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MP में ब्लैक फंगस से बेबसी: इंजेक्शन नहीं मिलने से खो दी आंख, घर-ज्वेलरी सब बेच दिया पर नहीं मिल रहा इलाज

MP में ब्लैक फंगस से बेबसी: इंजेक्शन नहीं मिलने से खो दी आंख, घर-ज्वेलरी सब बेच दिया पर नहीं मिल रहा इलाज


मध्य प्रदेश में कोरोना के साथ ब्लैक फंगस का कहर टूट पड़ा है. ऐसे में लोग अपनों के इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं

MP में ब्लैक फंगस से बेबसी: इंजेक्शन नहीं मिलने से खो दी आंख, घर-ज्वेलरी सब बेच दिया पर नहीं मिल रहा इलाज
सांकेतिक तस्वीर

इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं. कहीं इंजेक्शन नहीं मिल रहा तो कहीं दवा. इंदौर के महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज में हालात ऐसे हैं कि लोग सब कुछ बेचने के बाद भी मरीज का इलाज नहीं करवा पा रहे हैं.

एमजीएम अस्पताल में एक मामला ऐसा आया जहां मरीज कोरोना के बाद ब्लैक फंगस की चपेट में आ गया. फंगस ने एक आंख को डैमेज कर दिया है अब दूसरी को भी कर रहा है. मरीज के भाई ने बताया कि उनके एक दिन के 80 हजार रूपय लग रहे हैं. अबतक कुल 25 लाख रुपए पहले ही खर्च हो चुके हैं. उन्होंने अपना घर, ज्वेलरी सब बेच दिया अब न पैसे बचे हैं और न कहीं से पैसों का इंतेजाम हो पा रहा है.

इंजेक्शन के लिए चार दिन से भूखे-प्यासे भटक रहा बेटा

उज्जैन से आए एक व्यक्ति ने बताया कि उनकी मां को ब्लैक फंगस की वजह से नाक में इंफेक्शन है और अब वो बाकी शरीर में भी फैल रहा है. फंगस को फैलने से रोकने के लिए अभी इंजेक्शन लगने जरूरी है. लेकिन वो अपनी मां के लिए इंजेक्शन के लिए चार दिन से भूखे-प्यासे भटक रहे हैं. देवास से अपने पति का इलाज के लिए लाई महिला किरण शर्मा ने बताया कि पहले उनके पति को देवास में ही भर्ती करवाया गया था जहां उनकी हालत बिगड़ने के बाद 15 दिन आईसीयू में रखने के बाद आगे का इलाज करने से मना कर दिया. जिसके बाद किरण अपने पति को इंदौर लेकर आई. यहां भी पहले एक लाख कोविड के इलाज और फिर दो लाख 15 दिन आईसीयू के इलाज का बिल बना दिया.

एक आंख निकाल दी अब दूसरी हो रही खराब

महिला ने आरोप लगाया कि अस्पताल में तो उनके पति के हाथ की सोने की अंगूठी तक निकाल ली गई. जिसका कुछ पता नहीं चला. किरण का कहना है कि घर का कमाने वाले सिर्फ उनके पति थे वो अस्पाताल में हैं और अब न पैसे बचे हैं . इलाज के लिए इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं, रोज दर-दर भटकना पड़ रहा है. वहीं एक व्यक्ति ने बताया कि फंगस की वजह से उनके जीजा जी की एक आंख पहले ही निकाली जा चुकि है, दूसरी को बचाने के लिए इंजेक्शन नहीं मिल रहा है.

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