भोपाल की घटना / कमरे में दो भाइयों की लाश मिली, एक फंदे पर और दूसरा खून से लथपथ पड़ा था; बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को बुलाया


  • फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पुलिस को दूसरे फ्लैट के रास्ते अंदर जाना पड़ा।फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पुलिस को दूसरे फ्लैट के रास्ते अंदर जाना पड़ा।

  • 7 से 8 दिन पुरानी बताई जा रही लाशें, अंदर से कमरा बंद मिला
  • रिश्तेदार बोले- छोटा भाई बीमार होने के कारण 10 दिन से खाना नहीं खा रहा था

भोपाल. यहां बैरागढ़ इलाके में रविवार सुबह एक फ्लैट में दो भाइयों की लाशें मिलीं। दरवाजे बंद होने के कारण एक पुलिसकर्मी दूसरे फ्लैट की बालकनी के रास्ते अंदर पहुंचा। लाशें 7 से 8 दिन पुरानी बताई जा रही हैं। फ्लैट से बदबू आने पर पड़ोसियों ने सुबह पुलिस को सूचना दी थी।

बैरागढ़ थाने के टीआई शिवपाल सिंह कुशवाहा ने बताया कि इलाहाबाद बैंक रोड शिव मंदिर के पास एक बिल्डिंग के फ्लैट में 35 साल का नरेश लालवानी अपने बड़े भाई 37 वर्षीय भाई धर्मेश लालवानी के साथ रहता था। सुबह पड़ोसियों ने यहां लगातार बदबू आने की सूचना दी।

एक फर्श पर खून से लथपथ था, दूसरा फंदे पर लटका था
दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पुलिसकर्मी पड़ोसी के फ्लैट की बालकनी के रास्ते अंदर पहुंचा। यहां पर नरेश का शव फर्श पर खून से लथपथ मिला, जबकि धर्मेश दरवाजे के पास फंदे से लटका था। नरेश की लाश 7 से 8 दिन और धर्मेश की 3 से 4 दिन पुरानी लग रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों शव पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिए हैं। इसके बाद ही मौत का समय और कारणों का पता चल पाएगा।

पिता अजमेर में वृद्धाश्रम में रह रहे
पुलिस ने बताया कि यह मकान नरेश और धर्मेश का ही है। करीब 8 साल पहले उनके पिता दौलतराम अजमेर में एक वृद्धाश्रम में रहने चले गए। दोनों भाई तभी से साथ में रह रहे थे। उनकी एक बहन के भी अजमेर में होने की जानकारी मिली है।

बीमार नरेश 10 दिन से खाना नहीं खा रहा था
पुलिस को रिश्तेदारों ने बताया कि नरेश बीमार चल रहा था। कुछ दिनों से वह खाना भी नहीं खा रहा था। धर्मेश उसके कारण मानसिक तनाव में था। घटना को लेकर पुलिस अभी कुछ भी बोलने से बच रही है।

Comments

Popular posts from this blog

India-China Face Off: भारत-चीन के बीच हुआ युद्ध, तो जानें किसकी मिसाइल है ज्यादा कारगर?

मकर संक्रांति 2021 तिथि, शुभ मुहूर्त | मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है?

बड़ी ख़बर। महाराजपुरा पुलिस को मिली बड़ी सफलता