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MP: कोरोना की तीसरी लहर की तैयारियों पर हाई कोर्ट सख्त, शिवराज सरकार से पूछा कितने ऑक्सीजन प्लांट लगाए

MP: कोरोना की तीसरी लहर की तैयारियों पर हाई कोर्ट सख्त, शिवराज सरकार से पूछा कितने ऑक्सीजन प्लांट लगाए


जबलपुर हाई कोर्ट ने सरकार से आईसीयू बेड, वेंटिलेटर बेड, सिटी स्कैन मशीन की जानकारी भी मांगी है. सरकार ने कार्ट को बताया कि अगस्त में मध्य प्रदेश को 1 करोड़ वैक्सीन मिलने का अनुमान है

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जबलपुर हाई कोर्ट (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर (Corona Third Wave in Madhya Pradesh) की तैयारियों को लेकर जबलपुर हाई कोर्ट (Jabalpur High Court) ने राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है कि हर जिले में ऑक्सीजन उपलब्धता (Oxygen) की पूरी जानकारी दी जाए. इसके अलावा हाई कोर्ट ने सरकार से ICU बेड, वेंटिलेटर और सिटी स्कैन मशीन की उपलब्धता पर भी जवाब मांगा है. कोर्ट ने निजी अस्पतालों में इलाज दरों पर भी निर्देश दिए हैं.

हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से ऑक्सीजन प्लांट (Oxygen Plants) को लेकर जानकारी मांगी है. हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि सरकार ने कितने जिलों में कितने ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए हैं. हाई कोर्ट ने आईसीयू बेड, वेंटिलेटर बेड, सिटी स्कैन मशीन की भी जानकारी मांगी है. वहीं राज्य में वैक्सीनेशन (Vaccination in MP) पर राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में जबाव दाखिल किया है. जिसके मुताबकि मई से लेकर 19 जुलाई तक सरकार को 1 करोड़ 51 लाख वैक्सीन मिल चुकी हैं.

अगस्त में मध्य प्रदेश को मिलेगी 1 करोड़ वैक्सीन

सरकार ने कोर्ट को बताया कि अगस्त में 1 करोड़ वैक्सीन मिलने का अनुमान है. साथ हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने केंद्र से कहा है कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. बताया गया कि प्रदेश को हर महीने डेढ़ करोड़ वैक्सीन की जरूरत है. इसके साथ जबलपुर हाई कोर्ट ने निजी अस्पतालों में ईलाज की दरों पर भी निर्देश दिए हैं. कोर्ट का कहना है कि कोर्ट मित्र के सुझाव पर अमल किया जाए. जिसके तहत कोर्ट मित्र ने सुझाव दिया था कि एमपी में अन्य 8 राज्यों की तरह निजी अस्पतालों में निर्धारित दरों पर इलाज हो.

निजी अस्पतालों में इलाज 25 से 50 प्रतिशत तक ज्यादा

कोर्ट मित्र द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में बताया गया कि अन्य प्रदेशों की तुलना में मध्य प्रदेश में कोरोना इलाज के रेट 25 से 50 प्रतिशत तक ज्यादा हैं. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक तथा जस्टिस वीके शुक्ला की युगलपीठ ने कोरोना इलाज के रेट निर्धारित करने के लिए प्रदेश सरकार को संयुक्त कमेटी बनाने के निर्देश दिये हैं.मामले में अब अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी.

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