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Showing posts from January, 2021

Coronavirus: दिल्ली में बीते 24 घंटों में 183 नए मामले सामने आए, आठ लोगों की मौत

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Highlights दिल्ली में सक्रिय कोरोना मरीजों की दर 0.22 फीसदी तक पहुंच चुकी है। कोरोना के कुल मामलों का आंकड़ा 634956 हो चुका है। नई दिल्ली। दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों की तादात डेढ़ हजार से नीचे पहुंच चुकी है। यहां पर कोरोना संक्रमण दर 0.27 फीसदी हो गई है। वहीं रिकवरी दर 98.6 फीसदी हो गई है। यह अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। दिल्ली में सक्रिय कोरोना मरीजों की दर 0.22 फीसदी तक पहुंच चुकी है। यहां पर सक्रिय मरीजों की संख्या 1436 है। वहीं होम आइसोलेशन में 543 मरीज हैं। दिल्ली में शनिवार को 24 घंटों में कोरोना के आठ मरीजों की मौत हो चुकी है। इसके साथ कोरोना से मौतों का कुल आंकड़ा 10849 हो गया। बीते 24 घंटों में 183 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ कोरोना के कुल मामलों का आंकड़ा 634956 हो चुका है। दिल्ली में शनिवार को 24 घंटे में 290 मरीज ठीक हो गए। इसके साथ संक्रमण के बाद स्वस्थ हुए कुल मरीजों की संख्या 622671 हो चुकी है। इन 24 घंटों में 68967 लोगों टेस्ट हुआ। दिल्ली में अब कोरोना डेथ रेट 1़71 फीसदी है और कन्टेनमेंट जोनों की संख्या 2118 है।

बीकेयू भानु गुट का बड़ा आरोप, दर्ज मुकदमों को हटवाने के लिए धरने पर बैठे हैं राकेश टिकैत

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बातचीत का रास्ता बंद करने का सवाल ही पैदा नहीं होता। हम सरकार का सिर झुकने नहीं देंगे। नई दिल्ली। दिल्ली बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन के बीच बीकेयू भानु गुट ने बड़ा बयान दिया है। बीकेयू भानु गुट के प्रमुख भानु प्रताप सिंह ने कहा है कि राकेश टिकैत अपने ऊपर दर्ज मुकदमों को हटवाने के लिए गाजीपुर में धरने पर बैठे हैं। जैसे ही मुकदमे हटा लिए जाएंगे राकेश टिकैत अपने गांव वापस चले जाएंगे। कानून वापस न लेने की मजबूरी क्या है वहीं किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत का रास्ता बंद करने का सवाल ही पैदा नहीं होता। राकेश टिकैत ने कहा है कि सरकार बताए वह कानून वापस क्यों नहीं ले सकती। हम वादा करते हैं कि सरकार का सिर दुनिया के सामने झुकने नहीं देंगे। ट्रैक्टर परेड में हिंसा के कारण किसान आंदोलन के कमजोर पड़ने के बाद एक बार फिर जोर पकड़ने के बीच टिकैत ने सरकार से कहा कि ऐसी क्या मजबूरी है कि वह नए कृषि कानूनों को निरस्त नहीं करने पर अड़ी हुई है।

क्‍या होता है स्‍टेमिना और इसे कैसे बढ़ा सकते हैं? जानिए स्‍टेमिना बढ़ाने के 5 बेस्‍ट तरीके

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स्‍टेमिना (Stamina) वो ताकत या एनर्जी होती है जो हमें फिजिकली और मेंटली रूप से एक्टिव रखती है और लंबे समय तक काम करने के लिए एनर्जी देती है। जब किसी व्‍यक्ति का स्‍टेमिना अच्‍छा होता है तो उसे थकान जल्‍दी नहीं होती है। साथ ही वह स्‍ट्रेस और एंग्‍जाइटी (Stress and Anxiety) जैसी चीजों से भी जल्‍दी निपट सकता है। क्‍या होता है स्‍टेमिना: स्‍टेमिना (Stamina) वो ताकत या एनर्जी होती है जो हमें फिजिकली और मेंटली रूप से एक्टिव रखती है और लंबे समय तक काम करने के लिए एनर्जी देती है। जब किसी व्‍यक्ति का स्‍टेमिना अच्‍छा होता है तो उसे थकान जल्‍दी नहीं होती है। साथ ही वह स्‍ट्रेस और एंग्‍जाइटी (Stress and Anxiety) जैसी चीजों से भी जल्‍दी निपट सकता है। साथ ही स्‍टेमिना का लेवल बढ़ने से थकान और असहजता भी दूर होती है। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर स्‍टेमिना को कैसे बढ़ाया जाए? अगर आप भी इस सवाल का आसान सा जवाब चाहते हैं तो इस लेख को पूरा पढ़ें। आज हम आपको स्‍टे

Winter Exercise: सर्दियों में घर के बाहर (आउटडूर) एक्‍सरसाइज क्‍यों करनी चाहिए, जानिए इसके फायदे

