दिल्ली दंगा : आरोपी शाहरुख की अदालत से गुहार, कहा - तिहाड़ जेल में आम कैदियों के साथ रहने में लगता है डर


  • जान को खतरे का हवाला देकर Shahrukh Pathan हाई रिस्क सेल में रहना चाहता है
  • Delhi Police ने उसे 3 मार्च को यूपी से गिरफ्तार किया था।
  • अपनी जान की रक्षा के लिए अदालत के सामने Article 21 का हवाला दिया।

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून ( CAA ) के खिलाफ दिल्ली में दंगा भड़काने के आरोप में शाहरुख पठान ( Shahrukh ) इन दिनों तिहाड़ ( Tihar ) के मंडोली जेल में बंद है। अब उसने अदालत में एक हलफनामा दायर कर सबको चौंका दिया है। अदालत में दायर याचिका में उसने बताया है कि उसे तिहाड़ जेल ( Tihar Jail ) में सामान्य कैदियों के साथ रहने में डर लगता है।

दिल्ली दंगा के आरोपी शाहरुख खान नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली ( North-East Delhi ) में हुई दंगों के आरोप में तिहाड़ के मंडोली जेल में बंद है। महीनों बाद शाहरुख पठान (Shahrukh Pathan) ने कड़कड़डूमा कोर्ट ( Karkardooma Court ) में याचिका दाखिल कर जान रक्षा की गुहार लगाई है।

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दिल्ली दंगों ( Delhi Riots ) का आरोपी शाहरुख ने सामान्य कैदियों के साथ जेल में रखे जाने बदले अदालत से हाई रिस्क सेल ( High Risk Sale ) में रखने की गुहार लगाई है। अदालत में दायर याचिका में उसने बताया है कि 26 फरवरी को हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ( Delhi Police ) ने जाफराबाद थाने में शाहरुख पठान के खिलाफ IPC की 186, 307, 353 और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने शाहरुख पठान को 3 मार्च को गिरफ्तार किया था। पुलिस रिमांड खत्म होने बाद कोर्ट ने शाहरुख को 10 मार्च को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। तभी से वह तिहाड़ के मंडोली जेल में बंद है।

शाहरुख इस समय मंडोली की जेल ( Mandoli Jail ) नंबर 4 की हाई रिस्क सेल में बंद है। अब जेल अधिकारियों ने शाहरुख को मौखिक रूप से बताया है कि उसे हाई रिस्क सेल से निकालकर सामान्य कैदी सेल में ट्रांसफर किया जा रहा है। लेकिन शाहरुख पठान हाई रिस्क सेल में ही रहना चाहता है।

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दिल्ली दंगा आरोपी शाहरुख ने अदालत को बताया है कि उसे सामान्य कैदियों के साथ रहने में जान को खतरा हो सकता है। अपनी याचिका में संविधान के अनुच्छेद-21 का हवाला देते हुए बताया है कि मुझे खतरा है और मेरे जीवन की रक्षा की जानी चाहिए। शाहरुख की इस याचिका पर कड़कड़डूमा कोर्ट ( Karkardooma Court ) में 29 जुलाई को सुनवाई होगी।

बता दें कि नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में 26 फरवरी को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान शाहरुख पठान ने बंदूक लहराते हुए हिंसा के लिए भीड़ को उकसाया था। पुलिस कर्मी के रोकने की कोशिश करने पर शाहरुख ने उस पर भी बंदूक तान दी थी और फरार हो गया था। ये बात अलग है कि 3 मार्च को पुलिस ने शाहरुख को भागने की कोशिश करते समय उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया था।

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