Skip to main content

जानिए प्रेगनेंसी के दौरान क्यों होते हैं स्ट्रेच मार्क्स, बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स !


प्रेगनेंसी के दौरान ज्यादातर महिलाओं को स्ट्रेच मार्क्स होते हैं. वैसे तो ये शरीर के किसी भी हिस्से में पड़ सकते हैं, लेकिन ज्यादातर ये पेट के निचले हिस्से, कूल्हों, जांघों और ब्रेस्ट पर दिखाई देते हैं

जानिए प्रेगनेंसी के दौरान क्यों होते हैं स्ट्रेच मार्क्स, बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स !

गर्भावस्था के दौरान एक महिला के शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं. स्ट्रेच मार्क्स भी उन्हीं बदलावों में से एक है. स्ट्रेच मार्क्स यानी खिंचाव के निशान होना. स्ट्रेच मार्क्स वैसे तो शरीर के किसी भी हिस्से में पड़ सकते हैं, लेकिन ज्यादातर ये पेट के निचले हिस्से, कूल्हों, जांघों और ब्रेस्ट पर दिखाई देते हैं. सामान्यतः दूसरी तिमाही में स्ट्रेच मार्क्स होते हैं.

दरअसल प्रेगनेंसी के दौरान पेट बढ़ने की वजह से न केवल आपकी त्वचा की ऊपरी परत में खिंचाव होता है, बल्कि निचली परतें भी खिंचती हैं. इससे कोलेजन थोड़ा-थोड़ा फट जाता है और ये ही स्ट्रेच मार्क्स के रूप में दिखाई देता है. स्ट्रेच मार्क्स किसी को हल्के होते हैं और किसी को गहरे, इसकी वजह आनुवांशिक भी हो सकती है. स्ट्रेच मार्क्स से पूरी तरह बचना तो मुमकिन नहीं है, लेकिन कुछ उपायों को आजमाकर इसे कम जरूर किया जा सकता है

ये उपाय आएंगे काम

1. एलोवेरा के टुकड़े को 15 मिनट तक स्ट्रेच मार्क्स पर रगड़ें और फिर गुनगुने पानी से धो लें. ऐसा रोजाना करने से स्ट्रेच मार्क्स धीरे-धीरे हल्के होने लगेंगे.

2. एक चम्मच चीनी में बादाम का तेल और नींबू का रस डालकर स्क्रब बना लें. इससे हल्के हाथों से स्क्रेच मार्क्स वाले हिस्से पर मसाज करें. कुछ समय में थोड़ा बहुत असर दिखने लगेगा.

3. वजन को नियंत्रित रखें, इसके लिए रोजाना डॉक्टर द्वारा बताई गई एक्सरसाइज करें.

4. खूब सारा पानी पिएं, इससे त्वचा लचीली होती है. आप पानी की अधिकता वाले फल और सब्जियों जैसे कि तरबूज, खीरा, लौकी वगैरह का सेवन भी कर सकती हैं.

5. पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लें. खासतौर पर विटमिन सी और डी युक्त चीजों का सेवन करें.

6. नारियल तेल से रोजाना स्ट्रेच मार्क्स की जगह पर हल्के हाथों से मालिश करने से भी इस समस्या से राहत मिल सकती है.

Comments

Popular posts from this blog

मकर संक्रांति 2021 तिथि, शुभ मुहूर्त | मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है?

मकर संक्रांति मकर संक्रांति  का भारतीय धार्मिक परम्परा में विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन सूर्य धनु राशि को छोड़ कर मकर राशि में प्रवेश कर उत्तरायण में आता है। शास्त्रों के अनुसार यह सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है और इसीलिए इस दिन जप, तप, दान, स्नान का विशेष महत्व है।  मकर संक्रांति  परंपरागत रूप से 14 जनवरी या 15 जनवरी को मनाई जाती आ रही है।  मकर संक्रांति  में ‘मकर’ शब्द मकर राशि को इंगित करता है जबकि ‘संक्रांति’ का अर्थ संक्रमण अर्थात प्रवेश करना है।  मकर संक्रांति  के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। एक राशि को छोड़कर दूसरे में प्रवेश करने की इस विस्थापन क्रिया को संक्रांति कहते हैं। शास्त्रों के नियम के अनुसार रात में संक्रांति होने पर अगले दिन भी संक्रांति मनाई जाती है। मकर संक्रांति  के दिन सूर्य दक्षिणायन से अपनी दिशा बदलकर उत्तरायण हो जाता है अर्थात सूर्य उत्तर दिशा की ओर बढ़ने लगता है, जिससे दिन की लंबाई बढ़नी और रात की लंबाई छोटी होनी शुरू हो जाती है। भारत में इस दिन से बसंत ऋतु की शुरुआत मानी जाती है। अत:  मकर संक्रांति  को उत्तरायण के नाम से भी जाना जाता है। तम

रफत वारसी भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष बनाये गए

मध्य प्रदेश भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे की जवाबदारी प्रदेश के  युवा व वरिष्ठ नेता श्री रफत वारसी के हाथों में  मध्य प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णु दत्त शर्मा ने मध्य प्रदेश के भाजपा संगठन का विस्तार किया है जिसमें मोर्चे के नए प्रदेश अध्यक्षों की भी नियुक्ति की गई है जिसमें मध्य प्रदेश के वरिष्ठ व युवा नेता श्री रफत वारसी को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की जवाबदारी सौंपी गई है श्री रफत वारसी मध्यप्रदेश में एक उभरते हुए अल्पसंख्यक चेहरे है और भाजपा आलाकमान ने नए चेहरे के रूप में श्री वारसी साहब को यह नई जवाबदारी सौंपी है जिससे मध्य प्रदेश में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा और मजबूत होने की संभावना बढ़ गई है वर्तमान में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा में नई और युवा पीढ़ी के लोग अधिकतर काम कर रहे हैं और वारसी साहब के प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से इसमें और अधिक वृद्धि होगी क्योंकि नए प्रदेश अध्यक्ष श्री वारसी साहब मध्यप्रदेश में अल्पसंख्यक समाज में अपनी गहरी पैठ रखते हैं उनके प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा बेहतर

शहीद हसमत वारसी जी के सुपुत्र रफत वारसी को मिला प्रदेश में महत्वपूर्ण पद

    शहीद हसमत वारसी जी  के सुपुत्र रफत वारसी को मिला प्रदेश में महत्वपूर्ण  पद          वी डी शर्मा जी ने गले लगा कर दी बधाई      मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी से आशीर्वाद लेते हुए       वी डी  शर्मा जी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  ने दिया आशीर्वाद          अपनी माँ परवीन वारसी जी से दुआयें  लेते हुए रफत वारसी ने किया पदभार ग्रहण 17 जनवरी 2021 को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष रफत वारसी ने किया पदभार ग्रहण रफत वारसी ने कहा मुस्लिम समाज में कई तरह के भ्रम हैँ जिन्हे दूर करने के लिए एक दल के साथ पुरे प्रदेश का भ्रमण करेंगे ! साथ ही उन्होंने पदभार ग्रहण में आये हुए  सभी  साथियों का तहे दिल से शुक्रिया  अदा किआ 

SHOP WITH US Apparel & Accessories