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Madhya Pradesh: एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन देने के बाद बिगड़ी ब्लैक फंगस के मरीजों को तबीयत, अस्पताल ने तुरंत बंद किया इस्तेमाल

Madhya Pradesh: एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन देने के बाद बिगड़ी ब्लैक फंगस के मरीजों को तबीयत, अस्पताल ने तुरंत बंद किया इस्तेमाल


बीएमसी के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. उमेश पटेल ने बताया कि ब्लैक फंगस वार्ड में भर्ती 42 मरीजों में से करीब 27 मरीजों को शनिवार करीब 6 बजे एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन दिया गया था

Madhya Pradesh: एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन देने के बाद बिगड़ी ब्लैक फंगस के मरीजों को तबीयत, अस्पताल ने तुरंत बंद किया इस्तेमाल
ब्लैक फंगस के मरीजों की तबीयत बिगड़ी (साकेंतिक तस्वीर)

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) में एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन लगाने के बाद ब्लैक फंगस से पीड़ित कम से कम 27 मरीज की तबीयत बिगड़ गई. एक अधिकारी ने बताया कि इन मरीजों की स्थिति अभी स्थिर है. शनिवार शाम की घटना के बाद ब्लैक फंगस के इलाज में एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन के इस्तेमाल को तुरंत बंद कर दिया गया है.

बीएमसी के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. उमेश पटेल ने बताया कि ब्लैक फंगस वार्ड में भर्ती 42 मरीजों में से करीब 27 मरीजों को शनिवार करीब 6 बजे एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन दिया गया था. इसके तुरंत बाद मरीजों की शिकायत आनी शुरू हो गई. मरीजों में हल्के बुखार, कंपकंपी और उल्टी होने की शिकायत आ रही थी. उन्होंने कहा कि इसके बाद तुरंत इंजेक्शन का इस्तेमाल करना बंद कर दिया गया.

तुरंत हरकत में आए अधीक्षक औऱ डीन

डॉ पटेल ने कहा कि इसके तुरंत बाद बीएमसी अधीक्षक और डीन हरकत में आए और प्रभावित मरीजों का इलाज शुरू किया गया. अभी सभी मरीजों की हालत स्थिर है औऱ डरने की कोई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि मरीजों को दिए जा रहे उपचार के बारे में अधिकारियों और सरकार को अवगत कराया गया है.

सरकार ने दिए थे इंजेक्शन

अस्पताल में काम कर रहे एक डॉक्टर ने बताया कि लगभग दो दिन पहले ही राज्य सरकार ने बीएमसी को लगभग 300-350 एंटी-फंगल इंजेक्शन की आपूर्ति की थी. उन्होंने कहा कि ये एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन अलग ब्रांच के थे. इससे पहले हमें किसी और ब्रांड के इंजेक्शन मिल रहे थे.

जबलपुर की कंपनी को मिला एम्फोटेरिसिन-बी बनाने का लाइसेंस

मध्य प्रदेश सरकार ने जबलपुर की एक कंपनी को म्यूकरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) के इलाज में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन एम्फोटेरिसिन-बी बनाने का लाइसेंस जारी किया है. प्रदेश के जनसंपर्क विभाग की विज्ञप्ति में बताया गया कि मध्यप्रदेश के खाद्य एवं औषधि नियंत्रक ने जबलपुर के उमरिया-डुंगरिया औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक निजी क्षेत्र की दवा कंपनी ‘रेवा क्योर लाइफ साइंसेज’ को 22 दिसंबर 2021 तक के लिए एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन के उत्पादन के लिए लाइसेंस जारी किया है.

जबलपुर में एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन बनने से सिर्फ जबलपुर ही नहीं, बल्कि समूचे महाकौशल, विंध्य और बुंदेलखंड में ब्लैक फंगस बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए यह दवा आसानी से और कम कीमत में उपलब्ध हो सकेगी. प्रदेश सरकार ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक होने के बाद कुछ लोगों में हो रहे ब्लैक फंगस के इलाज के लिए इंजेक्शन बनाने की अनुमति पाने वाली ‘रेवा क्योर लाइफ साइंसेस’ प्रदेश की दूसरी कंपनी है. प्रदेश में इससे पहले केवल इंदौर की मार्डन लेबोरेटरी को ही यह इंजेक्शन बनाने का लाइसेंस हासिल था.

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