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कहीं आप सर्दियों के मौसम में बाहर निकलने से परहेज़ तो नहीं करते? क्या आप जानते हैं कि इन दिनों में भी बाहर एक्सरसाइज करने से आपका वजन ज्यादा कम हो सकता है। यह सच है कि सर्दियों के दौरान हमारा वजन बढ़ जाता है। इसके पीछे के बहुत से कारण होते हैं जैसे सर्दियों के मौसम में बनने वाले बहुत से स्वादिष्ट व्यंजन, ज्यादा भूख लगना, शारीरिक गतिविधियां कम करना और मूड में लगातार परिवर्तन होते रहना। सर्दियों के दौरान न केवल वजन कम करना मुश्किल होता है बल्कि वजन को संतुलित रखना भी बहुत आवश्यक होता है। लेकिन यदि आप इस मौसम के दौरान अपना वजन कम करना चाहते हैं तो आप बाहर किसी भी प्रकार की एक्सरसाइज करके अपने वजन को कम कर सकते हैं।   बाहर एक्सरसाइज करने से आपकी कैलोरीज़ ज्यादा बर्न होती हैं एक स्टडी के अनुसार सर्दियों के मौसम में बाहर  एक्सरसाइज  करने से आपकी अधिक कैलोरीज़ बर्न होती हैं। यह स्टडी 53 पुरुषों व महिलाओं पर की गई व इसके अनुसार 14-23 डिग्री के मौसम में 34% अधिक कैलोरीज़ बर्न हो सकती हैं। पुरुषों ने एक दिन में सर्दी के मौसम में हाइकिंग से 4,787 कैलोरीज़ बर्न की तो महिलाओं ने 3880 कैलोरीज़ बर्न

वजन कम करना चाहते हैं तो रनिंग करते समय इन 3 बातों का रखें ध्‍यान, पेट की चर्बी होगी खत्म

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How To Lose Belly Fat: क्या रनिंग के फायदे जानते हैं आप? यदि आप अपना बेली फैट कम करना चाहते हैं तो रनिंग अवश्य करें।   हम में से बहुत से लोग अपना वजन कम करना (Weight Loss) चाहते हैं परन्तु वजन कम करना इतना आसान काम भी नहीं है। ऐसे में कसरत या जिम फायदेमंद हो सकता है। लेकिन यदि आपको जिम जाना पसंद नहीं हैं तो आपके लिए दौड़ना एक बहुत ही अच्छी एक्सरसाइज है। इस एक्सरसाइज से आपकी सेहत तो अच्छी रहती ही है साथ में आपका वजन भी कम होता है। यह एक बहुत ही साधारण कार्डियो एक्सरसाइज (Cardio Exercise) है और यह बहुत प्रभावकारी भी है। यह आपके पेट की चर्बी को कम करने में भी बहुत सहायक है। रनिंग आपके बेली फैट को कैसे कम कर सकती है? भागते समय यदि आप इसमें थोड़ा सा ट्विस्ट एड कर देते हैं तो आप बड़ी आसानी से अपना वजन कम करने में सफलता हासिल कर सकते हैं। परन्तु वह ट्विस्ट थोड़े मुश्किल हो सकते हैं। जैसे आप भागते समय अपने हाथों को ऊपर करके भाग सकते हैं। इसके लिए आपको बहुत अधिक स्टैमिना व मजबूती की आवश्यकता होती है। तो ऐसा करना शुरु में तो आपको मुश्किल लग सकता है परन्तु धीरे धीरे इस प्रकार भागने से आपका स्टैमि

Fat Reduce Tips: जानिए शरीर की खराब चर्बी को खत्‍म करने के 7 जादुई तरीके क्‍या हैं?

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Weight Loss Tips: शरीर की चर्बी या वजन कम करने की शुरुआत करना चाहते हैं और ये तय नहीं कर पा रहे हैं कि शुरु कहां से करें तो इसका जवाब यहां हम आपको विस्‍तार से दे रहे हैं।    फैट रिड्यूस (Fat Reduce) करने के लिए एक क्लिक पर ऑनलाइन इतनी जानकारी उपलब्ध है कि लोगों को अक्सर सही और गलत के बीच अंतर करना मुश्किल हो जाता है। हर दूसरे दिन कोई न कोई डायटीशियन ऑनलाइन वजन कम करने का एक नया तरीका बताते हुए दिख जाते हैं। ये एक्‍सपर्ट कम समय में वजन घटाने के परिणामों का वादा करते हैं। मगर, सच्चाई यह है कि वजन कम करना एक धीमी प्रक्रिया है और हेल्‍दी तरीके से वजन कम करने के लिए आपको अपनी डाइट और एक्‍सरसाइज रूटीन के साथ-साथ अपनी जीवन शैली की आदतों में भी बदलाव करना होगा। यह आपको वजन कम करने (Weight Loss) में मदद करेंगे, आपके स्वास्थ्य में सुधार होगा और जीर्ण रोगों से छुटकारा मिलेगा। यहां हम आपको प्रभावी ढंग से वजन कम करने के कुछ असान तरीके बता रहे हैं। शरीर की चर्बी या वजन कम करने का प्रभावी तरीका – How To Reduce Fat Effective Ways खुद को हाइड्रेटेड रखें पानी जीवन की मूलभूत आवश्यकता है और हमारे शरीर का

Weight Loss Diet: वेट लॉस के लिए एक्सपर्ट्स मानते हैं लो-फैट डायट को बेस्ट, जानें इस डायट के अन्य फायदे

