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संसद का बजट सत्र सोमवार से शुरू, कांग्रेस के पास नहीं नेता विपक्ष का नाम

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संसद का बजट सत्र 17 जून से होगा शुरू

कांग्रेस अब तक तय नहीं कर पाई नेता विपक्ष

16वीं लोकसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे थे नेता विपक्ष

नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र 17 जून यानी सोमवार से शुरू होने जा रहा है। खास बात यह है कि संसद के इस सत्र में अब तक कांग्रेस की ओर से नेता विपक्ष कौन होगा इसकी जानकारी ही नहीं है। कांग्रेस ने अब तक सदन में अपने नेता का नाम तय नहीं किया है। लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी और मोदी को घेरने के लिए विपक्ष ने महागठबंधन का डर दिखाया, लेकिन चुनाव परिणाम आते ही महागठबंधन तितर-बितर हो गया है। फिलहाल सत्ता पक्ष से सवाल करने वाली मजबूत आवाज किसकी होगी ये ही साफ नहीं है।
बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद संसद का पहला और अहम बजट सत्र कल से शुरू होने जा रहा है। इससे पहले पीएम मोदी ने रविवार को सर्वदलीय बैठक भी बुलाई। इस बैठक में उन्होंने अपने एजेंडे के मुताबिक चर्चा भी की,
लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि एक तरफ सत्ता पक्ष अपने एजेंडे पर लगातार आगे बढ़ रहा है। योजनाओं से लेकर मुद्दे तक सब सामने आ रहे हैं, लेकिन विपक्ष खास तौर पर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस ने अब तक उस चेहरे से पर्दा ही नहीं उठाया जो सत्ता पक्ष के आगे आवाज बुलंद कर सके।

बीजेपी की आंधी में उड़े खड़गे
मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल की बात करें तो कांग्रेस ने मल्लिकार्जुन खडगे को नेता विपक्ष बनाया था। हालांकि चुनाव कांग्रेस को सिर्फ 44 सीटें ही मिलीं जबकि नेता विपक्ष के लिए 54 सीट होना जरूरी है। कांग्रेस पूरे पांच साल बीजेपी से विपक्ष का दर्जा मांगती रही लेकिन बीजेपी नहीं दिया।
वहीं इस बार लोकसभा चुनाव में बीजेपी की ऐसी आंधी आई कि मल्लिकार्जुन खड़गे को भी अपना शिकार बना गई। लोकसभा चुनाव में कर्नाटक के गुलबर्गा से खड़गे हार का मुंह देखना पड़ा। लिहाजा वे नेता विपक्ष की दौड़ से बाहर हो गए।
इस बार भी सीटें कम
पिछले चुनाव में जहां कांग्रेस को 44 सीटों से संतोष करना पड़ा था। वहीं इस बार भी पार्टी के पास 52 सीटें ही हैं। ऐसे में नेता विपक्ष के लिए जरूरी आंकड़े से अब तक दो सीट कम हैं। 
शशि थरूर कर चुके पेशकश
कांग्रेस की ओर से अब तक किसी नेता के नाम का ऐलान नहीं हुआ। पार्टी उस चेहरे से अब तक पर्दा नहीं उठा पाई है जो मोदी की नीतियों या जनता की आवाज को सदन में प्रस्तुत कर सके। हालांकि शशि थरूर कह चुके हैं कि पार्टी चाहे तो वो नेता विपक्ष बनने को तैयार हैं।
अभी होंगे प्रशासनिक काम
दरअसल 17 जून से भले ही संसद का सत्र शुरू हो रहा है, लेकिन शुरू के दो-तीन दिन नव निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाने में निकल जाएंगे। इसके अलावा प्रशासनिक काम भी शामिल रहेंगे। करीब 20 जून से वास्तविक रूप से सत्र का काम शुरू होगा।

फिलहाल कोई जवाब नहीं
कांग्रेस प्रवक्ता राजीव त्यागी से जब पत्रिका ने बात की तो उन्होंने इस मुद्दे पर बात करने से ही इनकार कर दिया। इशारा साफ है फिलहाल कांग्रेस के पास इस सवाल का जवाब ही नहीं है। दरअसल बात सिर्फ कांग्रेस की नहीं पूरे विपक्ष में अभी एकजुटता दिखाई नहीं दे रही है।
सोनिया गांधी को लेना है फैसला
कांग्रेस से सत्ता पक्ष का सामना कौन करेगा इसका फैसला पार्टी चेयरपर्सन सोनिया गांधी को करना है। आपको बता दें कि इस बार कांग्रेस के कई दिग्गज लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त झेल चुके हैं। इनमें शीला दीक्षित, दिग्विजय सिंह समेत कई पूर्व मुख्यमंत्री शामिल हैं।
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