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भारत का नाम रोशन करने वाले क्रिकेटर की जब किसी ने नहीं की मदद तो आगे आए पठान ब्रदर्स और दिया



क्रिकेट न सिर्फ भारत बल्कि पूरे विश्व में इसके प्रशंसक देखे गए हैं। यहाँ तक कि कहा भी जाता है अगर आपको दौलत और शोहरत साथ कमानी हैं खेल की दुनिया से अच्छा कोई फील्ड नहीं जिसमे क्रिकेट अव्वल दर्जे पर आता है। भारत में क्रिकेट जुनून किस हद तक है इसे शायद लफ्जो में बयान नही किया जा सकता है। आज हम इन बातों से थोड़ा हट कर आपको कुछ बताने जा रहे हैं। बात दुख वाली हैं लेकिन आपको इंडियन क्रिकेट टीम के लोकप्रिय,
खिलाड़ी यूसुफ पठान पर गर्व महसूस होगा। बात दरअसल यह है कि इंडियन क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी मौत से जूझ रहे हैं। भारतीय टीम के लिए इंटरनेशनल मैच खेल चुके जैकब मार्टिन ज़िन्दगी और मौत की जंग लड़ रहे है लेकिन आज उनके पास इतना पैसा नहीं के वह अपने परिवार को भी खिला सके। अब 46 वर्ष के हो चुके दाई हाथ के बल्लेबाज जैकब मार्टिन ने भारत के लिए 1999 से 2001 बिच में 10 एक दिवसीय मैच खेल चुके हैं।
दरअसल हुआ यह था कि जैकब एक दिन स्कूटर से कही जा रहे थे, और उनका एक्सीडेंट हो गया। यह घटना 28 दिसंबर को हुआ था जिसके बाद से वह हॉस्पिटल में भर्ती हैं। इलाज में काफी पैसे खर्च हुए और उसके बाद उनके परिवार ने बीसीसीआई से मदद मांगी। बीसीसीआई के तरफ से 5 लाख की राशी से मदद की गई लेकिन इतना पैसा सिर्फ काफी नही था। आपको बता दें कि जैकब मार्टिन की कप्तानी में ही बड़ोदरा रणजी ट्राफी भी जीत चुके हैं।
बीसीसीआई के पूर्व-सचिव और बड़ोदरा संग के सचिव संजय पटेल जैकब मार्टिन के इलाज के लिए फंड जुटाने का काम कर रहे है । इन्होंने जाहिर खान और उनके भाइयों से भी मद्दत के लिए बात की। वहीं यूसुफ पठान ने भी इनकी मद्दत के लिए हाथ बढ़ाया और 11 लाख रुपए दिए। आपको बता दें कि एक समय यह भी आगया था जब जैकब की दवाइयां भी बंद कर दी गई थी पैसे नहीं होने के कारण लेकिन यूसुफ पठान ने इनका हॉस्पिटल का सारा बिल भर दिया और अब इनका इलाज सही तरीके से हो रहा है।

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