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बहुत से लोगों को किटो डायट फॉलो करने से काफी फायदा हुआ है। लेकिन, एक नयी स्टडी के अनुसार, किटो (Keto Diet) से भी तरीके हैं जिनसे आप तेज़ी से और हेल्दी तरीके से वेट लॉस कर सकते हैं।    Low Fat Diet Benefits: किटो डायट को वेट लॉस के लिए सबसे अच्छा तरीका (Ways to lose weight) माना जाता है और यह कुछ हद तक सही भी साबित होता है क्योंकि बहुत से लोगों को किटो डायट (Keto diet for weight loss) फॉलो करने से काफी फायदा हुआ है। लेकिन, एक नयी स्टडी के अनुसार, किटो (Keto Diet) से भी बेहतर तरीके हैं जिनसे आप तेज़ी से और हेल्दी तरीके से वेट लॉस कर सकते हैं। (Tips for Healthy weight Loss) जर्नल नेचर मेडिसिन (Nature Medicine) में छपी इस स्टडी में वेट लॉस के लिए पॉप्युलर डायट प्लान्स जैसे-किटो डायट, प्लांट बेस्ड डायट (Plant based diet plan) और लो-फैट डायट (Low-Fat diet) की जांच और तुलना की है और एक्सपर्ट्स को कुछ चौंकानेवाले नतीजे देखने के मिले।   क्या लो-फैट डायट है वेट लॉस के लिए बेस्ट ? नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ (National Institutes of Health) के एक्सपर्ट्स साइंटिस्ट की एक टीम ने इस स्टडी का आयोजन किय

Sitting Job करते हैं तो बैठे-बैठे इस तरह रखें खुद को फिट, नहीं होगी शरीर में दर्द जैसी कोई समस्या

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Sitting Job: लोग समझ नहीं पाते हैं कि सिटिंग जॉब (Sitting Job) में आखिर वह खुद को फिट रखने के लिए क्‍या करें। तो आइए आज हम आपको 5 ऐसी चीजें बता रहे हैं जिन्‍हें आप अपनाकर फिट तो रहेंगे ही साथ ही शरीर में दर्द जैसी भी कोई दिक्‍कत नहीं होगी।    सिटिंग जॉब (Sitting Job)- 8 से 9 घंटे तक लगाकर बैठकर काम करने से कई तरह की दिक्‍कतें हो सकती हैं। जो लोग सिटिंग जॉब (Sitting Job) करते हैं उन्‍हे अक्‍सर शरीर में दर्द और थकान की शिकायत होती है। लोग समझ नहीं पाते हैं कि आखिर वह खुद को फिट रखने के लिए क्‍या करें। तो आइए आज हम आपको 5 ऐसी चीजें बता रहे हैं जिन्‍हें आप अपनाकर फिट तो रहेंगे ही साथ ही शरीर में दर्द जैसी भी कोई दिक्‍कत नहीं होगी लिफ्ट के बदले सीढिय़ों का इस्तेमाल करें- क्‍योंकि आप 9-5 शिफ्ट में जॉब करते हैं इसलिए यह जरूरी है कि आप छोटी छोटी बातों का ध्‍यान रखें। ऑफिस में आप कहीं भी जाएं, जैसे कि कैंटीन में, दूसरे फ्लोर पर मीटिंग के लिए या फिर कलीग्‍स से मिलने के लिए तो लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों

पीठ को सीधा रखकर बैठें

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शरीर के  भीतरी अंगों के आराम  में होने का खास महत्व है। इसके कई पहलू हैं। फिलहाल हम इसके सिर्फ एक पहलू पर विचार कर रहे हैं। शरीर के ज्यादातर महत्वपूर्ण भीतरी अंग छाती और पेट के हिस्से में होते हैं। ये सारे अंग न तो सख्त या कड़े होते हैं और न ही ये नट या बोल्ट से किसी एक जगह पर स्थिर किए गए हैं। ये सारे अंग ढीले-ढाले और एक जाली के अंदर झूल रहे से होते हैं। इन अंगों को सबसे ज्यादा आराम तभी मिल सकता है, जब आप अपनी रीढ़ को सीधा रखकर बैठने की आदत डालें। पीठ को सीधा रखें आधुनिक विचारों के मुताबिक, आराम का मतलब पीछे टेक लगाकर या झुककर बैठना होता है। लेकिन इस तरह बैठने से शरीर के अंगों को कभी आराम नहीं मिल पाता। मुझे इतनी कैलरी ही लेनी है, मुझे इतने घंटे की नींद ही लेनी है, जीवन जीने के लिए ये सब बेकार की बातें हैं। आज आप जो शारीरिक श्रम कर रहे हैं, उसका स्तर कम है, तो आप कम खाएं। कल अगर आपको ज्यादा काम करना है तो आप ज्यादा खाएं इस स्थिति में, शारीरिक अंग उतने ठीक ढंग से काम नहीं कर पाते जितना उनको करना चाहिए - खासकर जब आप भरपेट खाना खाने के बाद आरामकुर्सी पर बैठ जाएं। आजकल काफी यात्राएं आराम

