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मुरैना कांग्रेस में बगावत, ऐदल सिंह को मंत्री ना बनाने पर ब्लॉक अध्यक्ष ने दिया इस्तीफ़ा




The Voice Of MP Dharmendra sikarwar:शर्मा ने लिखा है मंत्रिमंडल विस्तार में भारी असंतुलन है. इससे श्योपुर-मुरैना में कांग्रेस में भारी रोष है. ऐदल सिंह को मंत्री ना बनाए जाने से सर्व समाज में भारी गुस्सा है.


    


कमलनाथ मंत्रिमंडल के गठन के बाद शुरू हुआ असंतोष अब इस्तीफे की राजनीति तक पहुंच गया है. मंत्रिमंडल में जगह ना मिलने से नाराज़ मुरैना के कांग्रेसियों ने इस्तीफा देना शुरू कर दिया है. विधायक ऐदल सिंह कंसाना को मंत्री ना बनाए जाने से नाराज़ उनके समर्थक मदन शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है. शर्मा बागचीनी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं. उन्होंने चेतावनी दी है कि और भी कई लोग इस्तीफा दे सकते हैं.


15 साल बाद सत्ता में आयी कांग्रेस के सामने एक के बाद एक कई संकट खड़े हो रहे हैं. पहले कैबिनेट बनने में देर लगी और अब विभागों का बंटवारा नहीं हो पा रहा है. उसी के बीच अब मंत्री पद ना मिलने के कारण पार्टी में बगावत शुरू हो गयी है. इसकी शुरुआत मुरैना से हो चुकी है.


ऐदल सिंह कंसाना मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से नाराज़ चल रहे हैं. अब उनके समर्थक मदन शर्मा ने सीएम कमलनाथ को अपना इस्तीफा भेज दिया है. पत्र में उन्होंने इस्तीफे की यही वजह लिखी है. शर्मा ने लिखा है कि श्योपुर-मुरैना की 8 में से 7 सीटों पर कांग्रेस जीतकर आयी है. कंसाना लगातार 4 बार से विधायक चुने जा रहे हैं. इसके बावजूद इस क्षेत्र को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया. इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में मायूसी है.


शर्मा ने लिखा है मंत्रिमंडल विस्तार में भारी असंतुलन है. इससे श्योपुर-मुरैना में कांग्रेस में भारी रोष है. ऐदल सिंह को मंत्री ना बनाए जाने से सर्व समाज में भारी गुस्सा है. इसका भारी नुक़सान कांग्रेस को उठाना पड़ सकता है. मदन शर्मा ने पत्र में लिखा है कि आगे और भी कई पदाधिकारी इस्तीफ़ा दे सकते हैं. शर्मा ने इस बात के लिए सीएम कमलनाथ का धन्यवाद अदा किया कि वादे के मुताबिक उन्होंने किसानों के कर्ज़माफी और गौशाला की घोषणा की.


इससे पहले मंगलवार को ऐदल सिंह कंसाना के समर्थकों ने धरना देकर और सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया था.

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