मध्य प्रदेश: क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक आज,1अप्रैल से नहीं खुलेंगे 8वीं तक के स्कूल; लॉकडाउन लगाने पर भी होगी चर्चा


मार्च 2020 में प्रदेश के सभी स्कूलों को कोरोना के बढ़ते केसों के कारण बंद कर दिया गया था. अब लगभग एक साल खत्म होने को है प्राइमरी-मिडिल स्कूलों को खोला नहीं गया है. सरकार ने बीच में पहली से आठवी तक के बच्चों के स्कूल खोलने का फैसला लिया भी था

मध्य प्रदेश: क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक आज,1अप्रैल से नहीं खुलेंगे 8वीं तक के स्कूल; लॉकडाउन लगाने पर भी होगी चर्चा

मध्य प्रदेश में कोरोना के बढ़ते केसों के बीच होली के त्यौहार को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को होने वाली क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में फैलसा लेंगे. प्रदेश में एक बार फिर कोरोना पॉजिटिव केसों के बढ़ने की रफ्तार बहुत तेज है. ऐसे में सीएम शिवराज ने संकेत दिए हैं कि पहली से आठवीं तक के बच्चों के स्कूल 1 अप्रैल से नहीं खोले जाएंगे. सीएम का कहना है कि जिस तरह से कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, उससे नहीं लगता कि छोटे बच्चों के लिए स्कूल खोले जा सकते हैं. वहीं इस बैठक में फिलहाल लॉकडाउन को लेकर कोई फैसला नहीं लिया जाएगा. लॉकडाउन को लेकर एक बार फिर बैठक की जाएगी.

23 मार्च को पूरे मध्य प्रदेश में संकल्प अभियान चलाया जाएगा. इस दिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे सायरन बजाया जाएगा. इस सायरन के बजते ही जो व्यक्ति जहां हैं वो 2 मिनट का संकल्प लेगा. इस संकल्प में आमजन मास्क का प्रयोग और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए प्रण लेगें.

2020 से बंद हैं प्राइमरी-मिडिल स्कूल

मार्च 2020 में प्रदेश के सभी स्कूलों को कोरोना के बढ़ते केसों के कारण बंद कर दिया गया था. अब लगभग एक साल बीत गया है प्राइमरी-मिडिल स्कूलों को खोला नहीं गया है. सरकार ने बीच में पहली से आठवी तक के बच्चों के स्कूल खोलने का फैसला लिया भी था, लेकिन कोरोना के बिगड़ते हालात को देखते हुए अब दोबारा 1 अप्रैल से 8वीं तक के स्कूल खोलने को लेकर स्थिति क्लीयर नहीं है. स्कूल शिक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश में 1 अप्रैल से पहली से 8वीं तक के स्कूल फिर से खोलने की तैयारी कर ली थी यही वजह है, नए शिक्षण सत्र के लिए सभी स्कूलों में दाखिला शुरू हो गया है.

सोशल डिस्टेंसिंग की जरूरत एक बार फिर

सीएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि कोरोना से बचने के लिए एक ही उपाए है कि लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा. जनता ने बीच में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया भी था. अब फिर से इसकी आवश्यकता महसूस हो रही है. सोशल डिस्टेंसिंग के लिए दुकानों के सामने ग्राहक के खड़े होने के लिए गोले बनाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि वे खुद भी इस कार्य को देखेंगे और जरूरत पड़ी तो वे खुद भी गोले बनाएंगे.

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