दो हफ्ते में एक बार उपवास करें

आप शरीर के प्राकृतिक चक्र से जुड़ा ‘मंडल’ नाम की एक चीज होती है। मंडल का मतलब है कि हर 40 से 48 दिनों में शरीर एक खास चक्र से गुजरता है। हर चक्र में तीन दिन ऐसे होते हैं जिनमें आपके शरीर को भोजन की आवश्यकता नहीं होती। अगर आप अपने शरीर को लेकर सजग हो जाएंगे तो आपको खुद भी इस बात का अहसास हो जाएगा कि इन दिनों में शरीर को भोजन की जरूरत नहीं होती। इनमें से किसी भी एक दिन आप बिना भोजन के आराम से रह सकते हैं। 11 से 14 दिनों में एक दिन ऐसा भी आता है, जब आपका कुछ भी खाने का मन नहीं करेगा। उस दिन आपको नहीं खाना चाहिए। आपको यह जानकार हैरानी होगी कि कुत्ते और बिल्लियों के अंदर भी इतनी सजगता होती है। कभी गौर से देखें, किसी खास दिन वे कुछ भी नहीं खाते। दरअसल, अपने सिस्टम के प्रति वे पूरी तरह सजग होते हैं। जिस दिन सिस्टम कहता है कि आज खाना नहीं चाहिए, वह दिन उनके लिए शरीर की सफाई का दिन बन जाता है और उस दिन वे कुछ भी नहीं खाते। अब आपके भीतर तो इतनी जागरूकता नहीं कि आप उन खास दिनों को पहचान सकें। फिर क्या किया जाए! बस इस समस्या के समाधान के लिए अपने यहां एकादशी का दिन तय कर दिया गया। हिंदी महीनों के

शरीर को नींद नहीं, आराम दें

आप सोने किस वक्त जाते हैं, यह तो आपके लाइफ स्टाइल पर निर्भर करता है, लेकिन महत्व इस बात का है कि आपको कितने घंटे की  नींद  की जरूरत है। अकसर कहा जाता है कि दिन में आठ घंटे की नींद लेनी ही चाहिए। आपके शरीर को जिस चीज की जरूरत है, वह नींद नहीं है, वह आराम है। अगर आप पूरे दिन अपने शरीर को आराम दें, अगर आपका काम, आपकी एक्सरसाइज सब कुछ आपके लिए एक आराम की तरह हैं तो अपने आप ही आपकी नींद के घंटे कम हो जाएंगे। लोग हर चीज तनाव में करना चाहते हैं। मैंने देखा है कि लोग पार्क में टहलते वक्त भी तनाव में होते हैं। अब इस तरह का व्यायाम तो आपको फायदे की बजाय नुकसान ही करेगा, क्योंकि आप हर चीज को इस तरह से ले रहे हैं जैसे कोई जंग लड़ रहे हों। आप आराम के साथ क्यों नहीं टहलते? चाहे टहलना हो या जॉगिंग, उसे पूरी मस्ती और आराम के साथ क्यों नहीं कर सकते? तो सवाल घूमफिर कर वही आता है कि मेरे शरीर को कितनी नींद की जरूरत है? यह इस बात पर निर्भर है कि आप किस तरह का शारीरिक श्रम करते हैं। आपको न तो भोजन की मात्रा तय करने की जरूरत है और न ही नींद के घंटे। मुझे इतनी कैलरी ही लेनी है, मुझे इतने घंटे की नींद ही लेनी

तांबे के बर्तन का पानी पीयें

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तांबे के बैक्टीरिया-नाशक गुणों में मेडिकल साईंस बड़ी गहरी रुचि ले रहा है। पिछले कुछ वर्षों में कई प्रयोग हुए हैं और वैज्ञानिकों ने यह मालूम किया है कि पानी की अपनी याददाश्त होती है - यह हर उस चीज को याद रखता है जिसको यह छूता है। पानी की अपनी स्मरण-शक्ति होने के कारण हम इस बात पर ध्यान देते हैं कि उसको कैसे बर्तन में रखें। पहले सही तरह का खाना खाने की आदत डालें, तब उपवास की सोचें। अगर खाने की अपनी इच्छा को आप जबर्दस्ती रोकने की कोशिश करेंगे तो यह आपके शरीर को हानि पहुंचाएगा। अगर आप पानी को रात भर या कम-से-कम चार घंटे तक तांबे के बर्तन में रखें तो यह  तांबे के कुछ गुण  अपने में समा लेता है। ताम्बे के बर्तन से पानी पीएं. यह पानी खास तौर पर आपके लीवर के लिए और आम तौर पर आपकी सेहत और शक्ति-स्फूर्ति के लिए उत्तम होता है। अगर पानी बड़ी तेजी के साथ पंप हो कर अनगिनत मोड़ों के चक्कर लगाकर लोहे या प्लास्टिक की पाइप के सहारे आपके घर तक पहुंचता है तो इन सब मोड़ों से रगड़ाते-टकराते गुजरने के कारण उसमें काफ़ी दोष आ जाता है। लेकिन  पानी में याद्दाश्त  के साथ-साथ अपने मूल रूप में वापस पहुंच पाने की शक्त

Chest Workout: 10 मिनट की इस एक्‍सरसाइज से छाती और कंधे बनेंगे चौड़े, अपर बॉडी दिखेगी एकदम टोन्‍ड

