Skip to main content

लोकसभा के साथ ही होंगे पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव! मार्च के पहले हफ्ते में तारीखों का ऐलान



लोकसभा चुनाव के साथ-साथ आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम और ओडिशा के विधानसभा चुनाव भी कराए जा सकते हैं।


नई दिल्ली। 'वन नेशन, वन इलेक्शन' की कोशिशों में लगी केंद्र की मोदी सरकार को एक बड़ी कामयाबी मिली है। दरअसल, ऐसी खबर आई है कि 2019 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ पांच अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव भी कराए जा सकते हैं और इसको लेकर चुनाव आयोग ने तैयारियां भी पूरी कर ली हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोकसभा चुनाव के साथ-साथ आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम और ओडिशा के विधानसभा चुनाव भी कराए जा सकते हैं। इन तीनों ही राज्यों में कार्यकाल उसी वक्त खत्म होगा, जब 2019 के लोकसभा चुनाव का समय होगा।

मार्च के पहले हफ्ते में हो सकता है तारीखों का ऐलान

इसके अलावा लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान भी मार्च के पहले हफ्ते में किया जा सकता है। वर्तमान लोकसभा का कार्यकाल 3 जून को खत्म हो रहा है और इसके साथ तीन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल भी 3 जून को ही खत्म हो रहा है। चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आयोग ने सभी प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ पिछले हफ्ते बैठक करने के बाद अपना फाइनल होमवर्क शुरू कर दिया है। इसके अलावा 6 से 7 चरणों में लोकसभा चुनाव होने की संभावना है।

- पांच राज्यों में चार राज्यों के चुनाव तो पिछले दो लोकसभा चुनावों के साथ ही होते आ रहे हैं, लेकिन इस बार जम्मू-कश्मीर का चुनाव भी साथ हो सकता है और इसकी वजह है जम्मू-कश्मीर विधानसभा का भंग होना है। हालांकि जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव इस बार साथ होता है तो 2024 में होने वाले अगले लोकसभा चुनाव में यह क्रम टूट जाएगा क्योंकि जम्मू-कश्मीर विधानसभा का कार्यकाल 6 साल का होता है।

- जानकारी के मुताबिक, चुनाव आयोग अब आम चुनाव के लिए मतदान के चरणों और इलाकों की पहचान कर रहा है। चुनाव आयोग की बैठक में तारीखों के ऐलान से पहले स्थानीय तीज-त्योहार, परीक्षा, मौसम, खेती के अलावा सुरक्षा बलों की उपलब्धता और उनकी तैनाती जैसे मसलों पर गंभीर मंथन चल रहा है।

Comments

Popular posts from this blog

मकर संक्रांति 2021 तिथि, शुभ मुहूर्त | मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है?

मकर संक्रांति मकर संक्रांति  का भारतीय धार्मिक परम्परा में विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन सूर्य धनु राशि को छोड़ कर मकर राशि में प्रवेश कर उत्तरायण में आता है। शास्त्रों के अनुसार यह सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है और इसीलिए इस दिन जप, तप, दान, स्नान का विशेष महत्व है।  मकर संक्रांति  परंपरागत रूप से 14 जनवरी या 15 जनवरी को मनाई जाती आ रही है।  मकर संक्रांति  में ‘मकर’ शब्द मकर राशि को इंगित करता है जबकि ‘संक्रांति’ का अर्थ संक्रमण अर्थात प्रवेश करना है।  मकर संक्रांति  के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। एक राशि को छोड़कर दूसरे में प्रवेश करने की इस विस्थापन क्रिया को संक्रांति कहते हैं। शास्त्रों के नियम के अनुसार रात में संक्रांति होने पर अगले दिन भी संक्रांति मनाई जाती है। मकर संक्रांति  के दिन सूर्य दक्षिणायन से अपनी दिशा बदलकर उत्तरायण हो जाता है अर्थात सूर्य उत्तर दिशा की ओर बढ़ने लगता है, जिससे दिन की लंबाई बढ़नी और रात की लंबाई छोटी होनी शुरू हो जाती है। भारत में इस दिन से बसंत ऋतु की शुरुआत मानी जाती है। अत:  मकर संक्रांति  को उत्तरायण के नाम से भी जाना जाता है। तम

रफत वारसी भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष बनाये गए

मध्य प्रदेश भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे की जवाबदारी प्रदेश के  युवा व वरिष्ठ नेता श्री रफत वारसी के हाथों में  मध्य प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णु दत्त शर्मा ने मध्य प्रदेश के भाजपा संगठन का विस्तार किया है जिसमें मोर्चे के नए प्रदेश अध्यक्षों की भी नियुक्ति की गई है जिसमें मध्य प्रदेश के वरिष्ठ व युवा नेता श्री रफत वारसी को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की जवाबदारी सौंपी गई है श्री रफत वारसी मध्यप्रदेश में एक उभरते हुए अल्पसंख्यक चेहरे है और भाजपा आलाकमान ने नए चेहरे के रूप में श्री वारसी साहब को यह नई जवाबदारी सौंपी है जिससे मध्य प्रदेश में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा और मजबूत होने की संभावना बढ़ गई है वर्तमान में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा में नई और युवा पीढ़ी के लोग अधिकतर काम कर रहे हैं और वारसी साहब के प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से इसमें और अधिक वृद्धि होगी क्योंकि नए प्रदेश अध्यक्ष श्री वारसी साहब मध्यप्रदेश में अल्पसंख्यक समाज में अपनी गहरी पैठ रखते हैं उनके प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा बेहतर

शहीद हसमत वारसी जी के सुपुत्र रफत वारसी को मिला प्रदेश में महत्वपूर्ण पद

    शहीद हसमत वारसी जी  के सुपुत्र रफत वारसी को मिला प्रदेश में महत्वपूर्ण  पद          वी डी शर्मा जी ने गले लगा कर दी बधाई      मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी से आशीर्वाद लेते हुए       वी डी  शर्मा जी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  ने दिया आशीर्वाद          अपनी माँ परवीन वारसी जी से दुआयें  लेते हुए रफत वारसी ने किया पदभार ग्रहण 17 जनवरी 2021 को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष रफत वारसी ने किया पदभार ग्रहण रफत वारसी ने कहा मुस्लिम समाज में कई तरह के भ्रम हैँ जिन्हे दूर करने के लिए एक दल के साथ पुरे प्रदेश का भ्रमण करेंगे ! साथ ही उन्होंने पदभार ग्रहण में आये हुए  सभी  साथियों का तहे दिल से शुक्रिया  अदा किआ 

SHOP WITH US Apparel & Accessories