मुश्किल में कमलनाथ, सिंधिया समर्थकों ने कहा- महाराज नहीं बने प्रदेश अध्यक्ष तो सरकार के खिलाफ करेंगे वोट

मुश्किल में कमलनाथ, सिंधिया समर्थकों ने कहा- महाराज नहीं बने प्रदेश अध्यक्ष तो सरकार के खिलाफ करेंगे वोट

भोपाल. मध्यप्रदेश कांग्रेस में सरकार के गठन से पहले ही अंतर्कलह शुरू हो गया है। सिंधिया समर्थक विधायकों ने दिल्ली में ज्योतिरादित्य सिंधिया के घर के सामने हंगामा शुरू कर दिया है। सिंधिया समर्थक विधायक और कार्यकर्ता ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग पर अड़ गए हैं। विधायकों का कहना है कि अगर महाराज सिंधिया को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनाया गया तो वह सरकार के खिलाफ वोटिंग करेंगे। बता दें कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की जीत के बाद कांग्रेस ने कमलनाथ को सीएम घोषित किया है। विधानसभा चुनाव के दौरान ही सिंधिया और कमलनाथ को सीएम बनाए जाने की मांग की जा रही थी।

शनिवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया के दिल्ली स्थित आवास के बाहर उनके समर्थकों ने जोरदार हंगामा किया। समर्थकों की मांग है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनाया जाए और इसके साथ-साथ उन्हें मध्य प्रदेश कांग्रेसका अध्यक्ष भी बनाया जाए। हालांकि इस मामले में ज्योतिरादित्य सिंधिया का कोई बयान सामने नहीं आया है। एक वीडियो जरूर सामने आया है जिसमें सिंधिया कार्यकर्ताओं को समझाते हुए दिख रहे हैं। वहीं कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर हमारे महाराज को पद नहीं मिला तो हम आत्महत्या कर लेंगे।

क्यों उठ रही है मांग कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद अब प्रदेश अध्य़क्ष का पद खाली हो जाएगा। कांग्रेस के सीएम के रेस में भी सिंधिया मजबूत दावेदार थे लेकिन पार्टी आलाकमान ने उनकी जगह कमलनाथ के हाथों में राज्य की बागडोर सौंप दी। इसके बाद से ही सिंधिया के समर्थक नाराज हैं और अब वह उन्हें पार्टी प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग कर रही है।

सिंधिया के किया था पोस्ट कमलनाथ के सीएम घोषित होने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए जनता को संदेश दिया था कि कांग्रेस जनता से किए वादे को पूरा करेगी। इसके साथ ही उन्होंने मजरूह सुल्तानपुरी का शेर पोस्ट करते हुए लिखा था, मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया"

17 का शपथ लेंगे कमलनाथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ की ट्विटर एक फोटो पोस्ट की थी उन्होंने उसमें लिखा था समय और धैर्य सबसे बड़े योद्धा हैं। इसके बाद कमलनाथ को मध्यप्रदेश का सीएम घोषित किया गया था। कमलनाथ के सीएम घोषित किए जाने के बाद भोपाल में उनके शपथ ग्रहण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कमलनाथ 17 को मध्यप्रदेश के सीएम के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे।

क्यों नहीं बने सीएम जानकारों का मानाना है कि राहुल गांधी ने 2019 की चुनावी तैयारी को देखते हुए कांग्रेस और अन्य पैनलों में पुराने नेताओं को शामिल कर रखा है। कांग्रेस को ऐसे युवा नेतृत्व की ज़रूरत है जिसे पुराने नेताओं का सहयोग हासिल हो। यही वजह है कि कांग्रेस में कुछ समय से पुराने नेता फिर से एक्शन में हैं।

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