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अगर आप सही तरीके से सही चेस्‍ट वर्कआउट (Chest Workout) करें तो कुछ ही दिनों में आप अपनी चेस्‍ट को बोल्‍ड और स्‍ट्रॉंग (Bold and Strong Chest) बना सकते हैं। जब भी कोई पुरुष एक्‍सरसाइज करना शुरू करता है या जिम ज्‍वॉइन करता है तो ट्रेनर से सबसे पहले अपनी छाती को चौड़ा करने को कहता है। क्‍योंकि मर्दों की चौड़ी और मजबूत छाती न सिर्फ उनकी पर्सनेलिटी में चार चांद लगाती है बल्कि लड़कियों को भी खूब आकर्षित करती है। कुछ लड़कों को लगता है कि चेस्‍ट को चौड़ा करने में बहुत समय लगता है। जबकि ऐसा नहीं है। अगर आप सही तरीके से सही चेस्‍ट वर्कआउट (Chest Workout) करें तो कुछ ही दिनों में आप अपनी चेस्‍ट को बोल्‍ड और स्‍ट्रॉंग (Bold and Strong Chest) बना सकते हैं। इसलिए आज हम आपको 10 मिनट का एक ऐसा वर्कआउट बता रहे हैं जो आपकी छाती को चौड़ा और मजबूत दिखाएगा। सबसे अच्‍छी बात यह है कि इसे आप घर पर ही आसानी से कर सकते हैं और आपको किसी उपकरण की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। घर पर चेस्‍ट वर्कआउट (Chest Workout) को करने का सही तरीका 1. अगर आप कोई चेस्‍ट वर्कआउट (Chest Workout) कर रहे हैं तो उसे हफ्ते में 2 बार जरूर करें।

Daily Skin Care Routine: आपके चेहरे की खोई सुंदरता को वापस दिलाएंगे ये 4 स्किन केयर टिप्‍स, इन्‍हें रोजाना करें फॉलो

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Daily Skin Care Routine: यदि आप भी एक अच्छा स्किन केयर रूटीन फॉलो नहीं कर रही हैं या आप स्किन केयर को जरूरी नहीं समझती तो आप यह सबसे बड़ी गलती कर रही हैं। रोजाना त्‍वचा की देखभाल (Daily Skin Care Routine) करना अच्‍छी आदतों में से एक है। यदि आपकी स्किन भी डल है तो इसके पीछे बहुत से कारण हो सकते हैं। जिनमें से आपका खराब लाइफस्टाइल, उल्टा सीधा खाना व खराब स्किन केयर रूटीन शामिल है। हमारे शरीर की तरह ही हमारी स्किन को भी केयर की आवश्यकता होती है और इसके लिए आपको डेली स्किन केयर रूटीन (Daily Skin Care Routine)  का पालन करना होगा।आप निम्न टिप्स को फॉलो करके अपनी डल व डेमेज स्किन को निखरी हुई त्वचा में बदल सकते हैं। सबसे पहले एक अच्छे क्लींजर को चुनें आपकी स्किन से हर प्रकार की गंदगी को निकालने के लिए एक अच्छे से फेसवॉश की आवश्यकता होती है। इसके लिए आप अपनी  स्किन टाइप के हिसाब से अच्छी गुणवत्ता वाला फेसवॉश  खरीद लें।   एक अच्छा मॉइश्चराइजर खरीदें यदि आपकी स्किन ऑयली है और आप सोचती हैं कि आपको किसी  मॉइश्चराइजर  की आवश्यकता नहीं है तो आप गलत हैं। हर किसी की स्किन को मॉइश्चराइजर की आवश्यकता हो

प्रेगनेंसी के पहले महीने से लेकर आखिरी महीने तक इतना होना चाहिए मां का थायरॉइड लेवल! नहीं रहेगा बेबी को खतरा

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प्रेगनेंसी में महिलाओं का थायराइड लेवल बच्चे के स्वास्थ्य के लिएन अहम भूमिका निभाता है। लेख में जानिए कितना होना चाहिए मां का थायरॉइड लेवल। थायरॉइड तितली के आकार की गर्दन के सामने एक ग्रंथि होती है। इस ग्रंथि से T3 और T4 हार्मोन निकलता है जो मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करता है। इससे हमारा शरीर उर्जा का उपयोग करता है। थायराइड (thyroid level in pregnancy) डिसऑर्डर एक कॉमन समस्या है और भारत में जवान लोगों में 10 में से 1 लोगों को यह समस्या होने का अनुमान है। ज्यादातर लोग हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित होते हैं। हाइपोथायरायडिज्म एक ऐसी मेडिकल कंडीशन होती है जिसमे थायराइड ग्रंथि शरीर की जरुरत के हिसाब से पर्याप्त मात्रा में हार्मोन का उत्पादन नहीं करती है। एक और मेडिकल कंडीशन होती है जिसमे यह ग्रंथि ओवरएक्टिव हो जाती है शरीर की जरुरत के हिसाब से ज्यादा हार्मोन उत्पादित करने लगती है। इस कंडीशन को हायपरथायरायडिज्म कहते हैं। 18 से 35 साल की प्रजनन उम्र वाली महिलाए पुरुषों के मुकाबलें थायराइड (thyroid level in pregnancy) से ज्यादा पीड़ित होती हैं। अगर गर्भवती महिला थायराइड से पीड़ित होती है तो बच्चा पैदा

