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क्या है ‘इलेक्ट्रिक हाइवे’, जिनसे 10 घंटे का सफर सिर्फ 4 घंटे में पूरा हो जाएगा! जानिए ऐसा क्या होगा खास


नेशनल हाइवे पर टोल प्लाजा हटाने की प्लानिंग के बाद एक 'इलेक्ट्रिक हाइवे' के प्लान पर काम किया जा रहा है. इससे ना सिर्फ पर्यावरण को फायदा होगा जबकि आपके सफर का टाइम भी बहुत कम हो जाएगा

क्या है 'इलेक्ट्रिक हाइवे', जिनसे 10 घंटे का सफर सिर्फ 4 घंटे में पूरा हो जाएगा! जानिए ऐसा क्या होगा खास
इलेक्ट्रिक वाहनों के बाद अब इलेक्ट्रिक हाइवे पर भी सरकार का पूरा फोकस है

मान लीजिए आप एक शहर से दूसरे शहर जा रहे हैं और आपको वहां जाने में करीब 10 घंटे लगते हैं. अगर ये ही सफर आपका करीब 4 घंटे में खत्म हो जाए तो आपको कैसा लगेगा. ऐसे ही अगर 40 घंटे का सफर सिर्फ 12 घंटे में खत्म हो जाए तो कैसा रहेगा. आप भले ही इसे सपना मान रहे हो, लेकिन यह जल्द ही सच होने वाला है. दरअसल, नेशनल हाइवे पर टोल प्लाजा हटाने की प्लानिंग के बाद एक ‘इलेक्ट्रिक हाइवे’ के प्लान पर काम किया जा रहा है. इससे ना सिर्फ पर्यावरण को फायदा होगा जबकि आपके सफर का टाइम भी बहुत कम हो जाएगा.

इलेक्ट्रिक वाहनों के बाद अब इलेक्ट्रिक हाइवे पर भी सरकार का पूरा फोकस है. ऐसे में आपको बताते हैं कि ये इलेक्ट्रिक हाइवे क्या होते हैं और इसमें ऐसे क्या खास होगा, जिसके बाद से आपके सफर का टाइम तीन गुना तक कम हो जाएगा. जानते हैं सरकार के इस खास प्लान से जुड़ी हर एक बात…

क्या है सरकार का प्लान?

केंद्र सरकार भारत में इलेक्ट्रिक हाइवे की योजना पर काम कर रही है. इस योजना के अमल में आने के बाद भारत में ट्रक और बस बिजली से चलेंगे. इससे लॉजिस्टिक कॉस्ट में कमी आएगी. इलेक्ट्रिक हाइवे पर ट्रक या बस भी मेट्रो की तरह ऊपर लगे इलेक्ट्रिक केबल के जरिए चलेंगे. ये वैसा ही होगा, जब ट्रेन चलती है तो उपर उसके तार लगे होते हैं. ऐसे में बस आदि इलेक्ट्रिक ट्रेन की तरह ऊपर लगी केबल के जरिए चलाई जाएंगी

क्या होते हैं इलेक्ट्रॉनिक हाइवे?

इलेक्ट्रॉनिक हाइवे या ग्रीन हाइवे खास तरीके से डिजाइन किए जाते हैं. इन्हें पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए बनाया जाता है. इसमें पूरे हाइवे पर ना सिर्फ काफी हरियाली होगी, बल्कि पर्यावरण को लेकर कई कदम उठाए गए हैं. इसमें ही इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक लेन होगी, जहां केबल से वाहन चलेंगे. इसके लिए सरकार की ओर से केबल से चलने वाली स्पेशल बस और ट्रेनें चलाई जाएंगी. ये बस 120 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी. नितिन गडकरी ने कहा कि 22 हरित राजमार्ग गलियारों में से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रसेवे से दोनों महानगरों के बीच कार से यात्रा का समय घटकर 12 घंटे रह जाएगा. अभी इसमें 40 घंटे लगते हैं

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कहना है देश में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है. इसको लेकर एक बड़ी समस्या है कि देश का 85 फीसदी ट्रैफिक रोड पर है. पीएम मोदी ने हमें रोपवे, इलेक्ट्रिक वे, मेट्रो और मोनो रेल के काम सौंपे हैं. जिस पर तेजी से काम चल रहा है. अभी सबसे पहले दिल्ली-मुंबई के बीच ई हाइवे की शुरुआत होगी. इसके अलावा कई दूसरे और हाइवे पर इसे लेकर काम किया जाएगा. वहीं दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन एक या दो माह में होगा

प्लान के अनुसार, एक्‍सप्रेसवे के दोनों ओर बिजली की लाइन बिछाई जाएगी, जिस पर 80 टन तक वजन ढोने वाले ट्रक 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगे. इससे बिना प्रदूषण फैलाए हाईब्रिड ट्रक्स कम समय में सामान को एक शहर से दूसरे शहर पहुंचा सकेंगे. साथ ही इलेक्ट्रिक बसों के जरिये आम लोग भी करीब-करीब आधे समय में प्रदूषण मुक्‍त सफर का लुत्‍फ ले सकेंगे

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