घटेगा भाजपा में दिग्गजों का कद कांग्रेस को करना होगा रिफॉर्म 4 अंचल में सबसे ज्यादा उलटफेर



पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने से प्रदेश के सियासी समीकरण उलट-पुलट हो गए हैं सिंधिया के सामने भाजपा में दिग्गजों के कद विशाल बौने साबित होंगे तो दूसरी ओर कांग्रेश अनेक जिलों में लगभग खाली हो जाएगी अब कांग्रेस को इन खेलों में संगठन पूरी तरह भी रीफॉर्म करना होगा
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शिवराज सिंह चौहान पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में सबसे बड़ा चेहरा है सिंधिया के चेहरे के आने से प्रदेश में दूसरा बड़ा चेहरा खड़ा हो गया है दरअसल शिवराज की तरह सिंधिया भी जनता में लोकप्रिय हैं पिछले चुनाव में भी भाजपा ने नारा दिया था कि माफ करो महाराज हमारा नेता शिवराज लेकिन अब इस नारे के मायने ही बदल गए
नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर संभाग के दिग्गज नेता व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के सामने सिंधिया बड़ी चुनौती बनकर रहेंगे तो हमारा भी अंचल के सबसे बड़े नेता है भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद की दावेदारी से लेकर अन्य सभी मामलों में तोमर का नाम आगे रहता है लेकिन सिंधिया के आने के बाद समीकरण बदलेंगे तोमर का कद कम हो सकता है


प्रभात झा भाजपा उपाध्यक्ष प्रभात झा ने हमेशा सिंधिया को घेरने के लिए प्रयास किए इसके लिए फिर बाद में सिंधिया पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने से लेकर सियासी हमले तक की है लेकिन सिंधिया ने कभी भी कृपा जा को अपने कद का नेता नहीं माना और जवाब तक नहीं दिए सिंधिया में सपरिवार को अपने पूर्वजों का क्रम अधिकार मानते आए हैं अब झा  का कद छोटा हो जाएगा

यशोधरा राजे सिंधिया भाजपा नेता व पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के पद पर भी सिंधिया की एंट्री का असर पड़ेगा यशोधरा उनकी दुआएं यशोधरा ने जोती रादित्य फैसले का स्वागत भी किया है लेकिन आगे चलकर ग्वालियर चंबल में सिंधिया घराने में पहला नाम ज्योतिरादित्य हो जाएंगे इसका यशोधरा की राजनीतिक रसूख से लेकर पार्टी का महत्व तक पर असर पड़ेगा शिवराज के कार्यकाल में भी यशोधरा लूप लाइन में रही है

नरोत्तम मिश्रा पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक नरोत्तम मिश्रा का कद पिछले कुछ सालों में बेहद तेजी से बढ़ाएं इसके चलते नरेंद्र सिंह तोमर के बाद नरोत्तम दूसरे नंबर की ग्वालियर चंबल के नेता के तौर पर एक घड़ी में माने जाने लगे थे लेकिन सिंधिया की भाजपा में एंट्री नरोत्तम के बढ़ते कद बाकी में पर अंकुश लगा सकता है सिंधिया ग्वालियर चंबल और प्रदेश की सियासत के सबसे बड़ी चेहरे हो जाएंगे

जवान सिंह पवैया पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया की राजनीति ज्योतिरादित्य के विरोध पर ही टिकी रही है पहले माधवराव का विरोध किया फिर उनकी मृत्यु के बाद ज्योतिरादित्य का खुलेआम विरोध किया सियासत में सिंधिया को लेकर सबसे कड़वे बोल और विरोध जयभान ने ही किया जबकि ज्योतिरादित्य ने रिस्पांस नहीं दिया अब ज्योतिरादित्य भाजपा में आने की स्थिति में चयन के लिए अस्तित्व का संकट हो जाएगा

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