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खाली हो बैंक खाता तो भी इमरजेंसी में निकाल सकते हैं पैसे… लोन से कितनी अलग है ये सुविधा, जानें सब कुछ


Overdraft facility: बैंक की ओर से आपको ओवरड्राफ्ट सुविधा मिली हुई है तो आप अपने खाते से जरूरत पड़ने पर रकम निकाल सकते हैं, जो ओवरड्राफ्ट में चला जाएगा

खाली हो बैंक खाता तो भी इमरजेंसी में निकाल सकते हैं पैसे... लोन से कितनी अलग है ये सुविधा, जानें सबकुछ
सांकेतिक तस्वीर

जिंदगी में कब मुश्किल दौर से सामना हो जाए, किसने देखा है! कोरोना महामारी काल में लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है. जॉब लॉस और बेरोजगारी जैसी समस्या ने तो आर्थिक रूप से कई घरों को तोड़ कर ​रख दिया. बहरहाल अब ​परिस्थितियां फिर से सामान्य हो रही हैं और लोगों की आर्थिक समस्या दूर हुई हैं. कई बार ऐसा होता है कि आपको अचानक पैसों की जरूरत आ जाती है. आप बैंक खाता चेक करते हैं और पता चलता है कि खाते में तो पर्याप्त पैसे हैं ही नहीं!

इमरजेंसी की ऐसी स्थिति में मुश्किल हो जाती है कि आखिर किससे पैसे मांगें! जरूरत पर हर कोई काम भी नहीं आता और कई बार किसी का एहसान लेना हम मुनासिब नहीं समझते. ऐसे में आपके बैंक की ओर से दी जाने वाली एक खास सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. इस सुविधा का नाम है- ओवरड्राफ्ट सुविधा. इसके जरिए ग्राहक इमरजेंसी में खाते में पैसा न होने पर भी आप पैसे निकाल सकते हैं.

क्या है ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी?

ओवरड्राफ्ट (Overdraft) फैसिलिटी बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों को दी जानेवाली एक ऐसी फाइनेंशियल सुविधा है, जिसके तहत आप अपने बैंक अकाउंट से तब भी पैसे निकाल सकते हैं, जब खाते में पैसे ना हों. यानी खाते में एक रुपया भी न हो, तो भी आप कैश निकाल सकते हैं. इसे ओवरड्राफ्ट’ कहा जाता है. ग्राहकों के लिए एक ओवरड्राफ्ट सीमा तय की जाती है, जो कि उसके बैंक के साथ संबधों पर और क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करती है. ग्राहक निर्धारित सीमा तक ही पैसे निकाल सकते है. इन पैसों पर बैंक ब्याज लेता है जो कि ओवरड्राफ्ट अकाउंट से निकाले जाते हैं.

बेहतर रिकाॅर्ड वालों को मिलेगी सुविधा

ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी का लाभ तभी मिलता है, जब बैंक के साथ आपके फाइनेंशियल रिलेशन अच्छे होंगे, यानी आपके खाते का रिकाॅर्ड अच्छा होगा. आपकी सारी डिटेल्स क्लियर होंगी तो आपको आसानी से इस सर्विस का लाभ मिल जाएगा. ओवरड्राफ्ट की सुविधा के लिए उम्र सीमा भी निर्धारित होती है.

कैसे काम करता है ओवरड्राफ्ट अकांउट?

यदि आपके पास बैंक ओवरड्राफ्ट अकांउट है तो आपको लोन की ही तरह ओवरड्राफ्ट की रकम दी जाएगी. बैंक की ओर से आपको ओवरड्राफ्ट सुविधा मिली हुई है तो आप अपने खाते से जरूरत पड़ने पर रकम निकाल सकते हैं, जो ओवरड्राफ्ट में चला जाएगा. इसका लाभ उठाकर आपके बैंक अकांउट पर बकाया बढ़ जाता है और जब आप ओवरड्राफ्ट अकाउंट में पैसे जमा कराते हैं तो यह बकाया कम होता जाता है. पूरी रकम चुकाए जाने तक बैंक आपसे ब्याज लेगा.

कैसे चुका सकते हैं अमाउंट?

जब भी आपके पास पैसे हों, आप ओवरड्राफ्ट राशि का बकाया चुका सकते हैं. ओवरड्राफ्ट (Overdraft) राशि पर ब्याज की गणना प्रतिदिन के हिसाब से की जाती है, क्योंकि निर्धारित समय के मुताबिक, ओवरड्राफ्ट राशि अदा नहीं की जाती है. आपके बैंक अकांउट में आप जैसे-जैसे पैसे जमा करते जाते हैं, आपकी बकाया राशि कम हो जाती है. ओवरड्राफ्ट (Overdraft) एक तरह से शार्ट-टर्म लोन सुविधा है.

यदि आपको इमरजेंसी में पैसे जरूरी हों और आप जल्द ही उसे लौटा पाने में सक्षम हैं तो आप इसका लाभ उठाएं. यदि आप बकाया ओवरड्राफ्ट राशि का भुगतान करने में असमर्थ हैं, तो बैंक को आपकी मौजूदा बचत या चालू खाते से शेष राशि निकालने का अधिकार है.

लोन से कैसे और कितनी अलग है ओवरड्राफ्ट सुविधा?

लोनओवरड्राफ्ट
यह उधार ली गई कैपिटल या फंड का एक प्रकार हैयह एक प्रकार की क्रेडिट लाइन सुविधा है
ब्याज दर की कैल्कुलेशन मासिक आधार पर की जाती हैब्याज दर की कैल्कुलेशन दैनिक आधार पर की जाती है
लोन राशि पर ब्याज लिया जाता हैकेवल उपयोग की गई राशि पर ब्याज लिया जाता है
अतिरिक्त ब्याज दरों के साथ समय पर लोन चुकाने का लाभ लिया जा सकता हैबैलेंस शून्य होने पर भी ओवरड्राफ्ट का फायदा उठाया जा सकता है
लोन को लॉन्ग-टर्म में चुकाया जा सकता है ओवरड्राफ्ट का लाभ शॉर्ट-टर्म के लिए उठाया जाता है
ब्याज की दर तय या अस्थाई होती हैब्याज की दर कम से कम 12 महीने के लिए निर्धारित होती है
भुगतान EMI के रूप में किया जाता है

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