रेलवे ने बोगी में लगाई नई तकनीक, अब यात्रियों के सफर को सुनहरा बनाएगा स्मार्ट विंडो सिस्टम


आधुनिक तकनीक से नई सुविधाएं देने की दिशा में एक और शुरुआत करते हुए हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में स्मार्ट विंडो सिस्टम लगाया गया है. रेलवे सुरक्षा कारणों से कोच में लगे पर्दे को हटा रहा है

रेलवे ने बोगी में लगाई नई तकनीक, अब यात्रियों के सफर को सुनहरा बनाएगा स्मार्ट विंडो सिस्टम

भारतीय रेलवे (Indian Railways) हर दिन अपने आप को तकनीकि रूप से बदल रहा है और पिछले कुछ समय से लगातार यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने पर फोकस कर रही है. इसी दिशा में अब रेलवे ने कोच में स्मार्ट विंडो सिस्टम (Smart Window System) लगाने की शुरुआत की है. इसे सबसे पहले दिल्ली-हावड़ा राजधानी के फर्स्ट क्लास एसी कोच में लगाया गया है. इसकी खासियत है कि यात्री अपनी सुविधा के अनुसार इसे पारदर्शी बना सकेंगे. यात्री सिर्फ एक स्विच की मदद से विंडो के शीशों को अपनी सुविधानुसार पारदर्शी या अपारदर्शी बना सकते हैं.

स्मार्ट विंडो लगने से कोच के भीतर की लाइट बंद करने के बाद बाहर से कोई भी रौशनी अंदर नहीं आ पाएगी. इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर खड़ा कोई भी व्यक्ति कंपार्टमेंट ताकझांक नहीं कर पाएगा. ऐसे में यात्रियों को अपनी प्राइवेसी की चिंता नहीं करनी पड़ेगी. फिलहाल इस विंडो को नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी ट्रेन के एसी-1 कोच में लगाया गया है. हालांकि, जल्द ही रेलवे इस सेवा का अन्य ट्रेनों में भी विस्तार करेगा.

तेज धूप व अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से बचाव

पॉलिमर डिस्पसर्ड लिक्विड क्रिस्टल आधारित स्विच से लैस इस नई तकनीक के सहारे यात्री विंडों को पारदर्शी रखना है या नहीं यह खुद निर्धारित करेंगे. इससे तेज धूप व अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से बचाव भी होगा. केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस नई तकनीक आधारित विंडों की खासियत को लेकर एक ट्वीट भी किया था. उन्होंने बताया था कि आधुनिक तकनीक से नई सुविधाएं देने की दिशा में एक और शुरुआत करते हुए हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में स्मार्ट विंडो सिस्टम लगाया गया है. मालूम हो कि रेलवे सुरक्षा कारणों से कोच में लगे पर्दे को हटा रहा है. नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस में इसे बतौर पॉयलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है.

नए वातानूकूलित कोच

हाल ही में रेलवे पहला वातानूकूलित (एसी) थ्री-टियर किफायती श्रेणी (इकोनॉमी क्लास) सामने लेकर आया है. जिसे किफायती बताया जा रहा है. इन्हें ये मौजूदा एसी थ्री-टियर और गैर एसी शयनयान वर्ग के डिब्बों के बीच की श्रेणी में रखा जाएगा. इनका डिजाइन भी बदला गया है. यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए कई नई चीजें जोड़ी गई हैं. इनका डिजाइन भी काफी कुछ बदला गया है. यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए कई नई चीजें जोड़ी गई हैं. इस कोच की परिकल्पना आरसीएफ ने तैयार की और इसके डिजाइन पर अक्टूबर, 2020 से लगातार काम हुआ.

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