UPSC का फाइनल रिजल्ट ज़ारी, यूपी के जुनैद अहमद टॉप 5 में , मिली तीसरी रैंक





संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने केंद्रीय सेवाओं समेत भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा, भारतीय पुलिस सेवा के चयन के लिए हुई सिविल सेवा परीक्षा 2018 के फाइनल नतीजे शुक्रवार को घोषित कर दिए गए हैं. इस परीक्षा में कनिष्क कटारिया ने टॉप किया है. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि परीक्षा परिणामों के आधार पर सफल उम्मीदवारों का आईएएस, आईएफएस, आईपीएस और कई केंद्रीय सेवाओं (ग्रुप-ए और ग्रुप-बी) के लिए चयन किया गया है.

वहीं ज़कात के सहयोग से यूपीएससी की तैयारी करने वाले जुनैद अहमद ने आल इंडिया में तीसरी रैंक पाई है. यूपी के जुनैद एकमध्यमवर्गीय मुस्लमि परिवार से तालुक रखते हैं।  नगीना के रहने वाले जुनैद शुरू से पढ़ाई में भी औसत छात्र रहे हैं । जुनैद ने बताया, दसवीं और 12वीं की परीक्षा में मेरे 60 फीसदी  नंबर आए थे। 12वीं के बाद स्नातक की पढ़ाई प्राइवेट विश्वविद्यालय से की। इसमें भी मेरे 65 फीसदी तक ही नंबर आए थे। कॉलेज से निकलकर सेाचा कि अगर समाज को कुछ देना हो तो आइएएस से बेहतर कुछ नहीं होता। जब घरवालों को बताया उन्हें इकबारगी यकीन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इरादा तो बहुत अच्छा है लेकिन तुम पढ़ते नहीं हो। लेकिन मैंने उसके बाद खुद को पढ़ाई में ही झोंक दिया। वर्ष 2013 से तैयारी शुरू की तो घरवाले भी मेरी लगन देखकर मेरा सहयोग करने  लगे। पिछले चार साल से तैयारी कर रहा हूं। बीते साल 2018 में मेरा आईआरएस में चयन हो गया था।

27 साल के जुनैद कहते हैं कि मैं खानदान में पहला आईएएस बना हूं। मेरे पिता जावेद हुसैन जो पेशे से वकील हैं और मां आयश रजा आज मेरी कामयाबी का जश्न मना रहे हैं। मैं उन्हें देखकर बहुत खुश हूं, लग रहा है कि मेरा ख्वाब पूरा हो गया है। मेरी दो बहनें एक बड़ी महविश की शादी हो गई है और छोटी बहन हादिया प्राइवेट जॉब कर रही हैं। देानों ही बहनें मुझ पर गर्व कर रही हैं। छोटा भाई अरहान 12वीं में है, वो भी नगीना में पढ़ता है।

Comments

Popular posts from this blog

कोरोना का खौफ : भारत की सबसे बड़ी देहमंडी में पसरा सन्नाटा

India-China Face Off: भारत-चीन के बीच हुआ युद्ध, तो जानें किसकी मिसाइल है ज्यादा कारगर?

Janta Curfew के बीच कोरोना के डर से युवक ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा- सभी अपना टेस्ट कर लेना