गुलजार रहेगा सोने का बाजार! Gold ETF में मिल सकता है बंपर रिटर्न, छोटे खरीदारों की भी रहेगी चांदी


एएमएफआई के आंकड़ों के मुताबिक स्वर्ण ईटीएफ में निवेश दिसंबर के अंत में 14,174 करोड़ रुपये के मुकाबले जनवरी के अंत में 22 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 14,481 करोड़ रुपये हो गया

गुलजार रहेगा सोने का बाजार! Gold ETF में मिल सकता है बंपर रिटर्न, छोटे खरीदारों की भी रहेगी चांदी
सोने की कीमतों में गिरावट जारी

महंगे मेटल की कीमतों में गिरावट के अनुरूप राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोना 661 रुपये की गिरावट के साथ 46,847 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसार पिछले दिन सोना 47,508 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. चांदी भी 347 रुपये की गिरावट के साथ 67,894 रुपये प्रति किलो ग्राम पर बंद हुआ जिसका पिछला बंद भाव 68,241 रुपये प्रति किलो था.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना गिरावट के साथ 1,815 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस रह गया जबकि चांदी 26.96 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने ‘PTI’ से कहा, ‘डॉलर सूचकांक में सुधार के कारण सोने में कमजोरी रही.’ डॉलर की कीमतों का असर सोने के बाजार पर देखा जाता है. अमेरिकी डॉलर में घट-बढ़ का प्रभाव देश में सोने के भाव उसकी खरीदारी पर साफ देखा जा सकता है.

गोल्ड ईटीएफ में निवेश में तेजी

दूसरी ओर, सोने में निवेश लगातार जारी है क्योंकि लोगों को इसमें पैसा लगाना एक सुरक्षित विकल्प जान पड़ रहा है. पिछले महीने जनवरी की बात करें तो गोल्ड ईटीएफ यानी कि एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स पर भारी निवेश हुआ है. जनवरी में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में 625 करोड़ रुपये का निवेश हुआ जो इससे पिछले महीने के मुकाबले 45 प्रतिशत ज्यादा था. निवेशकों को उम्मीद है कि आगे जाकर सोने का बाजार अच्छा रहेगा.

एएमएफआई के आंकड़ों के मुताबिक स्वर्ण ईटीएफ में निवेश दिसंबर के अंत में 14,174 करोड़ रुपये के मुकाबले जनवरी के अंत में 22 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 14,481 करोड़ रुपये हो गया. नवंबर 2020 में इस तरह की योजनाओं से 141 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई थी. दिसंबर में इसे 431 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश देखने को मिला. ‘मॉर्निंगस्टार इंडिया’ के हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि सोने की कीमतें पिछले साल अगस्त में हुए गए सर्वकालिक उच्च स्तर से नीचे आ गई हैं. जनवरी के महीने में भी इसकी कीमतों में काफी गिरावट आई है.

हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ‘इस उम्मीद के साथ कि आगे जाकर सोना अच्छा कर सकता है, इस स्थिति ने निवेशकों को खरीदारी का अच्छा अवसर दिया, जिसके परिणामस्वरूप जनवरी में इस श्रेणी में शुद्ध निवेश हुआ.’ गोल्ड ईटीएफ ने पिछले साल 6,657 करोड़ रुपये आकर्षित किए थे. वर्ष 2019 के महज 16 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था. इस तरह देखें तो हर साल गोल्ड ईटीएफ में निवेश लगातार बढ़ता जा रहा है जो दिखाता है कि रिटर्न की आस में लोग सोने को अपना भरोसेमंद जरिया मान रहे हैं और तेजी से इसमें निवेश कर रहे हैं. आगे भी यह ट्रेंड जारी रहने की संभावना है.

भविष्य में मिलेगा बंपर रिटर्न

गोल्ड ईटीएफ में निवेश बढ़ने का मतलब है कि निवेशकों को उम्मीद है कि आगे चलकर उन्हें अच्छा रिटर्न मिलेगा. गोल्ड ईटीएफ में निवेश को अच्छा जरिया माना जाता है. जैसा सोने पर रिटर्न मिलता है, वैसा ही ईटीएफ पर भी रिटर्न मिलता है. जिस तरह शेयर खरीदे जाते हैं, उसी तरह आसान तरीके से गोल्ड ईटीएफ भी खरीदे जा सकते हैं. ईटीएफ की कीमतें सोने की कीमतों पर निर्भर करती हैं. हालांकि अभी सोने के भाव तो गिर रहे हैं लेकिन भविष्य में भी ऐसा ही रहेगा, यह नहीं कहा जा सकता. गोल्ड ईटीएफ का इतिहास देखें तो पिछले साल तीन प्रमुख गोल्ड ईटीएफ ने 35 परसेंट से ज्यादा मुनाफा दिया है.

गोल्ड ईटीएफ से तगड़ी कमाई

इन तीन गोल्ड ईटीएफ में एचडीएफसी गोल्ड फंड, कोटक गोल्ड फंड और एसबीआई एक्सचेंज ट्रेडेड फंड गोल्ड का नाम है. जो लोग बड़े स्तर पर खरीदारी करते हैं वे ईटीएफ में निवेश करते हैं क्योंकि इसे बेचना आसान होता है. सोना खरीदकर बेचने और उससे मुनाफा कमाने से अच्छा जरिया ईटीएफ को माना जाता है, तभी आजकल इसमें निवेश तेजी से बढ़ रहा है. पिछले साल दिसंबर की तुलना में इस साल जनवरी में ईटीएफ में निवेश में 45 फीसदी तक तेजी देखी गई है. जानकार बताते हैं कि आने वाले महीने में यह तेजी बरकरार रहेगी और इसमें बढ़ोतरी संभव है. निवेशकों को उम्मीद है कि आगे चल कर सोना अच्छा रिटर्न दे सकता है, इसलिए धड़ाधड़ निवेश किया जा रहा है.

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