CM शिवराज की मंत्री-अफसरों से दो टूक, कहा- दिल्ली जाकर संबंधित विभाग से विकास के लिये लाना होगा पैसा

केंद्रीय बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के मंत्रियों और अफसरों को निर्देश दिये हैं कि, वो खुद दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करें और प्रदेश के विकास के लिये अधिक से अधिक धनराशि मंजूर कराएं।

भोपाल/ सोमवार को पेश हुए केंद्रीय बजट के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार उस बजट के भीतर अपनी जरूरतों को पूरा करने के तरीके तलाश रही है। इसी तर्ज पर मध्य प्रदेश के मुखिया शिवराज ने भी बजट की आउटलाइन के आधार पर प्रदेश को मिलने वाले फायदे उठाने की तैयारी शुरु कर दी है। इसी तर्ज पर सीएम ने प्रदेश के सभी मंत्रियों और अफसरों को दो टूक निर्देश दे दिये हैं कि, वो जल्द से जल्द केंद्रीय मंत्रियों से मिलें और प्रदेश के विकास के लिए विभागीय स्थर पर पैसे लेकर आएं।

केंद्र की इन योजनाओं पर सीएम शिवराज का फोकस

खासतौर पर सीएम शिवराज का फोकस आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना के तहत 64000 की योजना पर है। सीएम द्वारा मंगलवार को मंत्रालय में ली गई बैठक के दौरान अफसरों को जारी निर्देश में कोरोना वैक्सीन के लिए 35000 करोड़ की राशि का प्रावधान होने पर उसका लाभ उठाने की बात कही है। साथ ही, गरीबों के इलाज की व्यवस्था के लिए आयुष्मान भारत, शहरी इलाकों के लिए जल जीवन मिशन के जरिए राशि जुटाने के भी निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अफसरों को बताया कि, जल जीवन मिशन के तहत इस बार लगभग 5 गुना राशि बजट में स्वीकृत की गई है, जिसे केन्द्र द्वारा 11 हजार करोड़ से बढ़ाकर 50000 करोड़ के करीब का बजट प्रावधान किया है, जो गांव हमारे पेयजल देने के लिए अभियान से जुड़े हैं, उनमें पैयजल व्यवस्था कराने के लिये हम इस राशि का इस्तेमाल कर सकते हैं।

शहरी स्वच्छता पर भी किया फोकस

सीएम शिवराज द्वारा अफसरों और मंत्रियों को शहरी स्वच्छ भारत के लिए की गई राशि के प्रावधान में भी फायदा लेने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने 3000 करोड़ की अंश पूंजी से नया वित्त विकास संस्थान गठित करने के ऐलान पर कहा कि, ये हमारे लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है। सिंचाई योजनाओं के लिए एनवीडीए को अभी से प्रयास करने चाहिए। मुख्यमंत्री ने भारत माला परियोजना में 8000 करोड़ रुपये की राशि का बजट होने का ज़िक्र करते हुए निर्देश दिये कि, प्रदेश के अटल प्रोग्रेस-वे के लिए इसकी मदद से इंतज़ाम किया जा सकता है।

 

एकलव्य स्कूल

केन्द्र सरकार द्वारा एकलव्य स्कूल खोले जाने के ऐलान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि, राज्य में जितना ज्यादा हो सके एकलव्य स्कूल खोलने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए अभी से ही अफसरों पूरी शिद्दत से जुटना होगा। केंद्रीय बजट के ऐलान के बाद अफसरों को अभी से प्रस्ताव तैयार कर केंद्र को भेजे जाएं। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से भी कहा केंद्रीय बजट से कैसे राज्य को ज्यादा से ज्यादा धनराशि दिलाई जा सकती है, उसके लिये जल्द से जल्द खाका तैयार कर केंद्र को भेजना जरूरी है। सिर्फ प्रस्ताव तैयार करने तक ही नहीं, बल्कि मंत्रियों को खुद दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्रियों से विषय की गंभीरता को बताते हुए प्रदेश के लिये अधिक से अधिक धनराशि मंजूर करानी होगी।

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