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Showing posts from June, 2020

मोदी की स्पीच के बाद राहुल का शेर / तू इधर-उधर की न बात कर, ये बता कि काफिला कैसे लुटा; सुषमा ने भी कभी मनमोहन के लिए संसद में यही शेर पढ़ा था

राहुल ने सोमवार को कहा था कि सरकार को पेट्रोल-डीजल से मुनाफाखोरी बंद करनी चाहिए। (फाइल फोटो) इस ट्वीट से पहले राहुल ने कहा था- कोरोना से सबसे ज्यादा नुकसान गरीबों को, सरकार न्याय योजना जैसी स्कीम लाए राहुल बोले- सरकार कहती है कि पैसे नहीं हैं, दूसरी तरफ बड़े उद्योगपतियों का टैक्स माफ कर देती है चीन से इंपोर्ट के मुद्दे पर कहा- भाजपा मेक इन इंडिया की बात करती है, लेकिन माल चीन से खरीदती है नई दिल्ली.  कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संदेश के बाद एक शायराना ट्वीट किया। उन्होंने किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन माना जा रहा है कि यह उनकी ओर से सरकार पर किया गया तंज है। Rahul Gandhi ✔ @RahulGandhi तू इधर उधर की न बात कर, ये बता कि क़ाफ़िला कैसे लुटा, मुझे रहज़नों से गिला तो है, पर तेरी रहबरी का सवाल है। 42.4 हज़ार 5:10 pm - 30 जून 2020 Twitter Ads की जानकारी और गोपनीयता 20.3 हज़ार लोग इस बारे में बात कर रहे हैं स्वर्गीय सुषमा स्वराज ने कभी इसी शेर से मनमोहन पर कटाक्ष किया था यूपीए की सरकार के समय जब एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे थे, तब लो

मप्र / 1 जुलाई को भी मंत्रिमंडल विस्तार के आसार नहीं, नए चेहरों में भोपाल से रामेश्वर, विष्णु खत्री, इंदौर से ऊषा, मालिनी और रमेश के नाम चर्चा में

रामेश्वर शर्मा एवं विष्णु खत्री राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को बुधवार को भोपाल आने का कार्यक्रम निरस्त हो गया है, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा अभी भी दिल्ली में ही हैं नए नामों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और संगठन मंत्री सुहास भगत से चर्चा की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का मंत्रिमंडल के विस्तार के 1 जुलाई को विस्तार होने के आसार न के बराबर नजर आ रहे हैं। मामला शिवराज की पसंद के मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से अटक गया है। केंद्रीय नेतृत्व ने मंत्रिमंडल में नए चेहरे शामिल किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसमें भोपाल से रामेश्वर शर्मा और विष्णु खत्री रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। वहीं इंदौर से ऊषा ठाकुर, रमेश मेन्दोला और मालिनी गौड़ के नाम बताए जा रहे हैं। इधर, खबर है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को बुधवार को भोपाल आने का कार्यक्रम निरस्त हो गया है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा अभी भी दिल्ली में ही हैं। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व को शिवराज के पिछले मंत्रिमंडल में शामिल रहे भूपेंद्र सिंह, राजेंद्र शुक्ल

विरोध / कम्प्यूटर बाबा बोले- शिवराज सरकार के आते ही रेत माफिया सक्रिय, अवैध खनन नहीं रुका तो हजारों संत नर्मदा किनारे रोकने पहुंचेंगे

बाबा ने शिवराज सरकार पर नर्मदा नदी के किनारे पौधारोपण को लेकर भी निशाना साधा था। देवास में 28 जून को माफियाओं ने पुलिसकर्मियों और एसडीओपी के चालक पर हमला किया था इंदौर.  कम्प्यूटर बाबा एक बार फिर शिवराज सरकार के खिलाफ मुखर हो गए हैं। मंगलवार को उन्होंने सरकार पर निशाना साधा और कहा- शिवराज सरकार के आते ही रेत माफिया सक्रिय हो गए हैं। पिछले दिनों जो खनिज अधिकारियों पर हमला हुआ, उसमें पुलिस जवान घायल हुए, वह बहुत ही निंदनीय है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध खनन नहीं होना चाहिए, चाहे वो नर्मदा हो या फिर अन्य नदी... ऐसा होने पर संत समाज चुप नहीं बैठेगा। हजारों साधु-संत नर्मदा किनारे आकर अवैध खनन को रोकेगा, चाहे इसके परिणाम जाे भी हों। यह है मामला रविवार शाम काे एसडीओपी ब्रजेश सिंह कुशवाह दो पुलिसकर्मियों के साथ कन्नौद से सतवास आ रहे थे, तभी उन्हें रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्राॅली नजर आई। उन्होंने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक आगे बढ़ गया। तब एसडीओपी की गाड़ी के चालक हिमांशु उतरकर ट्रैक्टर चालक के पास पहुंचे। आरोपी ट्रैक्टर चालक ने सीट के पास रखी लकड़ी और राॅड से हिमांशु पर ह

