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विकास दुबे की लव स्टोरी / गैंगस्टर विकास ने कानपुर में 20 साल पहले दोस्त की बहन के साथ भागकर की थी शादी; सास-ससुर की कनपटी पर पिस्टल तान दी थी


  • विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे जिला पंचायत सदस्य है। वह बच्चे के साथ लखनऊ में रहती थी। जांच में सामने आया कि बिकरु गांव में स्थित घर का सीसीटीवी रिचा के मोबाइल फोन से कनेक्ट था। वह हर गतिविधि पर नजर रखती थी।विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे जिला पंचायत सदस्य है। वह बच्चे के साथ लखनऊ में रहती थी। जांच में सामने आया कि बिकरु गांव में स्थित घर का सीसीटीवी रिचा के मोबाइल फोन से कनेक्ट था। वह हर गतिविधि पर नजर रखती थी।

  • विकास दुबे ने करीब 20 साल पहले रिचा निगम उर्फ सोनू से लव मैरिज की थी
  • विकास के साले 15 साल पहले कानपुर छोड़कर मध्य प्रदेश के शहडोल में आकर रहने लगे
  • कानपुर शूटआउट के बाद यूपी एसटीएफ विकास के साले और भतीजे को उठाकर ले गई

शहडोल. यूपी पुलिस के लिए चुनौती बना 5 लाख का इनामी गैंगस्टर विकास दुबे का मध्य प्रदेश कनेक्शन सामने आने के बाद कुछ नई कहानियां सामने आई हैं। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के बुढ़ार कस्बे की रिचा निगम उर्फ सोनू से विकास ने करीब 20 साल पहले कानपुर में लव मैरिज की थी। इस शादी के रिचा के पिता और घरवाले खिलाफ थे। उनके विरोध करने पर विकास ने गन पॉइंट पर ले लिया था। इन दिनों विकास के काम रिचा खुद देख रही थी। 2 जुलाई को 8 पुलिसवालों को हत्या के बाद से रिचा भी फरार है। विकास की तलाश में 5 राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार को यूपी एसटीएफ की एक टीम विकास की ससुराल पहुंची। यहां से विकास के साले ज्ञानेंद्र निगम उर्फ राजू और भतीजे आदर्श को उठाकर ले गई है।

यूपी एसटीएफ सोमवार शाम को शहडोल के बुढ़ार पहुंची और विकास के साल के लड़के आदर्श को उठा लिया। उस समय आदर्श के पिता ज्ञानेंद्र बुढ़ार में नहीं थे। मंगलवार शाम को जब वे बुढ़ार पहुंचे तो सीधे एसपी से मिलने पहुंचे और अपना पक्ष रखा। बुढ़ार पुलिस ने रातभर ज्ञानेंद्र को थाने में रखा। इसके बाद बुधवार सुबह यूपी एसटीएफ की टीम फिर बुढ़ार पहुंची और ज्ञानेंद्र को भी अपने साथ ले गई।

25 साल पहले दोस्त था विकास, 20 साल पहले बहन से लवमैरिज की
मंगलवार शाम ज्ञानेंद्र ने पुलिस को बताया था कि वे और विकास 25 साल पहले अच्छे दोस्त थे। दो आपराधिक केसों में उसका विकास के साथ आने के बाद वह कानपुर से बुढ़ार आ गया। यहीं पर अपना कारोबार कर रहा है। करीब 20 साल पहले विकास ने उसकी बहन रिचा निगम से लवमैरिज की थी। इसके बाद उसका विकास और रिचा से कोई संबंध नहीं है। 10-15 साल से विकास से बात भी नहीं हुई है। ज्ञानेंद्र का कहना है कि विकास ने उसके कानपुर स्थित मकान पर कब्जा कर लिया था। बड़ी मुश्किल से वह फिर से कब्जा कर पाया है। हालांकि, पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर विकास का साला शहडोल के बुढ़ार कस्बा ही क्यों पहुंचा और उसने यहां रहकर भूसे का ही कारोबार करना क्यों चुना।

विकास की बुआ के घर आती थी रिचा
विकास दुबे की जो लव स्टोरी सामने आई है, उसके अनुसार विकास कानपुर में शास्त्री नगर में अपनी बुआ के घर पढ़ाई करने आया था। पड़ोस में रहने वाले एयरफोर्स कर्मी एचपी निगम की बेटी रिचा से उसकी मुलाकात हुई। रिचा को उसके पापा प्यार से सोनू कहते थे। रिचा से नजदीकी बढ़ाने के लिए विकास ने उसके भाई ज्ञानेंद्र से दोस्ती कर ली। दोस्ती इतना परवान चढ़ी कि विकास के हर काम में रिचा का भाई ज्ञानेंद्र साथ देने लगा। विकास का रिचा के घर आना-जाना शुरू हो गया। विकास किसी भी बहाने से रिचा के घर पहुंच जाता। धीरे-धीरे दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और एक दूसरे से प्यार करने लगे। इस बीच, विकास ने रिचा के माता-पिता के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। लेकिन उन्होंने दूसरी जाति में शादी करने से मना कर दिया।

रिचा को भगाकर ले गया था विकास
इसके बाद रिचा के पिता ने घर में पाबंदियां लगा दीं। विकास को भी घर आने से मना कर दिया। इससे गुस्साए विकास ने उनकी कनपटी पर पिस्टल लगा दी और जान से मारने की धमकी दी। विकास 1997 में रिचा को भगाकर ले गया और लव मैरिज कर ली। कुछ दिन बाद रिचा विकास को छोड़कर वापस आ गई। बाद में विकास की धमकियों के आगे हार मान गई और फिर साथ रहने लगी। इधर, रिचा का भाई विकास का राइट हैंड बनकर काम करने लगा। उस पर कई आपराधिक केस दर्ज हो गए।

राजू और उसकी पत्नी ने एसपी से मुलाकात की
मंगलवार को राजू निगम और उसकी पत्नी पुष्पा निगम पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे। इन दोनों ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि वह 15 साल पहले ही कानपुर छोड़कर बुढ़ार आकर रहने लगे। विकास दुबे से उनका कोई लेना-देना नहीं है। इन्होंने शपथ पत्र देकर कहा कि 15 साल से विकास के साथ कोई नाता भी नहीं है। पुष्पा निगम ने यूपी के मुख्यमंत्री से पति और बेटे को छोड़े जाने के निर्देश दिए जाने की मांग की। पुष्पा का कहना था कि विकास यहां न तो आता है और न ही हम लोग विकास के यहां जाते हैं। पुष्पा ने कहा है कि विकास ने जो कुछ भी किया है, वह गलत है और उसका परिणाम उसे भुगतना चाहिए

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