उड़नदस्तों में फिर से लगेंगे जीपीएस, लीकेज सिस्टम रोकने की तैयारी

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आरटीओ राजस्व वसूली के लक्ष्य को पूरा करने में जुटा एक भी दस्ते पर जीपीएस सिस्टम काम नहीं कर रहा जयपुर. वित्तीय वर्ष खत्म होने में अब केवल दो माह शेष बचे हैं। ऐसे में आरटीओ राजस्व वसूली के लक्ष्य को पूरा करने में जुट गया है। लीकेज सिस्टम रोकने के लिए एक बार फिर से उड़नदस्तों में जीपीएस लगाए जा रहे हैं। कुछ वर्ष पहले भी उड़नदस्तों में जीपीएस लगाए गए थे। लेकिन मेंटीनेंस के अभाव में ज्यादातर उड़नदस्तों के जीपीएस खराब हो गए। ऐसे में अब सभी उड़नदस्तों के जीपीएस की जांच करवाई जाएगी। जो दुरुस्त हो सकते हैं उन्हें ठीक करवाया जाएगा। जो पूरी तरह से खराब हैं, उन्हें बदला जाएगा। वर्तमान में एक भी उड़नदस्ते पर जीपीएस सिस्टम काम नहीं कर रहा है। उड़नदस्ते की स्टेयरिंग से अटैच किए जाएंगे आरटीओ राकेश शर्मा ने बताया कि जीपीएस शुरू होने के बाद उड़नदस्तों की वास्तविक लोकेशन देखी जा सकेगी। इन उड़नदस्तों की मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। इससे मॉनिटरिंग आसान होगी। मुख्यालय में भी इसकी रिपोर्ट देखी जा सकेगी। इसके बाद उड़नदस्तों की बहानेबाजी खत्म हो जाएगी। वहीं सभी जिला परिवहन कार्यालयों में सीसीटीवी

जनवरी में 2 रुपए तक महंगा हो चुका है पेट्रोल और डीजल, जानिए आज कितने चुकाने होंगे दाम

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रविवार को देश के चारों महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत में देखने को नहीं मिला बदलाव दो दिनों की लगातार तेजी के बाद देश के चारों महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत में स्थिरता नई दिल्ली। 2021 की शुरुआत आम लोगों की जेब के लिहाज से कुछ अच्छी नहीं दिखाई दे रही है। आम लोगों की जेब पर सबसे ज्यादा बोझ डालने वाला पेट्रोल और डीजल लगातार महंगा हो रहा है। जनवरी के महीने में अब तक पेट्रोल और डीजल के दाम 2 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है। अगर बात रविवार की करें तो आज पेट्रोल और डीजल की कीमत में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। यह स्थिरता लगातार दो दिनों की तेजी के बाद देखने को मिली है। आइए आपको भी बताते हैं कि आज देश के चारों महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कितनी कीमत चुकानी होगी। पेट्रोल के दाम स्थिर आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में आज पेट्रोल की कीमत बदलाव नहीं हुआ है। सभी को शनिवार वाले दाम ही चुकाने होंगे। एक दिन पहले देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 25 पैसे का इजाफा हुआ था और दाम 85.70 रुपए प्रति लीटर पर आ गए थे। जबकि कोलकाता और मुंबई में 24 प

हिंदी करेंट अफेयर्स प्रश्नोत्तरी : 19 जनवरी, 2021

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1. भारत का पहला श्रम आंदोलन संग्रहालय (Labour Movement Museum) किस राज्य / केंद्रशासित प्रदेश में लांच किया जायेगा? उत्तर – केरल केरल में हाउसबोट टूरिज्म हब, अलाप्पुझा में भारत का पहला लेबर मूवमेंट संग्रहालय लांच किया जायेगा। यह संग्रहालय विश्व श्रम आंदोलन के महत्वपूर्ण दस्तावेजों और केरल के श्रमिक आंदोलन के इतिहास को प्रदर्शित करेगा। इस प्रोजेक्ट की लागत 9.95 करोड़ रुपये है। 2. किस केंद्रीय मंत्रालय ने “शासन में पारदर्शिता” श्रेणी के तहत SKOCH चैलेंजर पुरस्कार जीता? उत्तर – पंचायती राज मंत्रालय केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने “शासन में पारदर्शिता” श्रेणी के तहत SKOCH चैलेंजर पुरस्कार जीता है। मंत्रालय की परिवर्तनकारी पहलों में स्वामित्व योजना ((Survey of Villages and Mapping with Improvised Technology in Village Areas), ई-ग्रामस्वराज, mActionSoft, AuditOnline और ServicePlus शामिल है। 3. भद्रावती रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) इकाई, जो हाल ही में ख़बरों में थी, किस राज्य की पहली ऐसी इकाई है? उत्तर – कर्नाटक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक राज्य में शिवमोगा जिले के भद्रावती में रैपिड ए

