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पढ़ाई का समय आया तो रख दिया नर्सिंग का परीक्षा केन्द्र

पढ़ाई का समय आया तो रख दिया नर्सिंग का परीक्षा केन्द्र


- यूपी, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली सहित अन्य प्रांतों से आए परीक्षार्थी फिर कोरोना गाइड लाइन की अनदेखी
- छात्र छात्राओं की नहीं लग पा रही हैं कक्षाएं

मुरैना. अभी तक कोरोनाकाल के चलते कॉलेजों की कक्षाएं नहीं लग रही थीं। लेकिन अब शासन ने कक्षाएं लगाने के निर्देश कर दिए हैं तो स्थानीय कॉलेज प्रशासन ने नर्सिंग का परीक्षा केन्द्र रखवा लिया है। इसके चलते छात्र छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके पीछे परीक्षा के नाम पर आने वाली राशि बताई जा रही है। शहर में शासकीय पी जी कॉलेज, शासकीय कन्या महाविद्यालय मुरैना और शासकीय हायरसेकेंडरी ज्योति स्कूल गणेश पुरा में परीक्षा केन्द्र रखा गया है। पी जी कॉलेज में पहले से कक्ष कम पड़ रहे थे अब ये परीक्षाएं शुरू होने से और परेशानी हो गई। परीक्षाएं २० फरवरी तक चलेंगी तब छात्र छात्राओं की कक्षाएं नहीं लग सकेंगी।
शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि कॉलेजों में एक्स्ट्रा क्लास लेकर छात्र छात्राओं का कोर्स पूरा कराया जाए। लेकिन यहां कॉलेज प्रशासन ने लालच में आकर नर्सिंग का परीक्षा केन्द्र कॉलेज में रखवा लिया है। जबकि ये परीक्षाएं जीवाजी यूनिवर्सिटी की नहीं हैं और न ही शासन व प्रशासन के कोई ऐसे निर्देश थे कि इन कॉलेजों में परीक्षा केन्द्र रखा जाए फिर भी प्राचार्य व उनके सिपसलाहारों ने अपने हित की खातिर छात्र छात्राओं के हित को तिलांजलि दे दी। वहीं परीक्षा के दौरान मास्क व सेनेटाइजर के लिए भी फंड आया लेकिन एक भी परीक्षार्थी को मास्क वितरित नहीं किया गया। खास बात है कि परीक्षार्थी हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, यूपी सहित अन्य प्रांतों से आए हैं जहां कोरोना की स्थिति ठीक नहीं हैं। उसके बाद भी सुरक्षा के मानकों का अनदेखा किया गया।
सरकारी स्कूलों में रखा जा सकता था परीक्षा केन्द्र
नर्सिंग की परीक्षाओं का केन्द्र स्कूल स्तर पर रखने का प्रावधान हैं और शहर व जिले में सरकारी स्कूलों की भरमार है। एक परीक्षा केन्द्र सरकारी ज्योति हायरसेकेंडरी स्कूल गणेश पुरा में रखा भी गया है इस लिहाज से शहर में अन्य सरकारी स्कूलों में परीक्षा केन्द्र रखा जा सकता था फिर पी जी कॉलेज और कन्या कॉलेज ही क्यों।
हॉल खाली और परीक्षार्थी बैैठे थे पास पास
शासकीय कन्या महाविद्यालय परीक्षा केन्द्र में देखने को मिला कि पूरा हॉल खाली पड़ा था और परीक्षार्थी पास पास एक ही लाइन में बैठे हुए थे। जबकि परीक्षाओं में गेप बनाकर बैठना चाहिए। वहीं कोरोना के नियमों का भी पालन नहीं हो रहा था।
शासकीय कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य कमलेश श्रीवास्तव से पत्रिका की सीधी बात
पत्रिका- नर्सिंग की परीक्षाओं का केन्द्र अपने यहां रखने के लिए यूनिवर्सिटी या शासन से कोई निर्देश मिले थे क्या?
प्राचार्य- यूनिवर्सिटी और शासन से कोई आदेश नहीं थे, नर्सिंग वालों ने ही निवेदन किया था कि हमको सरकारी कॉलेज में ही परीक्षा केन्द्र रखना हैं।
पत्रिका- शासन के निर्देश हैं कि छात्राओं की एक्स्ट्रा कक्षाएं लगाई जाएं और परीक्षा केन्द्र रखने से पढ़ाई प्रभावित होगी?
प्राचार्य- दो तीन हॉल हमने छोड़ दिए हैं छात्राएं आती हैं तो उनकी कक्षाएं लगवाई जा रही हैं।
पत्रिका- अतिथि विद्वान को परीक्षा ड्यूटी में लगाया गया है, कक्षाएं सस्पेंड कर दी हैं और वह कक्षाएं नहीं ले पा रहे हैं फिर उनका पीरियड के हिसाब से भुगतान कैसे होगा?
प्राचार्य- जो अतिथि विद्वान पीरियड नहीं ले रहे, उनको उस दिन का भुगतान नहीं दिया जाएगा।

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