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सरकारी बैंक Bank of Baroda की खास योजना, इतने दिनों में होगा आपका पैसा डबल, जानिए इससे जुड़ी सभी बातें


बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से चलाई जाने वाली ई-किसान विकास पत्र योजना का लॉन इन पीरियड 2 साल 6 महीने है. इस योजना को लॉक इन पीरियड से पहले भी बंद करा सकते हैं लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें हैं

सरकारी बैंक Bank of Baroda की खास योजना, इतने दिनों में होगा आपका पैसा डबल, जानिए इससे जुड़ी सभी बातें
किसान विकास पत्र पर पाएं अच्छा मुनाफा

सरकार छोटी बचत के लोगों के लिए किसान विकास पत्र (KVP, केवीपी) योजना चलाती है. यह ऐसी योजना है जिसमें पैसे के डबल होने की गारंटी होती है. चूंकि सरकार इसे चलाती है, इसलिए इसमें पैसे डूबने का कोई खतरा नहीं होता. इस योजना की शुरुआत साल 2014 में की गई थी और देखते-देखते यह योजना इतनी लोकप्रिय हुई कि ग्रामीण इलाके में आज हर कोई इसे लेना चाहता है. भारत सरकार की ओर से जारी यह वन टाइम इनवेस्टमेंट स्कीम है.

देश के डाकघरों और बैंकों में यह योजना चलाई जाती है. इसी में एक नाम है बैंक ऑफ बड़ौदा का जो ई-किसान विकास पत्र योजना चलाता है. यह छोटी बचत का ऐसा साधन है जो लंबे समय तक के लिए बचत योजना में निवेश करने की सुविधा देता है. यह एक लोकप्रिय निवेश का साधन है जो कम जोखिम वाला और निश्चित रिटर्न की गारंटी देता है. किसान विकास पत्र पर 6.9 परसेंट के लिहाज से ब्याज दर मिलती है जो 1 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2021 तक जारी है. भारत सरकार हर तीन महीने पर ई-केवीपी के ब्याज दरों में संशोधन करती है.

कम से कम 1000 रुपये जमा करा सकते हैं

1 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2021 तक चलने वाली यह योजना फिलहाल का कार्यकाल 124 दिन का है. इसमें कम से कम 1000 रुपये जमा कर सकते हैं. अधिकतम जमा राशि की कोई सीमा नहीं है और यह जमा 100 रुपये के मल्टीपल में होनी चाहिए. किसान विकास पत्र एक तरह से प्रमाण पत्र होता है जिसे कोई वयस्क व्यक्ति अपने लिए या अवयस्क की ओर से या दो वयस्कों द्वारा खरीदा जाता है. किसान विकास पत्र में नॉमिनी बनाने की सुविधा मिलती है.

ढाई साल का लॉक-इन पीरियड

बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से चलाई जाने वाली ई-किसान विकास पत्र योजना का लॉन इन पीरियड 2 साल 6 महीने है. इस योजना को लॉक इन पीरियड से पहले भी बंद करा सकते हैं लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें हैं. जॉइंट अकाउंट है तो अकाउंट होल्डर में किसी की भी मृत्यु होने पर इसे बंद करा सकते हैं. योजना बंद कराने के लिए अगर कोई राजपत्रित सरकारी अधिकारी लिख कर देता है, तो बंद कराया जा सकता है. कोर्ट अगर आदेश दे तो योजना बंद कराई जा सकती है.

इन कागजात की जरूरत

मनी लॉन्ड्रिंग के खतरे से बचने के लिए सरकार ने 50 हजार रुपये से अधिक के निवेश पर पैन कार्ड देना अनिवार्य कर दिया है. अगर आप 10 लाख रुपये जमा करते हैं तो इसके लिए इनकम प्रूफ दिखाने के लिए आपको सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट, आईटीआर पेपर जमा करना होगा. इस योजना में पहचान पत्र के लिए आधार कार्ड देना अनिवार्य कर दिया गया है.

इस योजना में हिंदू संयुक्त परिवार या एचयूएफ और एनआरआई निवेश नहीं कर सकते, लेकिन ट्रस्ट के लिए छूट है. हालांकि इसमें टैक्स छूट नहीं है और 80C का प्रावधान इस पर लागू नहीं होता. यानी कि जो रिटर्न राशि आपको मिलेगी, उस पर टैक्स चुकाना होगा. इसमे निवेश पर चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है.

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