जम्मू और कश्मीर ने गुच्छी मशरूम के लिए जीआई टैग की मांग की

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जम्मू-कश्मीर सरकार ने हाल ही में गुच्छी मशरूम के लिए जीआई टैग की मांग की थी। गुच्ची मशरूम काफी ज्यादा महंगे होते हैं और यह स्वास्थ्य लाभ से भरपूर होते हैं। 500 ग्राम गुच्छी मशरूम की कीमत 18,000 रुपये है। हाल ही में, जम्मू और कश्मीर के केसर को जीआई टैग प्रदान किया गया था। गुच्छी मशरूम गुच्छी मशरूम परिवार की एक प्रजाति है जो मोरचेलेसी (Morchellaceae) ​​परिवार से संबंधित है। वे पीले पीले रंग के होते हैं और उनमें कई लकीरें और गड्ढे होते हैं। उनका एक बड़ा सफेद तना होता है। गुच्छी मशरूम को स्थानीय रूप से “थंटू” कहा जाता है। यह गुच्छी मशरूम हिमाचल प्रदेश के उंचाई वाले इलाकों में भी पाए जाते हैं। हिमाचल में इन्हें ‘गुच्छी’ या ‘डूंघलू’ कहा जाता है। गुच्छी मशरूम के लिए चूना पत्थर आधार के साथ मिट्टी उपयुक्त होती हैं। वे एसिड मिट्टी में भी काफी बढ़ते हैं। गुच्छी मशरूम आमतौर पर शुरुआती वसंत ऋतू में पाए जाते हैं। उन्हें उत्तरी अमेरिका में “मे मशरूम” कहा जाता है। मशरूम के उगने का समय फरवरी से जुलाई तक स्थानीय रूप से भिन्न-भिन्न होता है। कनाडा में, वे जून के बाद ही उगते हैं। यह इतना ज्यादा महंगा क्यों

मलेशिया ने 3.7 बिलियन डालर के पैकेज की घोषणा की

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मलेशियाई सरकार ने हाल ही में COVID-19 के प्रभावों से उबरने में मदद करने के लिए 3.7 बिलियन डालर के पैकेज की घोषणा की। यह पैकेज मलेशिया के सकल घरेलू उत्पाद का 1.1% है। दरअसल, मलेशिया COVID-19 संक्रमण की अपनी तीसरी लहर पर अंकुश लगाने के लिए संघर्ष कर रहा है। मुख्य बिंदु मलेशिया के 3.7 बिलियन डालर के पैकेज में गरीबों को नकद सहायता और वेतन सब्सिडी शामिल हैं। पैकेज का उद्देश्य मलेशियाई सरकार का 3.7 बिलियन डालर का पैकेज मुख्य रूप से निम्नलिखित उद्देश्यों पर केंद्रित है: COVID -19 का मुकाबला मलेशिया के लोगों के कल्याण की रक्षा देश में व्यापार निरंतरता का समर्थन पृष्ठभूमि COVID-19 के प्रकोप के बाद से, मलेशियाई सरकार ने चार आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज लॉन्च किए थे। उनकी कुल राशि 73.2 बिलियन अमरीकी डालर थी। यह देश की जीडीपी का 20% से अधिक है। मलेशिया की अर्थव्यवस्था अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार, मलेशिया दक्षिणपूर्व एशिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। मलेशिया का प्रमुख निर्यात पाम आयल है। इंडोनेशिया के बाद मलेशिया दुनिया में पाम आयल का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है। भारत दुनिया में पाम आयल का

Weather Forecast: पहाड़ों पर बर्फबारी का अलर्ट, दिल्ली समेत उत्तर भारत में जारी रहेगा शीतलहर का प्रकोप

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Weather Forecast देश के ज्यादातर इलाकों में जारी है कड़ाके की ठंड राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत में कोल्ड वेव्स बढ़ेगी, तापमान गिरेगा जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में अगले 48 घंटों में बर्फबारी का अलर्ट नई दिल्ली। देशभर के अधिकांश इलाकों में मौसम का मिजाज ( Weather Forecast ) ठिठुरन के बीच बीत रहा है। खास तौर पर उत्तर भारत के इलाकों में इस वक्त शीतलहर ने अपने पैर पसार लिए हैं। नए वर्ष के साथ ही अब तक देश के उत्तरी इलाकों में लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली है। वहीं भारतीय मौसम विभाग ने बुधवार को भी राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत में शीलतहर की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर में भी बर्फबारी का दौर एक बार फिर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग ने यहां भी अगले 48 घंटे में जोरदार हिमपात का अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में भीषण सर्दी का दौर जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार और गुरुवार यानी 20 और 21 जनवरी को भी उत्तर भारत के कई इलाकों में शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में सर्दी का सितम बढ़ेगा सा

