निर्भया केसः तिहाड़ जेल में चारों दोषियों को दी गई फांसी, देश में जश्न का माहौल


  • Nirbhaya Gang Rape Case: निर्भया की मां को मिला इंसाफ
  • चारों दोषियों को सूली पर लटकाया गया
  • 7 साल बाद निर्भया को मिला इंसाफ
नई दिल्ली। लंबा संघर्ष और तारीख पर तारीख मिलने के बाद आखिरकार निर्भया गैंगरेप (Nirbhaya Gang Rape Case ) के चारों दोषियों को फांसी दे दी गई। ठीक साढे 5 बजे चारों दोषियों को फांसी के फंसे पर लटकाया गया। तिहाड़ जेल के डॉयरेक्टर संदीप गोयल ने चारों दोषियों की फांसी के फंदे पर लटकाने की पुष्टि की।
दोषी अक्षय कुमार, मुकेश सिंह, पवन गुप्ता और विनय शर्मा को फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। तिहाड़ जेल के बाहर इस समय जश्न का माहौल बना हुआ है। देर रात सुप्रीम कोर्ट से दोषियों की याचिका खारिज होने के बाद चारों गुनहगारों को जल्लाद पवन ने सूली पर लटकाया।

Live Updates:
- निर्भया की मां ने न्यायापालिका और सरकार को धन्यवाद दिया
- निर्भया की मां ने कहा- सात साल बाद आखिरकार मिला इंसाफ
- तिहाड़ के डायरेक्टर संदीप गोयल ने चारों दोषियों की फांसी देने की पुष्टि की
- चारों दोषियों को फांसी दी गई
- जल्लाद ने फंदे की गाठ को चेक किया
- जल्लाद ने फांसी का फंदा दोषियों के गले में डाला
- निर्भया के दोषियों को फांसी देने वाली जगह पर लाया गया।
- तिहाड़ जेल के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
- तिहाड़ जेल के बाहर लोगों की भीड़


आज मेरी बेटी को इंसाफ मिला- आशा देवी
फांसी मिलने के बाद निर्भया की माता ने कहा कि आखिरकार 7 साल बाद निर्भया को इंसाफ मिला। निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि देर से ही सही लेकिन इंसाफ मिला। आज न्याय प्रक्रिया पर भरोसा बढ़ा है। आशा देवी ने कहा कि मुझे अपनी बेटी निर्भया पर गर्व है । मां का जो धर्म होता है उसे मैंने निभाया है। सात साल से अधिक लंबी लड़ाई में आखिर सच की जीत हो गई। आज का दिन निर्भया दिवस या महिला सुरक्षा दिवस के रूप में मनाएंगे। आज का दिन देश की बच्चियों के नाम होगा।

इस तरह हुई फांसी की तैयारी
निर्भया के दोषियों को फांसी से पहले आपको बता दें कि चारों दोषियों को अलग अलग सेल में रखा गया। उसके आस पास के सेल को खाली करा दिया गया।
उनके सेल के बाहर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई । ताकि वो लोग अपने आप को कोई भी नुकसान न पहुंचा सकें।
फांसी से डेढ़ घंटे पहले जल्लाद का काम शुरू
दोषियों से फांसी देने से करीब डेढ़ घंटे पहले पवन जल्लाद का काम शुरू हुआ। जल्लाद के जेल प्रशासन की मीटिंग हुई। मीटिंग के बाद कैदी के पैर बांधा गया । फांसी घर लाने से पहले कैदी के दोनों हाथ को रस्सी से बांधा गया।
इतने लोग मौजूद
फांसी देते समय बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मी मौजूद रहे। इसके साथ ही जेल सुप्रिटेंडेंट डॉक्टर भी मौजूद रहे।
शवों का होगा पोस्टमॉर्टम
चारों दोषियों को फांसी दिए जाने के बाद उनका पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। इस पोस्टमॉर्टम के जरिये ये चेक किया जाता है कि फांसी ठीक तरह से लगी या नहीं। जान फांसी लगने से ही गई या फिर ह्दय गति रुकने। गले की हड्डी ठीक से टूटी या नहीं।

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