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मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बोले सिंधिया- मध्यप्रदेश में अब दो टाइगर


सिंधिया ने कांग्रेस को कोसते हुए कहा टाइगर अभी जिंदा है...। फिर कहा मध्यप्रदेश में अब दो टाइगर...।

भोपाल। कांग्रेस की सरकार गिराकर 22 विधायकों के साथ भाजपा की सरकार बनाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बड़ा बयान दिया है। सिंधिया ने कहा है कि मैं देख रहा हूं कि दो माह से वे लोग चरित्र को धूमिक करने की कोशिश क रहे हैं। मैं इन्हें कहना चाहता हूं कि टाइगर अभी जिंदा है। इसके बाद मीडिया ने पूछा कि शिवराज जी भी कहते थे और आप भी कह रहे हैं, तो मध्यप्रदेश में टाइगर कौन है। इस पर सिंधिया ने कहा कि दोनों।

 



राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया गुरुवार को मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मीडिया से चर्चा कर रहे थे। जब राजभवन के बाहर उनकी कार निकल रही थी तब मीडिया कर्मियों ने उन्हें रोक लिया। इस बीच चर्चा में उन्होंने कांग्रेस के बारे में कहा कि जो लोग मेरी छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं वे जान लें कि टाइगर अभी जिंदा है। मध्यप्रदेश की जनता के लिए सदैव सिंधिया परिवार समर्पित रहा है। चाहे राजमाता हो या मेरी पिताजी। न्याय का रास्ता अपनाना सच का रास्ता अपनाना सदैव सिंधिया परिवार का संकल्प और प्रण रहा है। टाइगर की बात पर जब मीडिया कर्मियों ने उनसे पूछा कि इस प्रदेश में शिवराज जी ने भी अपने आपको टाइगर कहा था और आप भी कह रहे हैं। शिवराज और सिंधिया में से कौन टाइगर है? इस पर सिंधिया ने कहा कि दोनों।

 

और क्या बोले सिंधिया
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल की कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार का आलम था। इस दौरान प्रदेश को पूरी तरह से नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही थी। मुझे विश्वास है कि शिवराजजी के नेृत्व में जनसेवकों की टीम पूरे प्रदेश को राष्ट्र पटल पर स्थापित करने में समर्पित होगी।

सिंधिया ने कहा कि 100 दिनों में जो शिवराज जी ने कोरोना का सामना किया है, उसे निपटाने की कोशिश की है, जिस करोना के लिए कमलनाथ ने एक भी बैठक नहीं की, अपने कार्यकाल में। आज मैं शिवराजजी को साधुवाद देना चाहता हूं कि इस मुश्किल घढ़ी में अकेले होकर करोना का सामना किया, किसानों के हित में काम किया।

 

यह हैं सिंधिया समर्थक 11 मंत्री
गुरुवार को मंत्री पद की शपथ लेने वालों में एंदल सिंह कंसाना, प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी, महेन्द्र सिंह सिसौदिया, गोविंद सिंह राजपूत, प्रभुराम चौधरी, तुलसी सिलावट, गिर्राज दंडौतिया, ओपीएस भदौरिया, सुरेश धाकड़, बृजेन्द्र सिंह यादव, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, हरदीप सिंह डंग शामिल हैं। जबकि गोविंद सिंह राजपूत, तुलसी सिलावट पहले ही शपथ ले चुके हैं। इस तरह कमलनाथ सरकार में सिंधिया कोटे के 6 नेता मंत्री थे, जबकि शिवराज सरकार में सिंधिया कोटे के 11 नेताओं को मंत्री बनाया गया है।



ट्वीट के बाद ट्रोल हुए सिंधिया
मंत्रिमंडल विस्तार से थोड़ी देर पहले ही भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि अन्याय के खिलाफ छेड़ा गया संघर्ष ही धर्म है। इसके बाद सिंधिया भी ट्रोलर्स के निशाने पर आ गए। एक ट्रोलर ने लिखा है कि यदि अपना ईमान बेचना है धर्म है तो वाकई आप बहुत धार्मिक हैं। वहीं शिल्पा भारतीय नामक यूजर ने लिखा है कि आप कांग्रेस में थे तब भी यही बात कह रहे थे, अब भाजपा में हैं तब भी यह कह रहे हैं। जनता को कंफ्यूज मत करों और यह बताओ संघर्ष करना किसके खिलाफ है?

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