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Showing posts from October, 2020

पिता की मौत के बाद बेटी ने खुदकुशी की:एसिड पीने के बाद भोपाल के अस्पताल में 3 महीने इलाज चला, कई ऑपरेशन भी हुए, लेकिन 17 साल की लड़की की जान नहीं बच सकी

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कोलार पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिवार की स्थिति को देखते हुए अभी बयान नहीं हो सकें हैं। पिता की 1 साल पहले मौत हुई थी, तब से मां भी शांत ही रहती है पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर की बेटी थी, पढ़ाई भी छूट चुकी थी भोपाल में 17 साल की एक लड़की ने एसिड पीकर खुदकुशी कर ली। उसका करीब 3 महीने तक अस्पताल में इलाज चला। इस दौरान उसके पेट के कई ऑपरेशन भी हुए, लेकिन डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा पाए। बताया जाता है कि उसके पिता की एक साल पहले ही मौत हुई है। इसके कारण वह मानसिक तनाव में थी। प्रारंभिक तौर पर पुलिस इसे ही खुदकुशी की एक वजह मान रही है, हालांकि कोई सुसाइड नोट नहीं मिलने के कारण पुलिस साफ तौर पर खुदकुशी के कारण नहीं बता पा रही है। मामले की जांच कर रहे कोलार थाने के एसआई रमन शर्मा ने बताया कि ग्राम सुहागपुर कोलार रोड निवासी विधि मीणा पिता ओमप्रकाश मीणा 17 साल की थी। उसने 20 जुलाई 2020 में घर पर एसिड पी लिया था। उसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती किया गया था। पांच दिन बाद डॉक्टरों ने उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी। परिजन उसे घर ले आए। इसी दौरान उसकी दोबारा से तबीयत खराब हुई।

मध्यप्रदेश उप चुनाव:कांग्रेस प्रत्याशियों ने डमी फॉर्म भरने पार्टी नेता और समर्थकों के बजाय पत्नी-बच्चों पर जताया भरोसा

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मध्यप्रदेश उपचुनाव में भी नोटा पर अच्छा खासा मतदान हो सकता है। इससे पहले 2019 चुनाव में भी मतदाताओं ने नोटा पर जमकर वोट किया था। 5 सीटों पर 80 में से 9 फार्म निरस्त, इनमें से 3 कांग्रेस के डमी कैंडिडेट, मैदान में 71 प्रत्याशी इधर..शहर में नोटा के समर्थन में बाजार में बांटे गए पर्चे-नोटा दबाओ, विरोध दर्ज कराओ, देश बचाओ जिले की पांच विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए 16 अक्टूबर तक 80 लोगों ने अपने नामांकन दाखिल किए थे। शनिवार को जब इन नामांकन फॉर्म की स्क्रूटनी की गई तो उसमें से 9 नामांकन पत्र अलग-अलग त्रुटियों के चलते खारिज हो गए। जिसमें नामांकन जौरा से कांग्रेस प्रत्याशी पंकज उपाध्याय, सुमावली से अजब सिंह कुशवाह व दिमनी से रविंद्र तोमर के डमी प्रत्याशी के नामांकन शामिल हैं। यहां बता दें कि जौरा से कांग्रेस प्रत्याशी पंकज ने अपने डमी कैंडिडेट के रूप में अपने भाई रवि उपाध्याय व दिमनी से रविंद्र भिड़ौसा ने अपने भाई भूपेंद्र तोमर का नामांकन राष्ट्रीय दल कांग्रेस के नाम पर दाखिल कराया था। इन दोनों प्रत्याशियों द्वारा डमी कैंडिडेट के रूप में अपनी ही पार्टी के पदाधिकारियों के बजाय परिज

मुरैना विधानसभा:त्रिकोणीय मुकाबले में जाति ही जीत का फैक्टर, कांग्रेस और भाजपा दोनों ने गुर्जर उम्मीदवारों पर दांव खेला

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मुरैना सीट से भाजपा उम्मीदवार रघुराज सिंह कंषाना (बाएं) और कांग्रेस प्रत्याशी राकेश मावई (दाएं) मावई को मिला सिंधिया के साथ न जाने का इनाम बसपा से लड़ रहे रामप्रकाश राजौरिया की नजर ब्राह्मण वोटों पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर के लाेकसभा क्षेत्र की प्रमुख विधानसभा सीट मुरैना में फिलहाल त्रिकोणीय संघर्ष नजर आ रहा है। यहां सबसे अधिक गुर्जर मतदाता हैं। इसलिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ने गुर्जर उम्मीदवारों पर दांव खेला है। भाजपा प्रत्याशी रघुराज कंसाना का यह दूसरा चुनाव है। पिछले चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी की हैसियत से भाजपा प्रत्याशी पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह को हराया था। रघुराज के भाजपा में जाने के बाद कांग्रेस ने सिंधिया के कट्‌टर समर्थक रहे राकेश मावई को सिंधिया के साथ न जाने के इनाम स्वरूप प्रत्याशी बनाया है। उनका पहला चुनाव है। बसपा से लड़ रहे रामप्रकाश राजौरिया की नजर ब्राह्मण वोटों पर है। चोट खाए, फिर लौट आए राजौरिया को पिछले चुनाव में बसपा ने टिकट का आश्वासन दिया था। राजौरिया ने प्रचार भी शुरू कर दिया था, लेकिन अंतिम समय में बलवीर दंडोतिया को टिकट दे दिया था। नाराज राजौ

नेता पुत्रों के लिए ये उपचुनाव प्रचार का क्रेश कोर्स:सभा, रोड शो करने उतरे; मेहगांव, भांडेर, गोहद, अंबाह जैसी उन सीटों पर फोकस, जहां इनका जातिगत वजूद

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खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के बेटे अक्षय भंसाली (बाएं) और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बाटे कार्तिकेय चौहान (दाएं) अब तक सिर्फ परिजनों के लिए ही आते थे चुनाव मैदान में करैरा, पोहरी, दिमनी, मेहगांव आदि सीटों पर नेता पुत्रों की सक्रियता ज्यादा (संजीव बांझल)  प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर हो रहा उपचुनाव नेता पुत्रों के लिए प्रचार प्रशिक्षण के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा में कांग्रेस के मुकाबले यह ज्यादा है। जो युवा अब तक माता-पिता या परिजन के लिए ही मैदान में आते थे, अब उन्हें अन्य प्रत्याशियों के लिए नुक्कड़ सभा और रोड शो करने भेजा जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इस मामले में जातिगत गणित का पार्टियों ने पूरा ख्याल रखा है। युवाओं को उन्हीं सीटों पर भेजा जा रहा है, जहां इनका जातिगत वजूद है। करैरा, पोहरी, दिमनी, मेहगांव आदि सीटों पर नेता पुत्रों की सक्रियता ज्यादा है। अक्षय भंसाली (38 वर्ष) मां : यशोधरा राजे सिंधिया खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के बेटे अक्षय भंसाली उपचुनाव में पहली बार पोहरी में नुक्कड़ सभा में पहुंचे। अब तक वह सिर्फ शिवपुरी में विधानसभा चुनाव में अपनी मां यशोधरा

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