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Madhya Pradesh: भोपाल पुलिस ने अदा किया इंसानियत का फर्ज, सड़क पर तड़प रही गर्भवती को गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल

Madhya Pradesh: भोपाल पुलिस ने अदा किया इंसानियत का फर्ज, सड़क पर तड़प रही गर्भवती को गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल


महिला के साथ मौजूद बुजुर्ग महिला से बातचीत में प्रभारी को पता चला कि महिला गर्भवती है और उसे सुल्तानिया अस्पताल जाना है, लेकिन कर्फ्यू के कारण उसे कोई साधन नहीं मिल रहा है

Madhya Pradesh: भोपाल पुलिस ने अदा किया इंसानियत का फर्ज, सड़क पर तड़प रही गर्भवती को गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल
(सांकेतिक तस्वीर)

कोरोना काल में पुलिस के कंधों पर जिम्मेदारियों का बोझ ज्यादा हो गया है. ऐसे में बहुत बार पुलिस को गाइडलाइन और नियमों का पालन करवाने के लिए आम जनता के साथ सख्त रवैया अपनाना पड़ता है, लेकिन वहीं दूसरी तरफ पुलिस का एक और रूप भी है जो हमेशा लोगों की मदद करने के लिए तैयार रहता है. ऐसा ही कुछ राजधानी के अरेरा हिल्स इलाके में देखने को मिला. दरअसल अरेरा हिल्स थाने के प्रभारी आरके सिंह एक चेकिंग पॉइंट का जायजा लेने जा रहे थे. तभी उन्हे रास्ते में गर्भवती महिला दर्द से तड़पती हुई नजर आई.

थाना प्रभारी आरके सिंह ने जब महिला को दर्द में तड़पता हुआ देखा तो उन्होंने फौरन गाड़ी रोकी और महिला के पास गए. गर्भवती महिला के साथ एक बुजुर्ग महिला भी थी.

महिला को अपनी गाड़ी में अस्पताल लेकर गए थाने प्रभारी

महिला के साथ मौजूद बुजुर्ग महिला से बातचीत में प्रभारी को पता चला कि महिला गर्भवती है और उसे सुल्तानिया अस्पताल जाना है, लेकिन कर्फ्यू के कारण उसे कोई साधन नहीं मिल रहा है. इस बात को जानने के बाद आरके सिंह ने महिला को फौरन अपनी गाड़ी से सुल्तानिया अस्पताल छोड़ा और वहां के स्टाफ को भी पाबंद किया.

फर्ज के साथ इंसानियत भी निभा रही है पुलिस

भोपाल में पुलिस अपनी ड्यूटी के साथ इंसानियत का फर्ज भी बखूबी निभा रही है. इस समय पुलिस आम जनता की हर संभव मदद कर रही है. उन्हें जागरूक करने का काम कर रही है. अरेरा थाना पुलिस ने मदद के हाथ बढ़ाते हुए इलाके की झुग्गी बस्तियों में लोगों को फूड पैकेट भी बांटे हैं ताकि कोई भी इस मुश्किल घड़ी में भूखा ना रहे.

सीएम ने डीजीपी को दिए सख्ती करने के निर्देश

प्रदेश में कोरोना काल में नकली इंजेक्शन और कालाबाजारी करने वालों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नकेल कसने का मन बना लिया है. सीएम ने डीजीपी को सख्त निर्देश दिए हैं कि दवा बेचने वाले नर पिशाच किसी भी सूरत में बचने नहीं चाहिए. नकली इंजेक्शन बेचना गैर इरादतन हत्या नहीं बल्कि हत्या का ही केस है.

सीएम ने कहा कि सही समय पर सही इंजेक्शन ना मिलने से मरीज की मौत हो जाती है, अगर सही समय पर सही दवा मिले तो मरीज को बचाने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए नकली इंजेक्शन बेचने के मामले का विधि पूर्वक परीक्षण करें.

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