सोमवार को टीकाकरण ने फिर पकड़ी रफ्तार, आंकड़ा 3.81 लाख पार

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अब तक कुल 580 प्रतिकूल घटनाएं आईं सामने, 2 लोगों की मौत। सोमवार को 1.48 स्वास्थ्यकर्मियों को लगाई गई कोरोना वैक्सीन। कोरोना वैक्सीन के चलते अभी तक नहीं हुई है किसी की मौत। नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस टीकाकरण की शनिवार को शुरुआत के बाद रविवार को कुल संख्या पहले दिन की अपेक्षा 10 फीसदी से भी कम रह जाने के बाद बढ़ी चिंताए सोमवार को कम हो गईं। सोमवार शाम पांच बजे तक देश भर के 25 राज्यों में टीकाकरण पाने वालों की कुल संख्या 3.81 लाख पार कर गई। वहीं, केंद्र सरकार के मुताबिक अब तक टीकाकरण के बाद कोई गंभीर या बड़ा प्रतिकूल प्रभाव नहीं देखा गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक सोमवार शाम पांच बजे तक देशभर में कोरोना वायरस का टीका पाने वालों की कुल संख्या 3,81,305 पहुंच गई। जबकि टीकाकरण के बाद कुल 580 प्रतिकूल घटनाएं देखने को मिली। इनमें सेे सात लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से दिल्ली में सामने आए तीन में से दो को डिस्चार्ज कर दिया गया जबकि तीसरे व्यक्ति को बेहोशी आने पर पटपड़गंज स्थित मैक्स अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। वहीं, उत्तराखंड में एक व्

शहीद हसमत वारसी जी के सुपुत्र रफत वारसी को मिला प्रदेश में महत्वपूर्ण पद

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    शहीद हसमत वारसी जी  के सुपुत्र रफत वारसी को मिला प्रदेश में महत्वपूर्ण  पद          वी डी शर्मा जी ने गले लगा कर दी बधाई      मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी से आशीर्वाद लेते हुए       वी डी  शर्मा जी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  ने दिया आशीर्वाद          अपनी माँ परवीन वारसी जी से दुआयें  लेते हुए रफत वारसी ने किया पदभार ग्रहण 17 जनवरी 2021 को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष रफत वारसी ने किया पदभार ग्रहण रफत वारसी ने कहा मुस्लिम समाज में कई तरह के भ्रम हैँ जिन्हे दूर करने के लिए एक दल के साथ पुरे प्रदेश का भ्रमण करेंगे ! साथ ही उन्होंने पदभार ग्रहण में आये हुए  सभी  साथियों का तहे दिल से शुक्रिया  अदा किआ 

नॉर्वे के बाद अब जर्मनी में कोरोना वैक्सीन से 10 लोगों की मौत, कनाडा में भी टीका लगवाने वाले डॉक्टर ने तोड़ा दम

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HIGHLIGHTS Corona Vaccine लगाने के बाद से जर्मनी में 10 लोगों की मौत हो गई। पॉल एर्लिश इंस्टीट्यूट ( PEI ) के विशेषज्ञ इसकी जांच में जुट गए हैं। इसके अलावा कनाडा में भी फाइजर कोरोना वैक्सीन ( Pfizer Corona Vaccine ) का टीका लगवाने वाले एक डॉक्टर की मौत हो गई। नई दिल्ली। कोरोना महामारी ( Corona Epidemic ) से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है और अब जिस वैक्सीन को लेकर दुनियाभर में उम्मीदें जगी थी, वही अब डरावना लगने लगा है। दरअसल, कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद कई देशों में लोगों की मौत से हाहाकार मच गया है और वैक्सीन की विश्वसनीयता और प्रमाणिकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। जर्मनी में कोरोना वैक्सीन ( Corona Vaccine ) लगवाने के बाद दस लोगों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि इन सभी लोगों की मौत कोरोना टीका लगाने की वजह से हुई है। हालांकि, पॉल एर्लिश इंस्टीट्यूट ( PEI ) के विशेषज्ञ इसकी जांच में जुट गए हैं कि मौत की असल वजह क्या है। यह इंस्टीट्यूट जर्मनी में चिकित्सकीय उत्पादों की सुरक्षा जांच का जिम्मा संभालता है। इसके अलावा कनाडा में भी कोरोना वैक्सीन का टीका लगवाने वाले एक डॉक्टर

रफत वारसी भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष बनाये गए

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मध्य प्रदेश भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे की जवाबदारी प्रदेश के  युवा व वरिष्ठ नेता श्री रफत वारसी के हाथों में  मध्य प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णु दत्त शर्मा ने मध्य प्रदेश के भाजपा संगठन का विस्तार किया है जिसमें मोर्चे के नए प्रदेश अध्यक्षों की भी नियुक्ति की गई है जिसमें मध्य प्रदेश के वरिष्ठ व युवा नेता श्री रफत वारसी को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की जवाबदारी सौंपी गई है श्री रफत वारसी मध्यप्रदेश में एक उभरते हुए अल्पसंख्यक चेहरे है और भाजपा आलाकमान ने नए चेहरे के रूप में श्री वारसी साहब को यह नई जवाबदारी सौंपी है जिससे मध्य प्रदेश में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा और मजबूत होने की संभावना बढ़ गई है वर्तमान में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा में नई और युवा पीढ़ी के लोग अधिकतर काम कर रहे हैं और वारसी साहब के प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से इसमें और अधिक वृद्धि होगी क्योंकि नए प्रदेश अध्यक्ष श्री वारसी साहब मध्यप्रदेश में अल्पसंख्यक समाज में अपनी गहरी पैठ रखते हैं उनके प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा बेहतर

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