ट्रेन या रेलवे ​स्टेशन पर की ये गलती तो घर के बदले पहुंच जाएंगे हवालात! 31 मार्च से लागू होगा नया प्लान


Indian Railways: ट्रेन और स्टेशन परिसर में सिगरेट पीते हुए पकड़े जाने पर रेलवे एक्ट और तंबाकू एक्ट के तहत कार्रवाई होगी. ऐसा करने पर गिरफ्तारी भी हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है


ट्रेन या रेलवे ​स्टेशन पर की ये गलती तो घर के बदले पहुंच जाएंगे हवालात! 31 मार्च से लागू होगा नया प्लान
भारतीय रेलवे (सांकेतिक तस्‍वीर)

एक सप्ताह के भीतर देश की 2 प्रतिष्ठित ट्रेनों में आग लगने की घटना के बाद रेलवे (Indian Railways) ने बड़ा कदम उठाया है. 13 मार्च को देहरादून शताब्दी और 20 मार्च को लखनऊ शताब्दी में आग लगने की घटना के बाद रेल मंत्रालय ने ट्रेनों में स्मोकिंग करने और ज्वलनशील पदार्थों के ट्रांसपोर्टेशन को लेकर सख्त कदम उठाया है. अब ट्रेनों में ऐसा करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए रेलवे ने 31 मार्च से लेकर 30 अप्रैल तक गहन चेकिंग अभियान चलाने का निर्णय लिया है

हालांकि इस अभियान की शुरुआत 22 मार्च से हो चुकी है. फिलहाल रेलयात्रियों को इस बारे में जागरूक किया जा रहा है. लेकिन 31 मार्च से मिशन मोड में अभियान चलाया जाएगा और सख्त कार्रवाई होगी. इस संबंध में इंडियन रेलवे (Indian Railways) ने सभी जोन को अभियान चलाने का निर्देश दिया है

सोशल मीडिया, नुक्कड़ नाटकों के जरिये जागरूकता

सबसे पहले 7 दिन तक ट्रेनों में धूम्रपान न करने और ज्वलनशील सामान के साथ यात्रा नहीं करने को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. इसमें रेलकर्मी, संविदाकर्मी, आउटसोर्सिंग स्टाफ, कैटरिंग स्टाफ, पार्सल पोर्टर्स को शामिल किया जाएगा. स्टेशन परिसरों में नुक्कड़ नाटक, अनाउंसमेंट, अखबारों और टीवी चैनलों में विज्ञापन और सोशल मीडिया की मदद से लोगों को जागरूक किया जाएगा

​टिकट कलेक्टर, आरपीएफ एएसआई को होगा ​अधिकार

ट्रेन और स्टेशन परिसर में सिगरेट पीते हुए पकड़े जाने पर रेलवे एक्ट और तंबाकू एक्ट के तहत कार्रवाई होगी. ऐसा करने पर गिरफ्तारी भी हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है. सघन चेकिंग अभियान के तहत टिकट कलेक्टर या उससे ऊपर के अधिकारी, आरपीएफ में एएसआई या उससे अधिक रैंक के अधिकारी को सिगरेट और तंबाकू उत्‍पाद एक्‍ट 2003 के तहत कार्रवाई करने का अधिकार होगा

स्टोव, सिगरी, एलपीजी के इस्तेमाल पर कार्रवाई

ट्रेनों में ज्वलनशील और विस्फोटक पदार्थ कैरी करना कानूनन जुर्म है. इसको लेकर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा. सवारी डिब्बे में और पार्सल बोगी में भी ऐसे सामान ​कैरी करने पर रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई होगी. रेलवे ने कहा है कि ट्रेनों में वेंडर्स द्वारा सिगरी, स्टोव आदि इस्तेमाल करने पर कार्रवाई होगी. फिर चाहे वो वैध वेंडर्स हों या अवैध. यहां तक कि पैंट्री कार में भी एलपीजी सिलेंडर ढोना वैध नहीं है. इसकी भी जांच की जाएगी

धूम्रपान को लेकर सख्त है नियम

रेलवे एक्ट की धारा 167 में कहा गया है कि ट्रेन में कोई भी धुम्रपान (सिगरेट बीड़ी इत्यादि का सेवन करना) करना जुर्म है. ऐसा करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है. अगर कोई व्यक्ति शराब पीकर ट्रेन में सफर करता है या गाली गलौज करता है तो ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 145 के तहत कार्रवाई की जाती है. साथ ही छह महीने की जेल और जुर्माने का भी प्रावधान है. पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि स्मोकिंग के लिए 200 रुपये जुर्माना और पान गुटखा वगैरह खाकर थूकने पर 100 से 500 रुपये जुर्माना है. हालांकि ऐसे मामलों में मजिस्ट्रेट पर निर्भर करता है कि दोषी पर कितना जुर्माना लगाया जाए

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