा नहीं रह सकता है. वहीं, अगर कोई प्रोफेशनल्स सीईओ नियुक्त किया गया है तो उसका कार्यकाल 15 साल से ज्यादा का नहीं हो सकता है. साथ ही प्राइवेट बैंक में इसके लिए उम्र 70 साल तय की गई है. अगर आसान शब्दों में कहें तो 70 साल की उम्र से ज्यादा का व्यक्ति सीईओ नहीं बन सकता है और न ही इस पर नियुक्त रह सकता है. इस पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे बैंकों के ग्राहकों पर कोई खास असर नहीं होगा. क्योंकि ये मैनेजमेंट का मामला है. हालांकि, मौजूदा समय में कोटक महिंद्रा बैंक और बंधन बैंक के शेयर पर इसका असर दिख सकता है.

RBI के नए नियम

RBI ने बैंकों के CEO, MD के कार्यकाल को लेकर नया सर्कुलर जारी किया है. इन पदों पर 15 साल से ज्यादा कोई एक व्यक्ति नियुक्त नहीं रह सकता है.

बैंक का प्रोमोटर या बड़ा शेयरहोल्डर 12 साल से ज्यादा इस पद पर नहीं रह सकता है. अधिकतम उम्र 70 साल होनी चाहिए.

बेहद जरूरी होने पर CEO और MD की नियुक्त  इन नियमों के विपरीत हो सकती है. लेकिन RBI इसके लिए जल्द पूरी जानकारी उपलब्ध कराएगा. इसके बाद 3 साल तक बैंक के किसी पद पर नियुक्ति नहीं होगी.

1 अक्टूबर 2021 से ये नए नियम सभी बैंकों पर लागू होंगे.

इससे क्या होगा

दुनिया के जाने-माने ब्रोकरेज हाउस CLSA का कहना है कि इस फैसले का असर कोटक महिंद्रा बैंक और बंधन बैंक पर होगा. क्योंकि मौजूदा समय दोनों के प्रमोटर ही बैंकों के बड़े पद पर नियुक्त है.उदय कोटक और दीपक गुप्ता दोनों का कार्यकाल दिसंबर 2023 में समाप्त हो जायेगा.

अमेरिकी ब्रोकरेज हाउस जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि RBI के नए रूल कोटक बैंक के सेंटीमेंट पर असर डालेंगे. इससे बैंक में बिकवलाी हो सकती है.

हालांकि, अभी भी उदय कोटक का 3 साल का कार्यकाल बाकी है. हालांकि कोटक बैंक की कमाई पर इसका कोई असर नहीं होगा. वहीं कोटक के ट्रैक रिकॉर्ड के मुताबिक सेंटीमेंट नकारात्मक होगा. वहीं बंधन बैंक के घोष के पास 9 साल का बड़ा समय है.

2003 में RBI ने  उदय कोटक को बैंक का लाइसेंस दिया. इसी के बाद कोटक महिंद्रा बैंक की शुरुआत हुई. मार्केट कैप के लिहाज से कोटक महिंद्रा बैंक आज देश के टॉप कंपनियों या बैंक में शुमार है. बैंक का मार्केट कैप 3.45 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है.

2009 में चंद्रशेखर घोष ने बंधन को रिजर्व बैंक द्वारा NBFC यानी नॉन बैंकिंग फाइनैंस कंपनी के तौर पर रजिस्टर्ड करवा लिया. उन्होंने लगभग 80 लाख महिलाओं की जिंदगी बदल दी.

वर्ष 2013 में RBI ने निजी क्षेत्र द्वारा बैंक स्थापित करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे. घोष ने भी बैंकिंग का लाइसेंस पाने के लिए आवेदन कर दिया.

RBI ने जब लाइसेंस मिलने की घोषणा की तो हर कोई हैरान रह गया था. क्योंकि इनमें से एक लायसेंस बंधन को मिला था. बैंक खोलने का लायसेंस कोलकाता की एक माइक्रोफाइनेंस कंपनी को मिलना सच में हैरत की बात थी. 2015 से बंधन बैंक ने पूरी तरह से काम करना शुरू कर दिया.

शेयर का हाल

इस खबर के बाद कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर में गिरावट आई है. शेयर 1.20 फीसदी गिरकर 1739 रुपये के भाव पर आ गया है. हालांकि, बंधन बैंक के शेयर की शुरुआत गिरावट के साथ हुई थी. लेकिन अब वो सभी गिरावट का खत्म कर चुका है. शेयर में 2 फीसदी की तेजी है.

ग्राहकों पर क्या असर होगा?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि RBI के नियमों से ग्राहकों पर कोई असर नहीं होगा. उन्हें पहले की तरह सर्विस मिलती रहेंगी.

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