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MP: ताउजी की परेशानी देख भोपाल की इस लड़की ने ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीजों के लिए बना दिया मूविंग टॉयलेट, पापा की मदद से घर पर ही किया तैयार

MP: ताउजी की परेशानी देख भोपाल की इस लड़की ने ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीजों के लिए बना दिया मूविंग टॉयलेट, पापा की मदद से घर पर ही किया तैयार


इस टॉयलेट को तैयार करवाने में प्रत्यक्षा के पापा का भी काफी योगदान रहा है. प्रत्यक्षा के पापा सिविल इंजीनियर हैं और बाप-बेटी ने साथ मिलकर इस मूविंग टॉयलेट को घर पर ही तैयार किया है

MP: ताउजी की परेशानी देख भोपाल की इस लड़की ने ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीजों के लिए बना दिया मूविंग टॉयलेट, पापा की मदद से घर पर ही किया तैयार
साकेंतिक तस्वीर

कोरोना महामारी के बीच हर कोई अपने तरीके से कोविड मरीजों की मदद करने की कोशिश कर रहा है. भोपाल की रहने वाली छात्रा प्रत्यक्षा ने भी ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीजों के लिए मूविंग टॉयलेट बनाकर उनकी परेशानियों को बहुत हद तक कम करने की कोशिश की है. दरअसल ये टॉयलेट कोरोना से पीड़ित ऐसे मरीज जिन्हे ऑक्सीजन लगी हुई है उनके लिए बहुत उपयोगी है.

इस मूविंग टॉयलेट के आइडिया को लेकर प्रत्यक्षा ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके पूरे परिवार को कोरोना हो गया था. कोरोना के कारण ताउजी की तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ गई. जिस वजह से उन्हे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. वो अस्पताल में एक हफ्ते तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहे. इस दौरान ताऊजी को टॉयलेट जाने में बहुत ज्यादा परेशानी हो रही थी, क्योंकि ऑक्सीजन बेड छोड़कर वह टॉयलेट नहीं जा पा रहे थे.

ताऊजी के बेड से टॉयलेट की दूरी काफी थी. इस वजह से उनके ऑक्सीजन लेवल में बार बार गिरावट हो रही थी. उसी समय मुझे ऐसे ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीजों की मदद के लिए मूविंग टॉयलेट बनाने का आइडिया आया.

प्रत्यक्षा ने टॉयलेट का डिजाइन किया है खुद तैयार

प्रत्यक्षा एनआईएफटी की स्टूडेंट हैं. प्रत्यक्षा ने खुद इस मूविंग टॉयलेट की डिजाइन तैयार किया. इस टॉयलेट को तैयार करवाने में उसके पापा का भी काफी योगदान रहा है. प्रत्यक्षा के पापा सिविल इंजीनियर हैं और बाप-बेटी ने साथ मिलकर इस मूविंग टॉयलेट को घर पर ही तैयार किया है. इस टॉयलेट को बनाने में लगभग 25 हजार का खर्चा आया है. मूविंग टॉयलेट में एक व्हीलचेयर के बराबर की जगह लेता है. जिसमें वेस्टर्न शीट लगाई गई है. मूविंग टॉयलेट को ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीज अपने बेड के आस-पास ही यूज कर सकते है.

5 से 6 मरीज एक समय में कर सकेंगे यूज

प्रत्यक्षा का कहना है कि इस मूविंग टॉयलेट में 80 लीटर का ओवरहेड टैंक है, 100 लीटर का बॉटम टैंक भी है. फाइबर शीट से कवर करके लॉक वाले पहियों को तैयार किया गया है. जिसे लॉक-अनलॉक किया जा सकता है. एक बार टैंक में पानी भरने के बाद एक साथ 5 से 6 पेशेंट इसको यूज कर सकते हैं. एक बार प्रयोग करने के बाद मूविंग टॉयलेट को दोबारा भी उपयोग किया जा सकता है. एक बार प्रयोग करने के बाद इस टॉयलेट को वॉशरूम तक ले जाकर ऊपर के टैंक में पानी भरकर नीचे के टैंक को साफ करके से फिर से उपयोग में लाया जा सकता है.

हमीदिया अस्पताल को किया टॉयलेट डोनेट

प्रत्यक्षा के इस आइडिया की सभी जगह तारीफ की जा रही है. प्रत्यक्षा ने अपना मूविंग टॉयलेट हमीदिया अस्पताल को डोनेट कर दिया है. ताकि जिस समस्या से उनके ताऊजी को जूझना पड़ा. उस समस्या का किसी और ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीज को जूझना ना पड़े.

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