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सम्मान पाकर खिले साहित्यकारों के चेहरे, नव सृजन को मिली भावात्मक ऊर्जा

सम्मान पाकर खिले साहित्यकारों के चेहरे, नव सृजन को मिली भावात्मक ऊर्जा


Updated On: Dec, 31 2018


संभागीय साहित्यकार सम्मेलन का समापन


सागर. बुंदेलखंड हिंदी साहित्य, संस्कृति विकास समिति के तत्वावधान में आयोजित 2 दिवसीय संभागीय साहित्यकार सम्मेलन का समापन बड़ा बाजार स्थित बीएस जैन धर्मशाला में किया गया। इस मौके पर अलग-अलग विद्याओं में पारंगत २० लोगों को सम्मान से नवाजा गया। 
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. उदय जैन ने की। शुकदेव प्रसाद तिवारी, केके सिलाकारी व केके बख्शी विशिष्ट आतिथ्य थे। संचालन मंच के महामंत्री मणीकांत चौबे ने किया। अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के पूजार्चन उपरांत ऐश्वर्या दुबे ने सरस्वती वंदना की। वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मीनारायण चौरसिया ने 24 वर्षों की साहित्य यात्रा और इस अवधि नें सम्पन्न हुईं 1248 काव्य गोष्ठियों का विवरण दिया।
इन्हें सम्मानित किया गया- सुधारानी डालचंद जैन सम्मान. डॉ चंचला दवे सागर। कपूर बैसाखिया तहलका सम्मान डॉ. सीताराम श्रीवास्तव भावुक सागर। पं श्रीकृष्ण दत्त द्विवेदी सम्मान आरके तिवारी सागर। पं ज्वालाप्रसाद ज्योतिषी सम्मान. पं ओमप्रकाश तिवारी ओम् कुंडेश्वर टीकमगढ़। पं राधेलाल सिलाकारी सम्मान मानसिंह बघेल पृथ्वीपुर। सेठ भगवानदास दाजी सम्मान. मुरलीधर खरे पलेरा। जगदीश तिवारी बदनाम सम्मान. कुंजीलाल पटेल मनोहर छतरपुर। डॉ. ् पन्नालाल जैन साहित्याचार्य सम्मान. नरेन्द्र कुमार जैन शिक्षार्थी बड़ा मलहरा। वीरांगना सहोद्रा बाई राय सम्मान रामकिशन अहिरवार नीरव बिजावर। ऋषभदेव चौबे सम्मान. सुशील खरे वैभव, बेनीसागर पन्ना। कार्तिकेय गुप्ता युवा स्मृति सम्मान राजेन्द्र शर्मा राही पन्ना। सेठ मोतीलाल जैन दाऊ सम्मान. जगदीश कुमार कुशवाहा पन्ना। पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी सम्मान. डॉ. मनीषा दुबे दमोह। वाहिद सागरी सम्मान शायर ताविश नैय्यर अब्दुल कय्यूम दमोह। ठाकुर भवानीसिंह सम्मान कुंजबिहारी लाल अहिरवाल केबीएल दमोह। 
विशिष्ट सम्मान
साहित्य सृजन और समाज सेवा के लिए-सुनील अवस्थी एडवोकेटए बिजावरएछतरपुर। संवेदना सम्मान मानवीय संवेदना एवं जन सेवा के लिए डॉ. आराधना झा एमएस सागर
विशेष सम्मान
साहित्य सृजन के लिए बिहारी सागर कवि सागर। बहुमुखी प्रतिभा सम्मान स्व. सुमि अनामिका साक्षी। बहुमुखी युवा प्रतिभा सम्मान राजुल बेटी सुमन सागर। इसके अलावा शालेय एवं महाविद्यालयीन बौद्धिक प्रतिभा के प्रतिभागियों को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया साथ ही डॉ. जीआर साक्षी द्वारा संपादित पुस्तक शुद्ध जलाग्रह एवं पं. पीएन भट्ट द्वारा लिखित पंचांग आर्य भट्ट का लोकार्पण भी किया गया।

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