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Madhya Pradesh: ब्यूरोक्रेट्स वाले बयान पर सफाई दी तो फिर विवादों में घिर गईं उमा भारती, इस बार नेताओं को कहा निकम्मा

Madhya Pradesh: ब्यूरोक्रेट्स वाले बयान पर सफाई दी तो फिर विवादों में घिर गईं उमा भारती, इस बार नेताओं को कहा निकम्मा


उमा भारती ने ब्यूरोक्रेसी को लेकर कहा था कि, मैं 11 साल मंत्री, मुख्यमंत्री रही हूं. पहले हमसे बात हो जाती है, फिर फाइल प्रोसेस होती है. ब्यूरोक्रेसी की औकात क्या है. हम उन्हें तनख्वाह दे रहे हैं, हम उन्हें पोस्टिंग दे रहे, हम प्रमोशन और डिमोशन दे रहे

Madhya Pradesh: ब्यूरोक्रेट्स वाले बयान पर सफाई दी तो फिर विवादों में घिर गईं उमा भारती, इस बार नेताओं को कहा निकम्मा
मध्य प्रदेश की पूर्व सीएम उमा भारती.

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ( Former CM UMA Bharti) अपने विवादित बयान को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में छा गई हैं. उमा भारती ने सोमवार को ब्यूरोक्रेट्स (Bureaucrats) को लेकर एक आपत्तिजनक बयान दिया था. जिस पर काफी विवाद हुआ है. हालांकि शाम होते-होते उन्होनें अपने दिए बयान पर सफाई भी दी, लेकिन सफाई भी ऐसी दी है कि अब उस पर भी विवाद पैदा हो गए हैं.

पूर्व सीएम उमा भारती ने अपने बयान में कहा है कि दो दिन पहले भोपाल में मेरे निवास पर पिछड़े वर्ग का एक प्रतिनिधिमंडल मुझे मिला. यह मुलाकात औपचारिक नहीं थी. उस पूरी बातचीत का वीडियो मीडिया में वायरल हुआ है. मैं मीडिया की आभारी हूं कि उन्होंने मेरा पूरा ही वीडियो दिखाया क्योंकि मैं तो ब्यूरोक्रेसी के पक्ष में ही बोल रही थी.

उमा ने अपनी सफाई में नेताओं को बताया निकम्मा

उमा भारती ने अपनी सफाई तो दी लेकिन इस बार नेताओं को निकम्मा भी बता दिया है. उमा ने सफाई देते हुए लिखा है कि, हम नेताओं में से कुछ सत्ता में बैठे निकम्मे नेता अपने निकम्मेपन से बचने के लिए ब्यूरोक्रेसी की आड़ ले लेते हैं कि हम तो बहुत अच्छे हैं लेकिन ब्यूरोक्रेसी हमारे अच्छे काम नहीं होने देती. जबकि सच्चाई यह है कि ईमानदार ब्यूरोक्रेसी सत्ता में बैठे हुए मजबूत सच्चे और नेक इरादे वाले नेता का साथ देती है.

यही मेरा अनुभव है. मुझे रंज है कि मैंने असंयत भाषा का इस्तेमाल किया जबकि मेरे भाव अच्छे थे. मैंने आज से यह सबक सीखा कि सीमित लोगों के बीच अनौपचारिक बातचीत में भी संयत भाषा का प्रयोग करना चाहिए.

ये है पूरा मामला

सोमवार को पूर्व सीएम का एक वीडियो मीडिया में वायरल हुआ जिसमें वो ये कहते हुए सुनाई दे रही हैं कि ब्यूरोक्रेसी कुछ नहीं होती हमारी चप्पल उठाने वाली होती है. ब्यूरोक्रेसी चप्पल उठाती है हमारी. हमको समझाया जाता है कि आपका बहुत बड़ा चक्कर पड़ जाएगा ऐसा हो गया तो. क्या लगता है ब्यूरोक्रेसी नेता को घुमाती है. अकेले में बात हो जाती है, फिर ब्यूरोक्रेसी फाइल बनाकर लाती है.

उमा भारती ने आगे कहा कि, मैं 11 साल मंत्री, मुख्यमंत्री रही हूं. पहले हमसे बात हो जाती है, फिर फाइल प्रोसेस होती है. ब्यूरोक्रेसी की औकात क्या है. हम उन्हें तनख्वाह दे रहे हैं, हम उन्हें पोस्टिंग दे रहे, हम प्रमोशन और डिमोशन दे रहे. हम ब्यूरोक्रेसी के बहाने से अपनी राजनीति साधते हैं.

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