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Madhya Pradesh: महाराजा यशवंतराव अस्पताल में सामने आई बड़ी लापरवाही, चूहे ने कुतरा नवजात का पैर

Madhya Pradesh: महाराजा यशवंतराव अस्पताल में सामने आई बड़ी लापरवाही, चूहे ने कुतरा नवजात का पैर


महाराजा यशवंतराव अस्पताल में साल 2015 में चूहों को भगाने के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपए खर्च हुए थे. लेकिन चूहे खत्म नहीं हुए

Madhya Pradesh: महाराजा यशवंतराव अस्पताल में सामने आई बड़ी लापरवाही, चूहे ने कुतरा नवजात का पैर
चूहे ने कुतरा नवजात का पैर (सांकेतिक तस्वीर)

मध्यप्रदेश के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. ये लापरवाही पहली मंजिल पर नर्सरी में हुई है. जहां नवजात बच्चों को रखा जाता है. यहां एक चूहों ने नर्सरी में भर्ती एक नवजात के पैर का अंगूठा और ऐड़ी कुतर दी. मां बच्चे को दूध पिलाने गई तो मामले खुलासा हुआ. इसके बाद परिवार वालों ने जमकर हंगामा किया. हंगामे के बाद अस्पताल ने जांच कमेटी बनाई हैं.

जानकारी के अनुसार नर्सरी में ये इस तरह का दूसरा मामला है. इससे पहले नर्सरी में एक नवजात का पैर झुलसने की बात सामने आई थी. प्रियंका की प्री मैच्योर डिलीवरी हुई थी. इस वजह से बच्चे का वजन कम था और देखरेख के लिए उसे नर्सरी में वार्मर में रखा गया था. नर्सरी में सिर्फ मां को ही जाने की अनुमति है. जब सोमवार को प्रियंका अपने बच्चे को दूध पिलाने गई, तो वो बच्चे का पैर देख कर चौंक गई.

बच्चे की हालत देखकर परिवार ने किया हंगामा

बच्चे के एक पैर का अंगूठा और एड़ी चूहों ने कुतर दिया था. नवजात का लहूलुहान पैर देखकर परिवार ने अस्पताल में हंगामा कर दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीन डॉ. संजय दीक्षित और एमवाय अधीक्षक डॉ. पीएस ठाकुर मौके पर पहुंचे और जांच के आदेश दिए. बच्चे के इलाज के लिए प्रबंधन ने प्लास्टिक सर्जन से इस मामले में राय लेने के बात कही है. वहीं बच्चे के पिता कहना है कि सुबह 3 बजे मेरी पत्नी बच्चे को दूध पिलाने गई तो उसे पता चला कि चूहे ने उसका पैर कुतर दिया है. मेरे बच्चे के पैर का अंगूठा नहीं है.

पिछले हफ्ते भी सामने आया था लापरवाही का मामला

पिछले हफ्त भी नर्सरी में ऐसा ही एक मामला सामने आया था. यहां एक नवजात का पैर झुलस गया था. नवजात का इलाज अब भी अस्पताल में चल रहा है. असल में जिस बच्चे को वार्मर में रखा गया था, वो इतना गर्म था कि उसके पैर में छाले हो गए थे और बच्चा लाल हो गया था. जब परिजनों ने बच्चे की हालत देखी तो काफी नाराज हो गए. मामले में जांच हुई तो जांच रिपोर्ट में स्टाफ की लापरवाही सामने आई.

चूहों पर डेढ़ करोड़ खर्च कर चुका है अस्पताल

महाराजा यशवंतराव अस्पताल में साल 2015 में चूहों को भगाने के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपए खर्च हुए थे. लेकिन चूहे खत्म नहीं हुए. अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि चूहे पकड़ने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं. इसके लिए कई जगहों पर पिंजरे भी लगाई गए हैं. इसके बाद भी इस तरह की घटनाएं सामने आ रहे हैं.

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