मध्य प्रदेश की सियासत / शिवराज तीसरे दिन दिल्ली से भोपाल लौटे; आज मंत्रिमंडल विस्तार टला, प्रदेश की राजनीति में कुछ बड़ा होने की अटकलें

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात करने दिल्ली पहुंचे थे। इसके बाद अचानक नरोत्तम मिश्रा को भी दिल्ली बुलाया गया था। -फाइल फोटो शिवराज ने शाह, नड्डा, तोमर और सिंधिया से मुलाकात की, सोमवार शाम मोदी से भी मिले सिंधिया का भोपाल दौरा रद्द हो गया है, वे मंगलवार सुबह भोपाल आने वाले थे वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव ने कहा- भाजपा भी कांग्रेस वाली गलती कर रही है भोपाल.  मध्य प्रदेश में शिवराज मंत्रिमंडल का 30 जून को होने वाला संभावित विस्तार टल गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह तीन दिन दिल्ली में रहकर मंगलवार सुबह भोपाल लौट आए। बताया जा रहा है कि संगठन 13 वरिष्ठ विधायकों की जगह युवा चेहरों को मौका देना चाहता है, जबकि शिवराज इससे सहमत नहीं हैं। मंत्रिमंडल विस्तार टलने के बाद प्रदेश की राजनीति में कुछ बड़ा होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। कल देवशयनी एकादशी है इसके बाद शुभ काम 5 महीने के लिए अटक जाएंगे। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि कोई रास्ता निकला तो कल मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है। शिवराज के साथ दिल्ली से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और संगठन महामंत्री

मध्यप्रदेश में सियासी घमासान / पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने सिंधिया का नाम लिए बगैर कहा- उनका तो इतिहास गवाह है, मंत्रिमंडल का नाम तय होते ही बड़ा विस्फोट होगा

शिवराज का पहले चेहरा अच्छा था, अब मुरझा गया, वे मसूस कर रहे भाजपा ने उन्हें चक्रव्यू में फंसा दिया सत्ता के लिए चुनी सरकार को गिराया, संविधान के जानकार मौन रहे, न्यायपालिका ने कोरोना को अनदेखा किया भोपाल.  भाजपा सरकार के 100 दिन पूरे होने पर कांग्रेस सरकार ने हमलावर तेवर अपनाते हुए एक के बाद एक आरोपों की झड़ी लगा दी। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा सिंधिया का नाम लिए बिना बोले- उनका तो इतिहास गवाह है। वह अब सरकार बनाने के लिए जोड़तोड़ कर रहे हैं। मंत्रिमंडल बनते ही बड़ा विस्फोट होगा। भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या की है। उसे इन उपचुनाव में इसका जवाब जनता को देना होगा। आज आम जनता सड़क पर आई है। सरकार अपने 100 की दिन उपलब्धि और मंत्रिमंडल के विस्तार में लगी है। इस पवित्र धरती पर जनता की सरकार गिराने का अपराध भाजपा ने किया है। शिवराज का चेहरा देखो। पहले अच्छा लगता था। अब मुरझा गया है। अब वे भी सोच रहे हैं कि भाजपा ने उन्हें चक्रव्यू में फंसा दिया। एक मुख्यमंत्री के पास ही मंत्रिमंडल बनाने के अधिकार संविधान ने दिए हैं, लेकिन मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश / कैबिनेट में इस बार शिवराज के पसंदीदा चेहरे नहीं होंगे, भूपेंद्र सिंह और रामपाल समेत सात विधायकों के मंत्री बनने पर संकट के बादल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार सुबह भोपाल लौटे। एक घंटे बाद ही वे मंत्रालय में कामकाज संभालने पहुंच गए।- फाइल फोटो। शिवराज अपनी टीम में कुछ भरोसेमंद चेहरों को रखना चाहते हैं पर केंद्रीय नेतृत्व इससे सहमत नहीं है वरिष्ठ नेताओं की मंशा नए चेहरों को मौका देने की है, इस बारे में शिवराज सिंह चौहान को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं भोपाल.  मध्य प्रदेश कैबिनेट विस्तार की प्रस्तावित सूची भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के रिजेक्ट किए जाने की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दिल्ली से भोपाल वापस आ गए हैं। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने मुख्यमंत्री से अपने पसंदीदा विधायकों की बजाय नए चेहरों को मंत्री बनाने के लिए कहा है। अगर ऐसा होता है तो शिवराज के पिछले मंत्रिमंडल में शामिल रहे भूपेंद्र सिंह, राजेंद्र शुक्ला, रामपाल सिंह, पारस जैन, विजय शाह, गौरीशंकर बिसेन और करण सिंह वर्मा का मंत्री बनना मुश्किल नजर आ रहा है। शिवराज अपनी टीम में कुछ भरोसेमंद चेहरों को रखना चाहते हैं, मगर केंद्रीय नेतृत्व इससे सहमत नहीं है, इसलिए वे एक बार फिर सभी पक्षों पर खुलकर बात करना चाहते

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