नॉर्वे के बाद अब जर्मनी में कोरोना वैक्सीन से 10 लोगों की मौत, कनाडा में भी टीका लगवाने वाले डॉक्टर ने तोड़ा दम

HIGHLIGHTS

  • Corona Vaccine लगाने के बाद से जर्मनी में 10 लोगों की मौत हो गई। पॉल एर्लिश इंस्टीट्यूट ( PEI ) के विशेषज्ञ इसकी जांच में जुट गए हैं।
  • इसके अलावा कनाडा में भी फाइजर कोरोना वैक्सीन ( Pfizer Corona Vaccine ) का टीका लगवाने वाले एक डॉक्टर की मौत हो गई।

नई दिल्ली। कोरोना महामारी ( Corona Epidemic ) से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है और अब जिस वैक्सीन को लेकर दुनियाभर में उम्मीदें जगी थी, वही अब डरावना लगने लगा है। दरअसल, कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद कई देशों में लोगों की मौत से हाहाकार मच गया है और वैक्सीन की विश्वसनीयता और प्रमाणिकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

जर्मनी में कोरोना वैक्सीन ( Corona Vaccine ) लगवाने के बाद दस लोगों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि इन सभी लोगों की मौत कोरोना टीका लगाने की वजह से हुई है। हालांकि, पॉल एर्लिश इंस्टीट्यूट ( PEI ) के विशेषज्ञ इसकी जांच में जुट गए हैं कि मौत की असल वजह क्या है। यह इंस्टीट्यूट जर्मनी में चिकित्सकीय उत्पादों की सुरक्षा जांच का जिम्मा संभालता है। इसके अलावा कनाडा में भी कोरोना वैक्सीन का टीका लगवाने वाले एक डॉक्टर की मौत हो गई।

आपको बता दें कि नॉर्वे में कोरोना वैक्सीन का टीका लगवाने वाले 23 लोगों की मौत अब तक हो चुकी है। सरकार ने बताया है कि मरने वालों का उम्र 80 साल से अधिक है। नॉर्वे मेडिसिन एजेंसी के मुताबिक, अब तक 13 मृतकों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ये पता चला है कि इनकी मौत वैक्सीन के साइड इफेक्ट की वजह से हुई है।

मरने वालों की आयु 75 साल से अधिक

पॉल एर्लिश इंस्टीट्यूट (PEI) से जुड़ी ब्रिगिट केलर-स्टेनिसलॉस्की ने बताया कि मरने वाले सभी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। सभी की आयु 79 से 93 साल के बीच थी। बताया जा रहा है कि सभी लोगों की मौत टीकाकरण और मौत के बीच चार दिनों का फासला है। फिलहाल जांच की जा रही है और शुरुआती जांच के बाद ये कहा जा रहा है कि मरीजों की मौत बीमारियों से हुई है। कोरोना टीकाकरण का इससे संभवतः कोई संबंध नहीं है।

PEI के विशेषज्ञों ने शुक्रवार को जर्मनी में कोरोना टीके से गंभीर साइडइफेक्ट के छह नए मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही देश में अब तक वैक्सीन से जुड़े कथित दुष्परिणाम के 325 मामले रिकॉर्ड किए जा चुके हैं। इनमें 51 गंभीर मामले में शामिल हैं।

बता दें कि जर्मनी में पिछले साल देशभर में टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई थी। जर्मनी में फाइजर-बायोएनटेक द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन का टीका लगाया जा रहा है। गुरुवार तक देशभर में 8.42 लाख लोगों को वैक्सीन की पहली खुरा दी जा चुकी है।

कनाडा में डॉक्टर की मौत

आपको बता दें कि जर्मनी के अलावा कनाडा में भी फाइजर-बायोएनटेक की ओर से विकसित टीका लगवाने के तीन दिन बाद एक डॉक्टर की मौत हो गई, जिसके बाद से हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने इसकी जांच शुरू कर दी है।

इससे पहले अमरीका में भी एक डॉक्टर की मौत हो गई थी। इनको लेकर फाइजर की ओर से सफाई दी गई। फाइजर ने कहा कि फ्लोरिडा के डॉक्टर की मौत में वैक्सीन की कोई भूमिका नहीं है। माउंट सिनाई मेडिकल सेंटर के शीर्ष प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. ग्रेगरी माइकल ने 18 दिसंबर को टीका लगवाया था। इसके तीन दिन बाद 21 दिसंबर को उनकी मौत हो गई थी।

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