CBSE का बड़ा फैसला: हर स्कूल में काउंसलिंग, वेलनेस टीचर और करियर काउंसलर अनिवार्य
Tuesday, 20 January 2026
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नई दिल्ली।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने छात्रों के मानसिक, भावनात्मक और करियर विकास को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया है। बोर्ड ने नया नियम लागू करते हुए सभी संबद्ध स्कूलों में काउंसलिंग और वेलनेस टीचर के साथ-साथ करियर काउंसलर की नियुक्ति को अनिवार्य कर दिया है।
CBSE द्वारा जारी नए संबद्धता उपनियमों (Affiliation Bye-Laws) के अनुसार, अब स्कूलों को केवल शैक्षणिक पढ़ाई तक सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और करियर मार्गदर्शन पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
CBSE का मानना है कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में छात्रों पर पढ़ाई, परीक्षा और करियर को लेकर अत्यधिक दबाव रहता है। ऐसे में स्कूल स्तर पर ही उन्हें सही मार्गदर्शन और भावनात्मक सहयोग मिलना जरूरी है।
छात्रों और अभिभावकों को क्या फायदा?
छात्रों को मानसिक तनाव और परीक्षा दबाव से निपटने में मदद
समय रहते व्यवहारिक और भावनात्मक समस्याओं की पहचान
करियर विकल्पों को लेकर सही और वैज्ञानिक मार्गदर्शन
अभिभावकों को भी बच्चों की काउंसलिंग में सहयोग
कब से लागू होगा नियम?
यह नियम नए और पहले से संबद्ध सभी CBSE स्कूलों पर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। स्कूलों को अपनी संबद्धता बनाए रखने के लिए इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि CBSE का यह कदम न केवल छात्रों के सर्वांगीण विकास में मदद करेगा, बल्कि स्कूल शिक्षा व्यवस्था को भी अधिक संवेदनशील और आधुनिक बनाएगा।
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